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फले फूले कैसे ये गूंगी मोहब्बत, न वो बोलते हैं, न हम बोलते हैं...
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नगर के मोहल्ला नबावान में दीवानखाना में मुशायरे का आयोजन किया गया। जिसमें शायर शरव नान पारवी ने शेर पढ़ते हुए कहा कि मोहब्बत का कानों में रस घोलते हैं, ये उर्दू जुबां है जो हम बोलते हैं। फले फूले कैसे ये गूंगी मोहब्बत, ना वो बोलते हैं ना हम बोलते हैं।
सोमवार की रात शहर के दीवान खाना में आयोजित मुशायरे में अमेरिका से आए खालिद हसन उर्फ नय्यर खान ने शमा रोशन की। छोटी उम्र के शायर अकरम हसनपुरी ने एक शेर पढ़ा।
उन्होंने कहा कि आंखों को अपनी आज भी फिर लौटना पड़ेगा, निकलने दो मेरा दम, शकील गोश और वसीम बरेलवी ने ऑनलाइन मुशायरे में भाग लिया और अपनी शायरी सुनाई। डॉ जावेद नसीमी ने कुछ यूं कहा एक हम तो नहीं सिर्फ किनारे लग गए, जाने कितने तेरी चाहत में ठिकाने लग गए।
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मंसूर उस्मानी ने फरमाया कोई हस के हसा कर टूट गया, कोई आंसू बहा के टूट गया, इतने चेहरे थे उसके चेहरे पर आइना तंग आकर टूट गया। अकील नोमानी ने फरमाया कि कितने जहरीले हो गए हैं। कुछ लोग, सांप भी उनको बंधाई देने लगे। अजहर इनायती ने फरमाया कि संभल कर चलने का सारा गुरु टूट गया, एक ऐसी बात कही उसने लड़खड़ाते हुए। प्रोग्राम की निजामत मंसूर उस्मानी व सदारत अजहर इनायती ने की।
इस मौके पर नाजम खां, शकील चौधरी, बदर कुरैशी, हाजी शहजाद खां, राशिद खां, शुऐब खां, तारिक मोहम्मद खां, वसीम खां, जावेद जरताब, शाहनवाज अंसारी, हन्नान अंसारी, आफताब खां, खुर्रम आजाद खां, याकूब अंसारी, फैज अहमद मौजूद रहे।
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सोमवार की रात शहर के दीवान खाना में आयोजित मुशायरे में अमेरिका से आए खालिद हसन उर्फ नय्यर खान ने शमा रोशन की। छोटी उम्र के शायर अकरम हसनपुरी ने एक शेर पढ़ा।
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उन्होंने कहा कि आंखों को अपनी आज भी फिर लौटना पड़ेगा, निकलने दो मेरा दम, शकील गोश और वसीम बरेलवी ने ऑनलाइन मुशायरे में भाग लिया और अपनी शायरी सुनाई। डॉ जावेद नसीमी ने कुछ यूं कहा एक हम तो नहीं सिर्फ किनारे लग गए, जाने कितने तेरी चाहत में ठिकाने लग गए।
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मंसूर उस्मानी ने फरमाया कोई हस के हसा कर टूट गया, कोई आंसू बहा के टूट गया, इतने चेहरे थे उसके चेहरे पर आइना तंग आकर टूट गया। अकील नोमानी ने फरमाया कि कितने जहरीले हो गए हैं। कुछ लोग, सांप भी उनको बंधाई देने लगे। अजहर इनायती ने फरमाया कि संभल कर चलने का सारा गुरु टूट गया, एक ऐसी बात कही उसने लड़खड़ाते हुए। प्रोग्राम की निजामत मंसूर उस्मानी व सदारत अजहर इनायती ने की।
इस मौके पर नाजम खां, शकील चौधरी, बदर कुरैशी, हाजी शहजाद खां, राशिद खां, शुऐब खां, तारिक मोहम्मद खां, वसीम खां, जावेद जरताब, शाहनवाज अंसारी, हन्नान अंसारी, आफताब खां, खुर्रम आजाद खां, याकूब अंसारी, फैज अहमद मौजूद रहे।