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Amroha News: जांच में गरम मसाले और कुट्टू के आटे में मिला कीटनाशक
Wed, 07 May 2025 12:50 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 07 May 2025 12:50 AM IST
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अमरोहा। खाद्य पदार्थों में हो रही मिलावट से लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इसका खुलासा खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए नमूनों से हुआ है। विभाग द्वारा लिए गए गरम मसालों व कुट्टू के आटे के नमूनों में कीटनाशक की मात्रा की अधिक पाई गई। पिछले साल शिवरात्रि पर हसनपुर विधायक समेत कई लोग जिस कुट्टू के आटे को खाकर बीमार हुए थे, उसके नमूने में भी निर्धारित मात्रा से आठ गुना अधिक कीटनाशक पाया गया है। विभाग द्वारा ऐसे नौ मामलों में सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया गया है।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर जिले भर में मिलावट को रोकने के लिए अभियान चलाया जाता है, लेकिन इसके बाद भी मिलावट पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जिले में विभाग द्वारा आए दिन खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाते हैं। जांच में अधोमानक मिलने पर एडीएम कोर्ट से जुर्माने की कार्रवाई की जाती है। जबकि मिलावट मिलने पर सीजेएम कोर्ट में वाद दायर कराया जाता है। पिछले दिनों विभाग द्वारा लिए गए गरम मसालों व कुट्टू आटे के नमूनों में कीटनाशक की मात्रा अधिक पाई गई है। जिससे सभी नौ मामलों में सीजेएम कोर्ट में वाद दायर कराया गया है।
जिस कुट्टू आटे को खाकर बीमार हुए थे विधायक, उसमें भी थी मिलावट
मार्च 2024 में शिवरात्रि के मौके पर हसनपुर में विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी व उनकी पत्नी समेत शहर में करीब 20 से अधिक लोग कुट्टू का आटा खाने के बाद बीमार हुए थे। इसके बाद अभिप्योर ब्रांड कंपनी के कुट्टू के आटे का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया था। साथ ही इस कंपनी के आटे की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई थी। शुरू में नमूने की जांच में किसी तरह की मिलावट नहीं पाई गई। जिसके बाद विभागीय अधिकारियों ने अपील करते हुए फिर से दूसरी लैब में नमूने की जांच कराई। जिसमें आटे में कीटनाशक की मिलावट सामने आई। दीपक अग्रवाल की दुकान से लिए गए इस नमूने में निर्धारित मात्रा से आठ गुना अधिक पेस्टीसाइड पाया गया। अधिकारियों के अनुसार 0.01 पीपीएम तक पेस्टीसाइड की मात्रा आ सकती है, लेकिन इस नमूने में 0.08 पीपीएम पेस्टीसाइड की मिलावट मिली थी। इसके अलावा मंडी धनौरा में सुनील कुमार की दुकान से लिए गए कुट्टू आटे में निर्धारित मात्रा से अधिक नमी व पेस्टीसाइड की मिलावट मिली थी।
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इनसे लिए नमूनों में पाई गई मिलावट
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जफर जमील एंड ब्रदर्स, आजम ट्रेडर्स, एलएम गोल्ड, एनएस मसाले से लिए गए गरम मसालों के नमूनों में पेस्टीसाइड की मिलावट पाई गई। इसके अलावा नौगांवा सादात से सफदर रजा के किराना स्टोर से लिए गए अरहर की दाल में प्रतिबंधित रंग की मिलावट मिली है। इसके अतिरिक्त मंडी धनौरा के संजय किराना स्टोर से लिए गए मिर्च पाउडर के नमूने में प्रतिबंधित रंग सूडान-II की मिलावट मिली। वहीं, अमरोहा के मोहल्ला कोट में शहजाद आलम की बिरयानी की चटनी में मिलाए गए रंग की मात्रा भी दोगुने से अधिक पाई गई है। चटनी में 225 पीपीएम की मिलावट पाई गई है, जबकि 100 पीपीएम तक इसकी निर्धारित मात्रा है। इसके अलावा मोहम्मद इलियास की बिरयानी की चटनी में भी रंग की अधिक मिलावट पाई गई है।
इनकी मिली मिलावट
कार्बेंडाजिम, क्लोरोपायरीफॉस, एजोक्सीस्ट्रोबिन, टोल्फेनपाइराइड आदि की मात्रा पाई गई है।
मिलावट के 12 मामलों में मुकदमे को स्वीकृति का इंतजार
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा विनय कुमार ने बताया कि मिलावट के ऐसे ही 12 अन्य मामलों की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा आयुक्त लखनऊ से वाद दायर कराने के लिए पत्रावली अनुमोदन के लिए भेजी गई है। अनुमोदन मिलने के बाद ही उन मामलों में भी वाद दायर कराया जाएगा।
तीन माह तक की सजा का है प्रावधान
विभागीय अधिकारियों के अनुसार मिलावट के मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अनुसार धारा 59 (i) के तहत तीन माह की जेल व दो लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
मिलावटखोरी को रोकने के लिए जिले में समय-समय पर अभियान चलाकर नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाते हैं। जिसमें मिलावट पाए जाने पर वाद दायर कराने की कार्रवाई की जाती है। फिलहाल ऐसे ही नौ मामलों में वाद दायर कराए गए हैं।
- विनय कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
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खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर जिले भर में मिलावट को रोकने के लिए अभियान चलाया जाता है, लेकिन इसके बाद भी मिलावट पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। जिले में विभाग द्वारा आए दिन खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाते हैं। जांच में अधोमानक मिलने पर एडीएम कोर्ट से जुर्माने की कार्रवाई की जाती है। जबकि मिलावट मिलने पर सीजेएम कोर्ट में वाद दायर कराया जाता है। पिछले दिनों विभाग द्वारा लिए गए गरम मसालों व कुट्टू आटे के नमूनों में कीटनाशक की मात्रा अधिक पाई गई है। जिससे सभी नौ मामलों में सीजेएम कोर्ट में वाद दायर कराया गया है।
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जिस कुट्टू आटे को खाकर बीमार हुए थे विधायक, उसमें भी थी मिलावट
मार्च 2024 में शिवरात्रि के मौके पर हसनपुर में विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी व उनकी पत्नी समेत शहर में करीब 20 से अधिक लोग कुट्टू का आटा खाने के बाद बीमार हुए थे। इसके बाद अभिप्योर ब्रांड कंपनी के कुट्टू के आटे का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया था। साथ ही इस कंपनी के आटे की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई थी। शुरू में नमूने की जांच में किसी तरह की मिलावट नहीं पाई गई। जिसके बाद विभागीय अधिकारियों ने अपील करते हुए फिर से दूसरी लैब में नमूने की जांच कराई। जिसमें आटे में कीटनाशक की मिलावट सामने आई। दीपक अग्रवाल की दुकान से लिए गए इस नमूने में निर्धारित मात्रा से आठ गुना अधिक पेस्टीसाइड पाया गया। अधिकारियों के अनुसार 0.01 पीपीएम तक पेस्टीसाइड की मात्रा आ सकती है, लेकिन इस नमूने में 0.08 पीपीएम पेस्टीसाइड की मिलावट मिली थी। इसके अलावा मंडी धनौरा में सुनील कुमार की दुकान से लिए गए कुट्टू आटे में निर्धारित मात्रा से अधिक नमी व पेस्टीसाइड की मिलावट मिली थी।
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इनसे लिए नमूनों में पाई गई मिलावट
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जफर जमील एंड ब्रदर्स, आजम ट्रेडर्स, एलएम गोल्ड, एनएस मसाले से लिए गए गरम मसालों के नमूनों में पेस्टीसाइड की मिलावट पाई गई। इसके अलावा नौगांवा सादात से सफदर रजा के किराना स्टोर से लिए गए अरहर की दाल में प्रतिबंधित रंग की मिलावट मिली है। इसके अतिरिक्त मंडी धनौरा के संजय किराना स्टोर से लिए गए मिर्च पाउडर के नमूने में प्रतिबंधित रंग सूडान-II की मिलावट मिली। वहीं, अमरोहा के मोहल्ला कोट में शहजाद आलम की बिरयानी की चटनी में मिलाए गए रंग की मात्रा भी दोगुने से अधिक पाई गई है। चटनी में 225 पीपीएम की मिलावट पाई गई है, जबकि 100 पीपीएम तक इसकी निर्धारित मात्रा है। इसके अलावा मोहम्मद इलियास की बिरयानी की चटनी में भी रंग की अधिक मिलावट पाई गई है।
इनकी मिली मिलावट
कार्बेंडाजिम, क्लोरोपायरीफॉस, एजोक्सीस्ट्रोबिन, टोल्फेनपाइराइड आदि की मात्रा पाई गई है।
मिलावट के 12 मामलों में मुकदमे को स्वीकृति का इंतजार
सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा विनय कुमार ने बताया कि मिलावट के ऐसे ही 12 अन्य मामलों की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा आयुक्त लखनऊ से वाद दायर कराने के लिए पत्रावली अनुमोदन के लिए भेजी गई है। अनुमोदन मिलने के बाद ही उन मामलों में भी वाद दायर कराया जाएगा।
तीन माह तक की सजा का है प्रावधान
विभागीय अधिकारियों के अनुसार मिलावट के मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अनुसार धारा 59 (i) के तहत तीन माह की जेल व दो लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।
मिलावटखोरी को रोकने के लिए जिले में समय-समय पर अभियान चलाकर नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाते हैं। जिसमें मिलावट पाए जाने पर वाद दायर कराने की कार्रवाई की जाती है। फिलहाल ऐसे ही नौ मामलों में वाद दायर कराए गए हैं।
- विनय कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन