अमरोहा के नरथो में टूटी सड़कों पर कीचड़: जलभराव से परेशान लोग, बेटियों की नहीं आ रहीं बरात
नरथो गांव में प्रवेश करने वाली सड़क टूटी हुई है। सड़क पर गहरे-गहरे गड्ढे होने के साथ ही कीचड़ और जलभराव है। इस कारण गांव में आवागमन बाधित है। इस कारण गांव की बेटियों की तय हुई तारीखों पर लड़के वाले बरात लाने में आनाकानी कर रहे हैं।
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भले ही सरकार शहर से लेकर गांव तक विकास कार्यों के लिए पैसा पानी की तरह बहा रही है लेकिन जोया ब्लाक के नरथो गांव की टूटी सड़कों पर कीचड़ और जलभराव से आवागमन में दिक्कत के साथ ही बेटियों की शादियां भी रुक रही हैं।
नरथो गांव में प्रवेश करने वाली सड़क टूटी हुई है। सड़क पर गहरे-गहरे गड्ढे होने के साथ ही कीचड़ और जलभराव है। इस कारण गांव में आवागमन बाधित है। इस कारण गांव की बेटियों की तय हुई तारीखों पर लड़के वाले बरात लाने में आनाकानी कर रहे हैं। इस कारण कई ग्रामीणों को शादी की तिथि भी पीछे हटानी पड़ी। बृहस्पतिवार को भी एक बेटी की बरात आनी है। लड़के पक्ष ने गांव में घुसने से मना कर दिया है। इस पर लड़की पक्ष ने बरात रुकने की व्यवस्था गांव से बाहर की है।
तालाब बनी सड़क
सड़क पर गहरे गड्ढों में पानी और कीचड़ भरने से मौके पर तालाब दिख रहा है। पानी भरने के कारण सड़क पर ये भी पता नहीं चल पाता कि गड्ढे कितने गहरे हैं। जिस कारण रोजाना लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं।
बीमारी फैलने का खतरा
गंदगी और जलभराव के कारण गांव में बीमारी फैलने का खतरा है। जिला मुख्यालय से करीब बारह किलोमीटर दूर इस गांव में कई बच्चे और बुजुर्ग बुखार से पीड़ित हैं। यहां के ग्रामीणों ने कई बार आला अफसरों से इसकी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
मैंने सड़क पर मिट्टी डलवाई थी ताकि सड़क बनवा सकूं। लोगों को आने जाने में असुविधा कासामना न करना पड़े लेकिन कुछ राजनीतिक लोगों के दखल से सड़क नहीं बन पा रही है। मेरे अथक प्रयासों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। मैंने इस बारे में अधिकारियों को सूचना दी थी। मैं चाहता हूं अधिकारियों के हस्तक्षेप से शीघ्र ये सड़क बन जाए।- मनजीत, ग्राम प्रधान
बृहस्पतिवार को मेरी बेटी की बरात आ रही है। रास्ते में पानी और कीचड़ है। गांव की कई और बेटियों की शादी होनी हैं। मैंने बड़ी मुश्किल से अपनी बेटी का रिश्ता तय किया है। रिश्तेदारों को समझा-बुझाकर बरात लाने के लिए तैयार किया है। रास्ता खराब होने की वजह से बरात को गांव के बाहर ठहराने की व्यवस्था की है। -अकबर अली, निवासी नरथो
गांव के मुख्य मार्ग पर सड़क पर लोग घुटने-घुटने पानी से निकल कर आने को मजबूर हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं। बच्चों को भी स्कूल जाना होता है। मरीज भी होते हैं बूढ़े भी होते हैं। इन सब हालातों को देखकर गांव के अंदर लड़कियों के रिश्ते नहीं आ रहे हैं। कई बेटियों की शादी तारीख पीछे हटानी पड़ी है। क्योंकि लड़क पक्ष के लोग बरात लाने को तैयार नहीं होते। जिनकी बेटियां हैं, वह बहुत परेशान है लेकिन यहां की इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं देता। -मोहम्मद रौनक अली, निवासी नरथो
गांव के मुख्य मार्ग की स्थिति बेहद खराब हैं। ग्रामीण दिन में तो जैसे तैसे करके पानी में होकर निकल जाते हैं लेकिन रात में अगर जाना पड़ता है तो बहुत परेशानी होती है। कपड़े भीग जाते हैं। कीचड़ और गंदगी की वजह से बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है। कई बच्चे और बुजुर्ग बुखार से पीड़ित है। सड़क बनवाने के लिए कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। -अरशद अली, निवासी नरथो
सबसे दुख की बात है कि रास्ते की वजह से बेटियों के विवाह नहीं हो पा रहे हैं। लड़कों को भी कोई देखने नहीं आ रहा है। अगर कोई बेटी का रिश्ता लेकर आता है तो बरात सड़क बनने के बाद लाने की बात करता है। गांव के मुख्य मार्ग की स्थिति बेहद खराब है, रोजाना दो-चार लोग सड़क में भरे पानी में गिरकर चोटिल होते हैं।- मोहम्मद हनीफ, निवासी नरथो।