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वृद्धा पेंशन में फर्जीवाड़ा, अधिक उम्र दर्शाकर हड़प रहे बुजुर्गों का हक

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 28 Sep 2020 02:00 AM IST
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ढबारसी/अमरोहा। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में गोलमाल के बाद समाज कल्याण विभाग की वृद्धावस्था पेंशन में फर्जीवाड़ा सामने आया है। विभागीय साठगांठ के चलते लोगों की उम्र अधिक दर्शाकर पेंशन हड़पी जा रही है। यह फर्जीवाड़ा 60 साल से कम उम्र के व्यक्तियों के आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलकर किया गया है। भीमा सुल्तानपुर ग्राम पंचायत में छह अपात्र सामने आए हैं। अगर वृद्धावस्था पेंशन फर्जीवाड़े की ईमानदारी से जांच हुई तो बड़ा खुलासा हो सकता है और कई का फंसना तय है।
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जिला समाज कल्याण विभाग में चल रही विभिन्न योजनाओं में से एक योजना वृद्धावस्था पेंशन भी है। जिले में कुल 52,059 पेंशन धारक हैं। जिसमें वृद्धावस्था, विधवा और दिव्यांग जन शामिल हैं। इन लोगों को तिमाही 1500-1500 रुपये बतौर पेेंशन दी जाती है। कुल 34,349 वृद्धावस्था पेंशन धारक है। लेकिन, वृद्धा पेंशन में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। हसनपुर ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत भीमा सुल्तानपुर में वृद्धावस्था पेंशन के अंतर्गत 94 लोगों को पेंशन की धनराशि आवंटित होती है। लेकिन, समाज कल्याण विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों की साठगांठ से अपात्रों को भी पात्रता के दायरे में लाकर वर्षों से वृद्धावस्था पेंशन की धनराशि निकलवा कर सरकार को चूना लगाया जा रहा है। निर्धारित 60 वर्ष से कम उम्र के ग्रामीणों के आधार कार्ड में जन्मतिथि को बदलकर करके पात्रता की कार्रवाई पूरी की गई है। बड़ी बात यह है कि अपात्र लोगों के आवेदन का स्थलीय निरीक्षण करे बगैर आफिस में बैठे आवेदन फाइलों को सही ठहरा दिया गया है। फिलहाल भीमा सुल्तानपुर की ग्राम पंचायत में छह लोग ऐसे सामने आए हैं, जिनकी उम्र मतदाता सूची में 39 वर्ष, 40 वर्ष और 42 वर्ष है। जबकि वह वृद्धावस्था पेंशन ने रहे हैं। हालांकि पिछले दिनों ब्लाक स्तर पर सर्वे के बाद वृद्धावस्था पेंशन धारक 1146 मृत और 112 अपात्र पाए गए हैं।
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गांव-गांव फैले विभाग के दलाल
अमरोहा। जिला समाज कल्याण विभाग से लेकर विभिन्न जनता से सीधे जुड़ने वाले विभागों के दलाल गांव-गांव फैले हैं। यह लोग विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों से मिलकर लोगों से साठगांठ करते हैं। इसके बाद अपात्रों से कमीशन तय करके उन्हें पात्र बना देते हैं। इसके लिए दलाल ग्रामीणों के आधार कार्ड, पास बुक, पहचान पत्र और आय प्रमाण पत्रों में जरुरत के हिसाब से बदलाव कराते हैं। साथ ही किस्त आने पर दलाल अपना कमीशन लेकर रफूचक्कर हो जाता है।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में भी हुआ था फर्जीवाड़ा
अमरोहा। प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद गरीब बेटियों के हाथ पीले करने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना चलाई गई थी। मुख्यमंत्री की सबसे महत्वपूर्ण योजना के तहत हजारों बेटियों का घर बसाया गया। लेकिन, विभाग में सक्रिय दलाल गरीब बेटियों के हक पर भी सेंध लगाने से नहीं चूके। 14 नवंबर 2019 को हसनपुर के सुखदेवी इंटर कॉलेज में सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था। जहां गंगेश्वरी ब्लॉक के 104 जोड़े समेत हसनपुर ब्लॉक, हसनपुर नगर पालिका और उझारी नगर पंचायत क्षेत्र के कुल 198 जोड़े पहुंचे थे। इसमें 169 हिंदू और 28 मुस्लिम जोड़े शामिल हुए। गंगेश्वरी ब्लॉक के सामूहिक विवाह की सूची में दर्शाए गए करीब 25 से 30 जोड़ों की जगह किराये के दूल्हा-दुल्हन से सात फेरे लगवाए गए थे। वहीं, सूची में दर्शाए गए कई जोड़ों की जाति में भी खेल किया गया था।

वृद्धावस्था पेंशन पात्रता के लिए सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें
- आवेदन कर्ता की उम्र 60 वर्ष से अधिक होने का आयु प्रमाण पत्र
- राष्ट्रीयकृत बैंक में बचत खाता होना आवश्यक है
- आवेदन करने वाले व्यक्ति का फोटो, जन्म प्रमाण पत्र
- पहचान प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- बैंक पास बुक
- आय प्रमाण पत्र
आवेदन के बाद ऐसे होता है पात्रता का चयन
- वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभार्थियों का चयन ग्रामीण इलाके में ग्राम पंचायत के माध्यम से किया जाता है।
- ग्राम पंचायत द्वारा भेजे गए प्रस्ताव खंड विकास अधिकारी के कार्यालय के माध्यम से जिला समाज कल्याण विभाग को भेजा जाता है।
- इसके बाद आवेदन पत्रों की जांच की जाती है।
- जांच में आवेदन सही पाए जाते हैं, तो लाभार्थियों के खाते में पेंशन की धनराशि आवंटित कर दी जाती है।
- योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक वर्ष के मई और जून माह में पेंशन लाभार्थियों का समाज कल्याण विभाग द्वारा सत्यापन किया जाता है।
शिकायत के आधार पर भीमा सुल्तानपुर ग्राम पंचायत के वृद्घापेंशन धारकों की जांच कराई गई थी। जिसमें दो लोग अपात्र पाए गए थे। उनकी पेंशन कटवा दी गई है। आधार कार्ड और परिवार रजिस्टर की नकल के आधार पर अन्य सभी लोग पात्र मिले हैं। इसके बाद भी कोई गड़बड़ी है, तो उसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
- मनोज कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमरोहा
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