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154.61 लाख क्विंटल गन्ना खरीदे, कीमत 502 करोड़, भुगतान 60 करोड़
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अमरोहा। जिले के किसानों का चीनी मिलों ने 154.61 लाख क्विंटल गन्ने की खरीदारी कर ली है। चीनी मिलों की पेराई शुरू हुए दो महीने की अवधि हो गई है लेकिन अब तक गन्ने की कीमत तय नहीं हो सकी है। इस बीच चीनी मिलों ने पिछले वर्ष के दर के अनुसार भुगतान शुरू कर दिया है। अब तक किसानों को 60 करोड़ का भुगतान कर दिए हैं। हालांकि कुल 502 करोड़ रुपये की कीमत का गन्ना खरीदा जा चुका है।
जिले में किसानों का 11 चीनी मिलें गन्ना खरीद रही हैं, जिसमें तीन चीनी मिल जिले में स्थित हैं। किसान आंदोलन के बीच गन्ना भुगतान का मामला ठंडे बस्ते में है। अब तक सरकार गन्ने की कीमत तय नहीं कर सकी है। किसान संगठन गन्ने की कीमत 450 रुपये क्विंटल की मांग कर रहे हैं लेकिन कीमत तय नहीं होने से ऊहापोह की स्थिति बरकरार है। इसके चलते बकाया की रकम और बढ़ सकती है। इस बीच चीनी मिलों ने भुगतान शुरू कर दिया है। वे पिछले वर्ष के अनुसार गन्ने की कीमत का भुगतान कर रही है। दावा है कि अगर कीमत बढ़ती है तो उसका अंतर किसानों को भुगतान किया जाएगा। जिले के किसानों की गन्ने की खरीदारी में तेजी आ गई है। हालांकि भुगतान की प्रगति सुस्त है। इसके चलते किसान परेशान है। पेराई शुरू हुए दो महीने की लंबी अवधि हो गई है, लेकिन अब तक गन्ने की कीमत तय नहीं होने पर किसानों ने चिंता जताई है।
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जिले में किसानों का 11 चीनी मिलें गन्ना खरीद रही हैं, जिसमें तीन चीनी मिल जिले में स्थित हैं। किसान आंदोलन के बीच गन्ना भुगतान का मामला ठंडे बस्ते में है। अब तक सरकार गन्ने की कीमत तय नहीं कर सकी है। किसान संगठन गन्ने की कीमत 450 रुपये क्विंटल की मांग कर रहे हैं लेकिन कीमत तय नहीं होने से ऊहापोह की स्थिति बरकरार है। इसके चलते बकाया की रकम और बढ़ सकती है। इस बीच चीनी मिलों ने भुगतान शुरू कर दिया है। वे पिछले वर्ष के अनुसार गन्ने की कीमत का भुगतान कर रही है। दावा है कि अगर कीमत बढ़ती है तो उसका अंतर किसानों को भुगतान किया जाएगा। जिले के किसानों की गन्ने की खरीदारी में तेजी आ गई है। हालांकि भुगतान की प्रगति सुस्त है। इसके चलते किसान परेशान है। पेराई शुरू हुए दो महीने की लंबी अवधि हो गई है, लेकिन अब तक गन्ने की कीमत तय नहीं होने पर किसानों ने चिंता जताई है।
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