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Amroha News: माता व भाई के मना करने पर भी गजरौला चला गया था पवन
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स्कूल से घर लौट रही छात्रा को गोली मारकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने जोगीपुरा निवासी पवन को उसकी मां कविता देवी व भाई अमनजीत उसे गजरौला जाने से मना किया था। शनिवार की शाम परिजनों को जब घटना की जानकारी हुई वे आवाक रह गए। उनको समझ ही नहीं आ रहा है कि पवन ने इतना बड़ा कदम कैसे उठा लिया।
पवन के परिवार के करीबी एक ग्रामीण ने बताया कि शनिवार की दोपहर तीन बजे वह अपने भाई अमन व माता कविता देवी के साथ खेत पर था। वे सभी गन्ने की कटाई के लिए खेत पर गए थे। तीन बजते ही अचानक काम छोड़ दिया और मां से गजरौला जाने के लिए कहने लगा। बताया जाता है कि माता व भाई ने उसको गजरौला जाने से मना किया और गन्ने की छिलाई में सहयोग करने के लिए कहा, लेकिन उनकी बातों को अनसुनी कर वह गजरौला चला गया। देर शाम थाना गजरौला व बछरायूं की पुलिस घर पहुंची और पवन के बारे में जानकारी दी तो वह आवाक रह गए। उनको समझ ही नहीं आ रहा था कि डेढ़ घंटे पहले खुश दिखाई पड़ रहे पवन ने इतना बड़ा आत्मघाती कदम कैसे उठा लिया।
गांव में पवन की छवि अच्छी थी
मंडी धनौरा। जोगीपुरा गांव में पवन की छवि अच्छी थी और गांव के बड़ों का सम्मान करता था। गांव निवासी व गजरौला के ब्लॉक प्रमुख रहे चुके कावेंद्र सिंह बताते हैं कि पवन बड़े बुजुर्गों का बेहद सम्मान करता था। पिता की मौत के बाद अपनी इकलौती बहन की शादी में उसने बहुत मेहनत कर रुपया जोड़ा और अपने हिस्से की कुछ भूमि भी बेच दी थी। गांव के लोगों को भी यह समझ नहीं आ रहा है कि पवन ने ऐसा क्यों किया। बताया जाता है कि पवन ने चार साल पहले इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर ली थी। जबकि छात्रा अभी कक्षा 10 में पढ़ती है। ग्रामीणों व परिजनों को अभी यह भी समझ नहीं आ रहा है कि पवन का आखिरकार छात्रा से क्या संबंध था और उनकी मुलाकात कहां और कैसे हुई। फिलहाल पवन के अंतिम संस्कार में पूरा गांव तिगरी गया था।
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पवन के परिवार के करीबी एक ग्रामीण ने बताया कि शनिवार की दोपहर तीन बजे वह अपने भाई अमन व माता कविता देवी के साथ खेत पर था। वे सभी गन्ने की कटाई के लिए खेत पर गए थे। तीन बजते ही अचानक काम छोड़ दिया और मां से गजरौला जाने के लिए कहने लगा। बताया जाता है कि माता व भाई ने उसको गजरौला जाने से मना किया और गन्ने की छिलाई में सहयोग करने के लिए कहा, लेकिन उनकी बातों को अनसुनी कर वह गजरौला चला गया। देर शाम थाना गजरौला व बछरायूं की पुलिस घर पहुंची और पवन के बारे में जानकारी दी तो वह आवाक रह गए। उनको समझ ही नहीं आ रहा था कि डेढ़ घंटे पहले खुश दिखाई पड़ रहे पवन ने इतना बड़ा आत्मघाती कदम कैसे उठा लिया।
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गांव में पवन की छवि अच्छी थी
मंडी धनौरा। जोगीपुरा गांव में पवन की छवि अच्छी थी और गांव के बड़ों का सम्मान करता था। गांव निवासी व गजरौला के ब्लॉक प्रमुख रहे चुके कावेंद्र सिंह बताते हैं कि पवन बड़े बुजुर्गों का बेहद सम्मान करता था। पिता की मौत के बाद अपनी इकलौती बहन की शादी में उसने बहुत मेहनत कर रुपया जोड़ा और अपने हिस्से की कुछ भूमि भी बेच दी थी। गांव के लोगों को भी यह समझ नहीं आ रहा है कि पवन ने ऐसा क्यों किया। बताया जाता है कि पवन ने चार साल पहले इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर ली थी। जबकि छात्रा अभी कक्षा 10 में पढ़ती है। ग्रामीणों व परिजनों को अभी यह भी समझ नहीं आ रहा है कि पवन का आखिरकार छात्रा से क्या संबंध था और उनकी मुलाकात कहां और कैसे हुई। फिलहाल पवन के अंतिम संस्कार में पूरा गांव तिगरी गया था।
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