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गोकशी के बाद अवशेष मिलने से मचा हड़कंप
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मंडी धनौरा। जिले में गोकशी की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। गो तस्कर आए दिन गोकशी कर रहे है। इसी कड़ी में शनिवार को मंडी धनौरा तहसील के क्षेत्र में डींगरा पुलिस चौकी से मात्र एक किलोमीटर की दूूरी पर एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार आठ से अधिक गायों के गो अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया। गो अवशेष देखकर भड़के ग्रामीणों ने फीना मार्ग पर जाम लगा दिया। गो अवशेष मिलने की जानकारी पर अपर पुलिस अधीक्षक और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पालिकाध्यक्ष और पुलिस अधिकारियों के समझाने पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शनिवार की सुबह नौगांवा सादात रेलवे फाटक से फीना को जाने वाले मार्ग पर ग्राम दिसौरा के निकट रामगंगा पोषक नहर की तलहटी में लगभग आठ गायों के अवशेष ग्रामीणों को दिखाई दिए तो उनमें हड़कंप मच गया। गायों के सिर और खाल आदि पड़ा होने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। गुस्साएं ग्रामीणों ने इसके विरोध में फीना मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर सीओ मोनिका यादव थाना बछरायूं और धनौरा पुलिस को लेकर मौके पर पहुंच गईं। पालिकाध्यक्ष राजेश सैनी भी मौके पर पहुंच गए। रामगंगा पोषक नहर की तलहटी में आठ गायों के सिर, खाल, पैर और खून पड़ा हुआ था। मौके पर पहुंचे अधिकारियों और चेयरमैन ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर एक घंटे बाद जाम खुलवा दिया। अपर पुलिस अधीक्षक ने भी मौका मुुआयना किया। प्रभारी निरीक्षक सर्वेंद्र शर्मा ने बताया कि दरोगा नरेश कटारिया की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
एक हफ्ते में दूसरी बार गायों के अवशेष मिले
मंडी धनौरा। तहसील क्षेत्र में सप्ताह भर में दूसरी बार गायों के अवशेष मिलने से लोगों में रोष व्याप्त है। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहा है। बीती आठ मार्च को भी रामगंगा पोषक नहर के किनारे गायों के अवशेष मिले थे। उस समय पुलिस का कहना था कि गायों के अवशेष नहर के पानी के साथ बहकर आए हैं, लेकिन अब नहर सूखी पड़ी हुई है। आरोप है कि पुलिसकर्मी आने जाने वाले वाहनों से वसूली तो करती है, लेकिन चेकिंग नहीं करती है। यदि पुलिस मुस्तैद होती तो गोकशी की घटना रुक सकती थी। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष शरद गर्ग ने पुलिस अधीक्षक से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
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गोशाला की तो नहीं थीं गाये
मंडी धनौरा। रामगंगा पोषक नहर में की गई गोकशी के लिए गाये किसी गोशाला से लाई गई थी। दरअसल जिन गायों के सिर मिले हैं। उनमें से कई के कानों में टैग लगे हुए थे। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक अजय प्रताप सिंह के निर्देश पर पुलिस ने टैग अपने कब्जे में ले लिए हैं। सूत्रों का कहना है कि गायों के सिर से मिले टैग जनपद बिजनौर के किसी गोशाला से संबंधित हैं। इस मार्ग से जनपद बिजनौर की सीमा मात्र पांच किलोमीटर बाद शुरू हो जाती है।
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शनिवार की सुबह नौगांवा सादात रेलवे फाटक से फीना को जाने वाले मार्ग पर ग्राम दिसौरा के निकट रामगंगा पोषक नहर की तलहटी में लगभग आठ गायों के अवशेष ग्रामीणों को दिखाई दिए तो उनमें हड़कंप मच गया। गायों के सिर और खाल आदि पड़ा होने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। गुस्साएं ग्रामीणों ने इसके विरोध में फीना मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर सीओ मोनिका यादव थाना बछरायूं और धनौरा पुलिस को लेकर मौके पर पहुंच गईं। पालिकाध्यक्ष राजेश सैनी भी मौके पर पहुंच गए। रामगंगा पोषक नहर की तलहटी में आठ गायों के सिर, खाल, पैर और खून पड़ा हुआ था। मौके पर पहुंचे अधिकारियों और चेयरमैन ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर एक घंटे बाद जाम खुलवा दिया। अपर पुलिस अधीक्षक ने भी मौका मुुआयना किया। प्रभारी निरीक्षक सर्वेंद्र शर्मा ने बताया कि दरोगा नरेश कटारिया की ओर से अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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एक हफ्ते में दूसरी बार गायों के अवशेष मिले
मंडी धनौरा। तहसील क्षेत्र में सप्ताह भर में दूसरी बार गायों के अवशेष मिलने से लोगों में रोष व्याप्त है। पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहा है। बीती आठ मार्च को भी रामगंगा पोषक नहर के किनारे गायों के अवशेष मिले थे। उस समय पुलिस का कहना था कि गायों के अवशेष नहर के पानी के साथ बहकर आए हैं, लेकिन अब नहर सूखी पड़ी हुई है। आरोप है कि पुलिसकर्मी आने जाने वाले वाहनों से वसूली तो करती है, लेकिन चेकिंग नहीं करती है। यदि पुलिस मुस्तैद होती तो गोकशी की घटना रुक सकती थी। भाजपा के जिला उपाध्यक्ष शरद गर्ग ने पुलिस अधीक्षक से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
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गोशाला की तो नहीं थीं गाये
मंडी धनौरा। रामगंगा पोषक नहर में की गई गोकशी के लिए गाये किसी गोशाला से लाई गई थी। दरअसल जिन गायों के सिर मिले हैं। उनमें से कई के कानों में टैग लगे हुए थे। मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक अजय प्रताप सिंह के निर्देश पर पुलिस ने टैग अपने कब्जे में ले लिए हैं। सूत्रों का कहना है कि गायों के सिर से मिले टैग जनपद बिजनौर के किसी गोशाला से संबंधित हैं। इस मार्ग से जनपद बिजनौर की सीमा मात्र पांच किलोमीटर बाद शुरू हो जाती है।