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भूमि विवाद के चलते तीन गांवों में नहीं बने पंचायत घर
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मंडी धनौरा। राजस्व व विकास विभाग के बीच समन्वय की कमी की वजह से धनौरा विकास खंड की तीन ग्राम पंचायतों में पंचायत घर का निर्माण नहीं हो पा रहा है। साथ ही पंचायत घर के लिए चयनित भूमि पर विवाद के कारण पंचायत घर का निर्माण नहीं होने से इन तीन ग्राम पंचायतों में अन्य विकास कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। ब्लॉक कार्यालय की ओर से भूमि विवाद के समाधान के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र प्रेषित किया गया है।
विकास खंड में कुल 89 ग्राम पंचायतें हैं। 46 ग्राम पंचायतों में पहले से ही पंचायत घर बने हुए हैं। शेष 43 ग्राम पंचायतों में पंचायत घर का निर्माण किया जाना था। 40 ग्राम पंचायतों में पंचायत घर का निर्माण हो गया, लेकिन तीन ग्राम पंचायतों अबूनासरपुर, चक वासीपुर व धनौरी खुर्द में अभी तक पंचायत घर का निर्माण नहीं हो पाया है। तीनों ग्राम पंचायतों में ग्राम समाज की भूमि को लेकर विवाद है। दो गांवों में लोग जिस भूमि पर पंचायत घर का निर्माण होना है, उस भूमि को वे पट्टे की भूमि बताते हैं, जबकि एक गांव में भूमि पूर्व ग्राम प्रधान के कब्जे में है। तीनों ग्राम पंचायत के प्रधानों का कहना है कि पंचायत घर का निर्माण नहीं होने की वजह से उनके गांवों में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
एडीओ पंचायत रामचंद्र सिंह का कहना है कि भूमि विवाद के समाधान के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र लिखा गया है।
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विकास खंड में कुल 89 ग्राम पंचायतें हैं। 46 ग्राम पंचायतों में पहले से ही पंचायत घर बने हुए हैं। शेष 43 ग्राम पंचायतों में पंचायत घर का निर्माण किया जाना था। 40 ग्राम पंचायतों में पंचायत घर का निर्माण हो गया, लेकिन तीन ग्राम पंचायतों अबूनासरपुर, चक वासीपुर व धनौरी खुर्द में अभी तक पंचायत घर का निर्माण नहीं हो पाया है। तीनों ग्राम पंचायतों में ग्राम समाज की भूमि को लेकर विवाद है। दो गांवों में लोग जिस भूमि पर पंचायत घर का निर्माण होना है, उस भूमि को वे पट्टे की भूमि बताते हैं, जबकि एक गांव में भूमि पूर्व ग्राम प्रधान के कब्जे में है। तीनों ग्राम पंचायत के प्रधानों का कहना है कि पंचायत घर का निर्माण नहीं होने की वजह से उनके गांवों में विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं।
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एडीओ पंचायत रामचंद्र सिंह का कहना है कि भूमि विवाद के समाधान के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र लिखा गया है।