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काली पट्टी बांधकर निजीकरण का किया विरोध
ब्यूरो अमर उजाला/अमरोहा/गजरौला।
Updated Wed, 04 Apr 2018 01:24 AM IST
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अमरोहा एसई कार्यालय पर मांगों को लेकर प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन के बैनर तले पदाधिकारी व कर्मचारियों ने मंगलवार को निजीकरण के विरोध में जारी चरणबद्ध आंदोलन के तहत अपनी मुख्य मांगों के समर्थन में काली पट्टी बांधकर कार्य किया। भोजनावकाश में निजीकरण का जमकर विरोध किया गया। सरकार विरोधी नारे भी लगाए गए।
कर्मचारियों ने कहा कि सरकार प्रदेश के गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद की विद्युत व्यवस्था निजी हाथों में सौंपना चाहती है। जिससे उपभोक्ता को नुकसान होगा और बिजली और अधिक महंगी हो जाएगी। उपभोक्ताओं की विद्युत आपुर्ति संबंधी समस्या बढ़ेगी और विद्युत उपभोक्ताओं को विभिन्न तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण करने से विभाग में भर्ती नहीं होगी जिसका सीधा असर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं पर पड़ेगा। सरकार को निजीकरण का फैसला वापस लेते हुए विद्युत विभाग में कर्मचारियों की भर्ती करनी चाहिए।
आज सभी कर्मचारी और अधिकारी कर्त्तव्य निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में निजीकरण का फैसला गलत है। सरकार कर्मचारी विरोधी नीति अपना रही है। उन्होंने कर्मचारियों की एकजुटता का आह्वान किया। वक्ताओं ने पुरानी पेंशन नीति और संविदा कर्मियों को स्थायी नियुक्ति देने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि सरकार जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं लेती तब तक हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। सभा में उपखंडों से आए राजकुमार रस्तोगी, प्रवीण कुमार, रमेश कुमार, सचिन कुमार मौजूद रहे।
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गजरौला में विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन के बैनर तले मंगलवार को एक्सईएन कार्यालय पर विद्युत कर्मचारियों व अफसरों ने काली पट्टी बांधकर निजीकरण का विरोध किया।
इस दौरान भूपेंद्र कुमार ने कहा कि विभाग पांच जनपदों में विद्युत व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपना चाहता है, जिससे उपभोक्ता को काफी नुकसान होगा। बिजली की दरें बढे़ंगी। विद्युत आपूर्ति संबंधी व्यवस्था बढ़ जाएंगी। वक्ता कुलदीप कुमार ने कहा कि इसका असर रोजगार पर भी पड़ेगा। राजीव कुमार ने कहा कि सभी कर्मचारी और अधिकारी मन लगाकर कार्य कर रहे हैं, लेकिन बिजली व्यवस्था का निजीकरण हो जाने की वजह से मन उदार है। सुमंत कुमार ने कहा कि निजीकरण के विरोध में केवल विभागीय अफसरों कर्मचारारियों द्वारा ही विरोध किया जा रहा है। लेकिन यह लड़ाई तो आम जनता की भी है। सभी को इसमें भाग लेना चाहिए। काली पट्टी बांधकर अनिश्चितकालीन विरोध जताया जाता रहेगा। इस मौके पर दिनेेशचंद, उपदेश कुमार, विशालदीप सक्सेना, रविस त्यागी, ग्रीश कुमार, बबलू मौजूद रहे।
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कर्मचारियों ने कहा कि सरकार प्रदेश के गोरखपुर, वाराणसी, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद की विद्युत व्यवस्था निजी हाथों में सौंपना चाहती है। जिससे उपभोक्ता को नुकसान होगा और बिजली और अधिक महंगी हो जाएगी। उपभोक्ताओं की विद्युत आपुर्ति संबंधी समस्या बढ़ेगी और विद्युत उपभोक्ताओं को विभिन्न तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण करने से विभाग में भर्ती नहीं होगी जिसका सीधा असर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं पर पड़ेगा। सरकार को निजीकरण का फैसला वापस लेते हुए विद्युत विभाग में कर्मचारियों की भर्ती करनी चाहिए।
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आज सभी कर्मचारी और अधिकारी कर्त्तव्य निष्ठा और ईमानदारी के साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में निजीकरण का फैसला गलत है। सरकार कर्मचारी विरोधी नीति अपना रही है। उन्होंने कर्मचारियों की एकजुटता का आह्वान किया। वक्ताओं ने पुरानी पेंशन नीति और संविदा कर्मियों को स्थायी नियुक्ति देने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि सरकार जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं लेती तब तक हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। सभा में उपखंडों से आए राजकुमार रस्तोगी, प्रवीण कुमार, रमेश कुमार, सचिन कुमार मौजूद रहे।
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गजरौला में विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन के बैनर तले मंगलवार को एक्सईएन कार्यालय पर विद्युत कर्मचारियों व अफसरों ने काली पट्टी बांधकर निजीकरण का विरोध किया।
इस दौरान भूपेंद्र कुमार ने कहा कि विभाग पांच जनपदों में विद्युत व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपना चाहता है, जिससे उपभोक्ता को काफी नुकसान होगा। बिजली की दरें बढे़ंगी। विद्युत आपूर्ति संबंधी व्यवस्था बढ़ जाएंगी। वक्ता कुलदीप कुमार ने कहा कि इसका असर रोजगार पर भी पड़ेगा। राजीव कुमार ने कहा कि सभी कर्मचारी और अधिकारी मन लगाकर कार्य कर रहे हैं, लेकिन बिजली व्यवस्था का निजीकरण हो जाने की वजह से मन उदार है। सुमंत कुमार ने कहा कि निजीकरण के विरोध में केवल विभागीय अफसरों कर्मचारारियों द्वारा ही विरोध किया जा रहा है। लेकिन यह लड़ाई तो आम जनता की भी है। सभी को इसमें भाग लेना चाहिए। काली पट्टी बांधकर अनिश्चितकालीन विरोध जताया जाता रहेगा। इस मौके पर दिनेेशचंद, उपदेश कुमार, विशालदीप सक्सेना, रविस त्यागी, ग्रीश कुमार, बबलू मौजूद रहे।