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घर में बेगाने हुए महबूब, स्टेडियम के गेटों से हटाया नाम
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Sun, 16 Apr 2017 01:09 AM IST
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स्टेडियम का गेट पहले
- फोटो : amar ujala
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सत्ता बदलते ही पूर्व मंत्री/मौजूदा अमरोहा विस क्षेत्र के विधायक महबूब अली अपने ही घर में बेगाने होने लगे हैं। जी हां, जिस स्टेडियम को बनवाने के लिए उन्होंने एड़ी चोटी का जोर लगाया था, उसके गेटों से उनका नाम मिटाया जा रहा है।
एक गेट से नाम हटाकर मजदूरों ने स्टेडियम राजकीय इंटर कॉलेज अमरोहा कर दिया है, जबकि दूसरे गेट से हटाने की कार्रवाई तेजी के साथ चल रही है। हालांकि अभी शिलापट पर उनका नाम दर्ज है। अधिकारियों द्वारा उसको हटवाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।
समाजवादी पार्टी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे महबूब अली ने जनपद के खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम का निर्माण कराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। तीन करोड़ से अधिक की धनराशि मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए सरकार से स्वीकृत कराई थी।
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राजकीय इंटर कालेज के मैदान को स्टेडियम के लिए चयनित किया गया था। करोड़ों की लागत से बनाए गए इस स्टेडियम का आननफानन में अधिकारियों ने शुभारंभ करा दिया था। इसके उद्घाटन का कार्य कैबिनेट मंत्री ने ही किया था।
उस वक्त स्टेडियम के दोनों गेटों पर अधिकारियों ने स्टेडियम राजकीय इंटर कॉलेज अमरोहा, जनाब महबूब अली साहब, माननीय कैबिनेट मंत्री, रेशम वस्त्र उद्योग अर्थ एवं संख्या एवं लघु सिंचाई उ.प्र. सरकार, लिखवाया था, लेकिन प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही अफसरों के तेवर भी बदल गए।
उनके द्वारा दोनों गेटों से पूर्व मंत्री का नाम हटाने की प्रक्रिया चालू कर दी गई। एक गेट से पूर्व मंत्री का नाम मिटाकर स्टेडियम राजकीय इंटर कॉलेज अमरोहा लिख दिया गया है, जबकि दूसरे पर लिखने के लिए मजदूरों द्वारा कार्य चल रहा था। शिलापट अभी वैसी ही स्थिति में है जैसा कि पहले था।
स्टेडियम में रंगाई पुताई का काम चल रहा है। गेट पर लिखा पूर्व मंत्री का नाम हटाया गया है, यह मसला संज्ञान में नहीं है। अभी तक स्टेडियम को मेरे हैंडओवर भी नहीं किया गया है। कार्यदायी संस्था अभी काम कर रही है। हैंडओवर हो जाता तभी उसकी देखरेख की जिम्मेदारी मेरे पास आती। ऐसा अभी कुछ नहीं है। खुर्शीद हैदर जैदी, प्रिंसिपल जीआईसी
जिस समय स्टेडियम का शुभारंभ हुुआ था, उस वक्त आनन फानन में काम किया गया था। पूर्व मंत्री का नाम गेट पर लिखवा दिया था। अभी स्टेडियम में लगातार काम हो रहा है। इसलिए अब सही ढंग से कार्य चल रहा है।
सुशील कुमार, एक्सईएन कार्यदायी संस्था
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एक गेट से नाम हटाकर मजदूरों ने स्टेडियम राजकीय इंटर कॉलेज अमरोहा कर दिया है, जबकि दूसरे गेट से हटाने की कार्रवाई तेजी के साथ चल रही है। हालांकि अभी शिलापट पर उनका नाम दर्ज है। अधिकारियों द्वारा उसको हटवाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।
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समाजवादी पार्टी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे महबूब अली ने जनपद के खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम का निर्माण कराने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। तीन करोड़ से अधिक की धनराशि मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए सरकार से स्वीकृत कराई थी।
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राजकीय इंटर कालेज के मैदान को स्टेडियम के लिए चयनित किया गया था। करोड़ों की लागत से बनाए गए इस स्टेडियम का आननफानन में अधिकारियों ने शुभारंभ करा दिया था। इसके उद्घाटन का कार्य कैबिनेट मंत्री ने ही किया था।
उस वक्त स्टेडियम के दोनों गेटों पर अधिकारियों ने स्टेडियम राजकीय इंटर कॉलेज अमरोहा, जनाब महबूब अली साहब, माननीय कैबिनेट मंत्री, रेशम वस्त्र उद्योग अर्थ एवं संख्या एवं लघु सिंचाई उ.प्र. सरकार, लिखवाया था, लेकिन प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनते ही अफसरों के तेवर भी बदल गए।
उनके द्वारा दोनों गेटों से पूर्व मंत्री का नाम हटाने की प्रक्रिया चालू कर दी गई। एक गेट से पूर्व मंत्री का नाम मिटाकर स्टेडियम राजकीय इंटर कॉलेज अमरोहा लिख दिया गया है, जबकि दूसरे पर लिखने के लिए मजदूरों द्वारा कार्य चल रहा था। शिलापट अभी वैसी ही स्थिति में है जैसा कि पहले था।
स्टेडियम में रंगाई पुताई का काम चल रहा है। गेट पर लिखा पूर्व मंत्री का नाम हटाया गया है, यह मसला संज्ञान में नहीं है। अभी तक स्टेडियम को मेरे हैंडओवर भी नहीं किया गया है। कार्यदायी संस्था अभी काम कर रही है। हैंडओवर हो जाता तभी उसकी देखरेख की जिम्मेदारी मेरे पास आती। ऐसा अभी कुछ नहीं है। खुर्शीद हैदर जैदी, प्रिंसिपल जीआईसी
जिस समय स्टेडियम का शुभारंभ हुुआ था, उस वक्त आनन फानन में काम किया गया था। पूर्व मंत्री का नाम गेट पर लिखवा दिया था। अभी स्टेडियम में लगातार काम हो रहा है। इसलिए अब सही ढंग से कार्य चल रहा है।
सुशील कुमार, एक्सईएन कार्यदायी संस्था