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डेथ सर्टिफिकेट बनवाने गया आैर अफसर ने जीने लायक नहीं छोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Tue, 10 Jan 2017 12:07 AM IST
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बोर्ड में लगातार बढ़ रही है शिकायतें
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आजाद देश में एक बार फिर लोकतंत्र की हार हुई है। अमरोहा में एक अफसर की ओर से युवक से गाली-गलौज करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सेवा की शपथ लेने वाले अफसर ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय पीड़ित से ही बदसुलूकी कर डाली।
युवक का आरोप है कि, नगर पालिका के चक्कर काटकर पिता के डेथ सर्टिफिकेट के लिए सीएचसी पहुंचा तो नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने उसे धक्का देकर कक्ष से बाहर निकाल दिया। उसे यहां तक कहा कि किसने भेजा है तुझे। अस्पताल में इस बदसुलूकी की पीड़ित ने ईओ से शिकायत की। इस पर ईओ ने डीएम-सीएमओ को जानकारी दी है।
शहर के मोहल्ला कमरुद्दीन की मढै़या निवासी तोताराम के पिता का देहांत चार दिसंबर को हो गया था। अपने पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए वह कई दिन से नगर पालिका परिषद के चक्कर लगा रहा था। फिलहाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरोहा के चिकित्सक डॉ. इदरीश पर ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी का भी चार्ज है।
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इधर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. इदरीश के कार्यालय में नहीं बैठने की बात कहकर उसे टरकाया जा रहा था। इस पर सोमवार को तोताराम अपने पिता के डेथ सर्टिफिकेट के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गया। उसका आरोप है कि यहां डॉ. इदरीश भड़क गए। उसके संग गाली गलौज करने लगे।
कहा कि किसने भेजा है तुझे। इसके बाद धक्के देकर भगा दिया। बाद में वह अधिशासी अधिकारी के पास लौटा और रो-रोकर पूरा घटनाक्रम बताया। साथ ही लिखित शिकायत दर्ज कराई। बहरहाल ईओ ने शिकायत की गंभीरता देखते हुए जिलाधिकारी और सीएमओ को घटना की जानकारी दी। यह भी बताया कि, नगर स्वास्थ्य अधिकारी पालिका में नहीं बैठते।
जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए रोजाना सैकड़ों लोग नगर पालिका आते हैं। नगर स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनके सर्टिफिकेट जारी नहीं किए जा रहे हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी अभी तक कार्यालय में नहीं बैठे हैं। आवेदक तोताराम ने उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की है। मामले से डीएम और सीएमओ को अवगत करा दिया गया है। बाकायदा दोनों जगह पत्र भी भेजेंगे। इसमें प्रमाण पत्र जारी करने के लिए रोज कार्यालय में अधिकारी के बैठने के लिए कहने की भी गुजारिश की जाएगी।- मनोज कुमार रस्तोगी, अधिशासी अधिकारी पालिका
मुझको चार्ज मिल गया था, लेकिन पहले नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहे डा.निगम ने मुझे गोपनीय पासवर्ड नहीं बताया था। शनिवार को यह पासवर्ड दिया है। इसके जरिए ही सोमवार को कार्यालय में काम शुरू किया गया है। करीब 800 आवेदन जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के पड़े हैं।
सप्ताह भर के अंदर वेबसाइट पर पड़े सभी आवेदनों पर सुनवाई कर प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। कई लोग प्रमाण पत्र के लिए मेरे पास अस्पताल में आए थे। सभी को स्थिति से वाकिफ करा दिया गया था। किसी के साथ कोई अभद्रता नहीं की गई है। न किसी को गधे का बच्चा कहा गया है। गाली गलौज और धक्का देने के आरोप भी निराधार हैं।- डा.इदरीश, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
मुझको चार्ज मिल गया था, लेकिन पहले नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहे डा.निगम ने मुझे गोपनीय पासवर्ड नहीं बताया था। शनिवार को यह पासवर्ड दिया है। इसके जरिए ही सोमवार को कार्यालय में काम शुरू किया गया है। करीब 800 आवेदन जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के पड़े हैं।
सप्ताह भर के अंदर वेबसाइट पर पड़े सभी आवेदनों पर सुनवाई कर प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। कई लोग प्रमाण पत्र के लिए मेरे पास अस्पताल में आए थे। सभी को स्थिति से वाकिफ करा दिया गया था। किसी के साथ कोई अभद्रता नहीं की गई है। न किसी को गधे का बच्चा कहा गया है। गाली गलौज और धक्का देने के आरोप भी निराधार हैं।- डा.इदरीश, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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युवक का आरोप है कि, नगर पालिका के चक्कर काटकर पिता के डेथ सर्टिफिकेट के लिए सीएचसी पहुंचा तो नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने उसे धक्का देकर कक्ष से बाहर निकाल दिया। उसे यहां तक कहा कि किसने भेजा है तुझे। अस्पताल में इस बदसुलूकी की पीड़ित ने ईओ से शिकायत की। इस पर ईओ ने डीएम-सीएमओ को जानकारी दी है।
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शहर के मोहल्ला कमरुद्दीन की मढै़या निवासी तोताराम के पिता का देहांत चार दिसंबर को हो गया था। अपने पिता के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए वह कई दिन से नगर पालिका परिषद के चक्कर लगा रहा था। फिलहाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरोहा के चिकित्सक डॉ. इदरीश पर ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी का भी चार्ज है।
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इधर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. इदरीश के कार्यालय में नहीं बैठने की बात कहकर उसे टरकाया जा रहा था। इस पर सोमवार को तोताराम अपने पिता के डेथ सर्टिफिकेट के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गया। उसका आरोप है कि यहां डॉ. इदरीश भड़क गए। उसके संग गाली गलौज करने लगे।
कहा कि किसने भेजा है तुझे। इसके बाद धक्के देकर भगा दिया। बाद में वह अधिशासी अधिकारी के पास लौटा और रो-रोकर पूरा घटनाक्रम बताया। साथ ही लिखित शिकायत दर्ज कराई। बहरहाल ईओ ने शिकायत की गंभीरता देखते हुए जिलाधिकारी और सीएमओ को घटना की जानकारी दी। यह भी बताया कि, नगर स्वास्थ्य अधिकारी पालिका में नहीं बैठते।
जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए रोजाना सैकड़ों लोग नगर पालिका आते हैं। नगर स्वास्थ्य विभाग की ओर से उनके सर्टिफिकेट जारी नहीं किए जा रहे हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी अभी तक कार्यालय में नहीं बैठे हैं। आवेदक तोताराम ने उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की है। मामले से डीएम और सीएमओ को अवगत करा दिया गया है। बाकायदा दोनों जगह पत्र भी भेजेंगे। इसमें प्रमाण पत्र जारी करने के लिए रोज कार्यालय में अधिकारी के बैठने के लिए कहने की भी गुजारिश की जाएगी।- मनोज कुमार रस्तोगी, अधिशासी अधिकारी पालिका
मुझको चार्ज मिल गया था, लेकिन पहले नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहे डा.निगम ने मुझे गोपनीय पासवर्ड नहीं बताया था। शनिवार को यह पासवर्ड दिया है। इसके जरिए ही सोमवार को कार्यालय में काम शुरू किया गया है। करीब 800 आवेदन जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के पड़े हैं।
सप्ताह भर के अंदर वेबसाइट पर पड़े सभी आवेदनों पर सुनवाई कर प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। कई लोग प्रमाण पत्र के लिए मेरे पास अस्पताल में आए थे। सभी को स्थिति से वाकिफ करा दिया गया था। किसी के साथ कोई अभद्रता नहीं की गई है। न किसी को गधे का बच्चा कहा गया है। गाली गलौज और धक्का देने के आरोप भी निराधार हैं।- डा.इदरीश, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
मुझको चार्ज मिल गया था, लेकिन पहले नगर स्वास्थ्य अधिकारी रहे डा.निगम ने मुझे गोपनीय पासवर्ड नहीं बताया था। शनिवार को यह पासवर्ड दिया है। इसके जरिए ही सोमवार को कार्यालय में काम शुरू किया गया है। करीब 800 आवेदन जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के पड़े हैं।
सप्ताह भर के अंदर वेबसाइट पर पड़े सभी आवेदनों पर सुनवाई कर प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। कई लोग प्रमाण पत्र के लिए मेरे पास अस्पताल में आए थे। सभी को स्थिति से वाकिफ करा दिया गया था। किसी के साथ कोई अभद्रता नहीं की गई है। न किसी को गधे का बच्चा कहा गया है। गाली गलौज और धक्का देने के आरोप भी निराधार हैं।- डा.इदरीश, नगर स्वास्थ्य अधिकारी