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Amroha News: अब ड्राइविंग लाइसेंस की तरह स्मार्ट होगी वाहनों की आरसी
Wed, 16 Apr 2025 01:33 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 16 Apr 2025 01:33 AM IST
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अमरोहा। वाहन मालिकों को ड्राइविंग लाइसेंस की तरह अब स्मार्ट आरसी जारी की जाएंगी। शासन के निर्देश के बाद विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। विभाग अब तक जारी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट का डाटा सुरक्षित करने में जुट गया है। क्योंकि डुप्लीकेट आरसी का आवेदन करने वालों को भी स्मार्ट आरसी जारी की जाएगी।
स्मार्ट कार्ड में तब्दील होने से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के फटने और गलने की आशंका भी खत्म हो जाएगी। अब तक वाहन खरीदने पर आरसी कागज का किया जाता है। इसमें लगी माइक्रो चिप से डुप्लीकेसी रोकने में भी मदद मिलेगी। जरूरत पर पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारी आसानी से कार्ड रीडर के जरिये इसकी जांच भी कर सकेंगे।
एआरटीओ महेश शर्मा ने बताया कि स्मार्ट आरसी दो भागों में होगी। पहले भाग में वाहन एवं वाहन मालिक का ब्योरा होगा। दूसरा भाग कार्ड रीडर मशीन से पढ़ा जाने वाला भाग होगा। इसमें सारा ब्योरा दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट आरसी से वाहन मालिकों खासी सहूलियत मिलेगी।
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ये होगी खासियत
वर्तमान में जो आरसी है उसे कॉपी किया जा सकता है। लेकिन स्मार्ट आरसी कार्ड सुरक्षा की दृष्टि से अभेद्य होगी। स्मार्ट डीएल की तरह ही स्मार्ट आरसी में भी माइक्रोप्रोसेसर लगेगा। इसमें वाहन मालिक की सभी जानकारियां होंगी। वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से लेकर वाहन की फिटनेस, पॉल्यूशन, कलर, वाहन का प्रकार, चेसिस नंबर जैसे सभी जरूरी जानकारियां दर्ज होंगी।
डीलर देंगे आरसी नंबर और घर पहुंचेगा कार्ड
एआरटीओ ने बताया कि वाहनों के रजिस्ट्रेशन अभी तक शोरूम पर होते है। प्रमाणपत्र भी वहीं से जारी होते रहे हैं, लेकिन अब वह पंजीयन पत्रावलियां अपने पास नहीं रखेंगे। नई व्यवस्था के तहत वाहनों के डीलर आरसी जारी नहीं करेंगे, बल्कि वाहन मालिक को आरसी का नंबर देंगे। एआरटीओ कार्यालय की तरफ से वाहन मालिक के पते पर पोस्ट ऑफिस के जरिये स्मार्ट कार्ड आरसी उनके घर पहुंचेगी।
ये कई बड़े लाभ मिलेंगे
- आरसी के गीले होने, कटने-फटने की समस्या समाप्त होगी।
- डुप्लीकेसी रोकने के लिए माइक्रो चिप में डेटा सुरक्षित रहेगा।
- उच्च गुणवत्ता वाली टिकाऊ आरसी मिलेगी, जिससे दीर्घकालिक उपयोग संभव होगा।
- पुलिस एवं परिवहन अधिकारियों के लिए जांच प्रक्रिया होगी आसान।
- डिजिटलाइजेशन से भ्रष्टाचार पर लगेगी रोक।
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स्मार्ट कार्ड में तब्दील होने से रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के फटने और गलने की आशंका भी खत्म हो जाएगी। अब तक वाहन खरीदने पर आरसी कागज का किया जाता है। इसमें लगी माइक्रो चिप से डुप्लीकेसी रोकने में भी मदद मिलेगी। जरूरत पर पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारी आसानी से कार्ड रीडर के जरिये इसकी जांच भी कर सकेंगे।
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एआरटीओ महेश शर्मा ने बताया कि स्मार्ट आरसी दो भागों में होगी। पहले भाग में वाहन एवं वाहन मालिक का ब्योरा होगा। दूसरा भाग कार्ड रीडर मशीन से पढ़ा जाने वाला भाग होगा। इसमें सारा ब्योरा दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि स्मार्ट आरसी से वाहन मालिकों खासी सहूलियत मिलेगी।
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ये होगी खासियत
वर्तमान में जो आरसी है उसे कॉपी किया जा सकता है। लेकिन स्मार्ट आरसी कार्ड सुरक्षा की दृष्टि से अभेद्य होगी। स्मार्ट डीएल की तरह ही स्मार्ट आरसी में भी माइक्रोप्रोसेसर लगेगा। इसमें वाहन मालिक की सभी जानकारियां होंगी। वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से लेकर वाहन की फिटनेस, पॉल्यूशन, कलर, वाहन का प्रकार, चेसिस नंबर जैसे सभी जरूरी जानकारियां दर्ज होंगी।
डीलर देंगे आरसी नंबर और घर पहुंचेगा कार्ड
एआरटीओ ने बताया कि वाहनों के रजिस्ट्रेशन अभी तक शोरूम पर होते है। प्रमाणपत्र भी वहीं से जारी होते रहे हैं, लेकिन अब वह पंजीयन पत्रावलियां अपने पास नहीं रखेंगे। नई व्यवस्था के तहत वाहनों के डीलर आरसी जारी नहीं करेंगे, बल्कि वाहन मालिक को आरसी का नंबर देंगे। एआरटीओ कार्यालय की तरफ से वाहन मालिक के पते पर पोस्ट ऑफिस के जरिये स्मार्ट कार्ड आरसी उनके घर पहुंचेगी।
ये कई बड़े लाभ मिलेंगे
- आरसी के गीले होने, कटने-फटने की समस्या समाप्त होगी।
- डुप्लीकेसी रोकने के लिए माइक्रो चिप में डेटा सुरक्षित रहेगा।
- उच्च गुणवत्ता वाली टिकाऊ आरसी मिलेगी, जिससे दीर्घकालिक उपयोग संभव होगा।
- पुलिस एवं परिवहन अधिकारियों के लिए जांच प्रक्रिया होगी आसान।
- डिजिटलाइजेशन से भ्रष्टाचार पर लगेगी रोक।