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अब पूरी तरह फिट होकर दौड़ेगी डीएम के नाम की एंबुलेंस
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आखिरकार जिम्मेदारों ने डीएम के नाम वाली एंबुलेंस की फिटनेस करा ली है। एंबुलेंस का बीमा कराया गया और प्रदूषण रहित सर्टिफिकेट भी बनवा लिया गया है। एआरटीओ कार्यालय ने यह कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग ने ऑनलाइन आवेदन के बाद की है। फिलहाल एंबुलेंस की फिटनेस 16 दिसंबर 2022 तक वैलिड हो गई है।
जनपद में परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में एक एंबुलेंस डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अमरोहा के नाम से पंजीकृत है। एआरटीओ कार्यालय में इस एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन 7 दिसंबर 2013 को कराया गया था। रजिस्ट्रेशन के बाद इसे यूपी 23 जी-0184 नंबर आवंटित किया गया। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद फिटनेस अवधि 6 दिसंबर 2015 को पूरी हो गई। लेकिन एबुलेंस की फिटनेस का नवीनीकरण कराने का प्रयास न डीएम दफ्तर के स्तर से हुआ और न ही किसी और माध्यम से। एंबुलेंस का बीमा नहीं कराया गया और प्रदूषण रहित होने का सर्टिफिकेट भी इश्यू नहीं कराया गया था। शुरूआती दिनों में यह एंबुलेंस नगर की एक संस्था के पास थी। जिसके बाद उसे स्वास्थ्य विभाग के हैंडओवर कर दिया गया था। हैरानी की बात यह थी कि 25 नवंबर तक डीएम या उनके स्टाफ को इसकी कोई जानकारी नहीं थी, कि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अमरोहा के नाम से कोई एंबुलेंस हैं। यह भी नहीं मालूम था कि इस एंबुलेंस का कहां इस्तेमाल हो रहा है।
डीएम दफ्तर के साथ-साथ एआरटीओ कार्यालय और जिले की पुलिस भी इस एंबुलेंस की लोकेशन से बेखबर थी। 26 नवंबर को अमर उजाला में डीएम के नाम है एंबुलेंस, उन्हें नहीं मालूम, कहां है-ये भी नहीं पता शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम ने कड़ा संज्ञान लिया। सीएमओ और एआरटीओ से रिकार्ड तलब किया गया। एंबुलेंस की फिटनेस कराने के निर्देश दिए थे। डीएम की फटकार के बाद सीएमओ कार्यालय से 9 नवंबर को एंबुलेंस की फिटनेस के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था।
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परिवहन विभाग ने 10 नवंबर की तिथि नियत कर एआरटीओ कार्यालय पर एंबुलेंस को मंगाया गया। जब तक चालक एंबुलेंस लेकर पहुंचा तो एआरटीओ प्रशासन अचानक छुट्टी पर चले गए थे। चालक दो बार एंबुलेंस लेकर एआरटीओ कार्यालय पहुंचा। लेकिन आरआई ने एंबुलेंस की फिटनेस करने के इंकार कर दिया था। लेकिन अब एंबुलेंस की फिटनेस हो गई है। एम परिवहन एप पर अंकित रिकार्ड के मुताबिक एंबुलेंस की फिटनेस 16 दिसंबर 2022 तक के लिए वेलिड है। जबकि उसका प्रदूषण रहित सर्टिफिकेट 16 जनवरी 2022 तक और बीमा 3 नवंबर 2023 तक मान्य है।
जिला मजिस्ट्रेट के नाम वाली एंबुलेंस की फिटनेस हो गई है। एंबुलेंस का बीमा और प्रदूषण रहित सर्टिफिकेट नहीं थे। जिसकी वजह से फिटनेस नहीं हो सकी थी। फिलहाल एंबुलेंस की फिटनेस 16 दिसंबर 2022 तक के लिए वैलिड है। - वैभव सोती, आरआई परिवहन विभाग
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जनपद में परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में एक एंबुलेंस डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अमरोहा के नाम से पंजीकृत है। एआरटीओ कार्यालय में इस एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन 7 दिसंबर 2013 को कराया गया था। रजिस्ट्रेशन के बाद इसे यूपी 23 जी-0184 नंबर आवंटित किया गया। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद फिटनेस अवधि 6 दिसंबर 2015 को पूरी हो गई। लेकिन एबुलेंस की फिटनेस का नवीनीकरण कराने का प्रयास न डीएम दफ्तर के स्तर से हुआ और न ही किसी और माध्यम से। एंबुलेंस का बीमा नहीं कराया गया और प्रदूषण रहित होने का सर्टिफिकेट भी इश्यू नहीं कराया गया था। शुरूआती दिनों में यह एंबुलेंस नगर की एक संस्था के पास थी। जिसके बाद उसे स्वास्थ्य विभाग के हैंडओवर कर दिया गया था। हैरानी की बात यह थी कि 25 नवंबर तक डीएम या उनके स्टाफ को इसकी कोई जानकारी नहीं थी, कि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अमरोहा के नाम से कोई एंबुलेंस हैं। यह भी नहीं मालूम था कि इस एंबुलेंस का कहां इस्तेमाल हो रहा है।
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डीएम दफ्तर के साथ-साथ एआरटीओ कार्यालय और जिले की पुलिस भी इस एंबुलेंस की लोकेशन से बेखबर थी। 26 नवंबर को अमर उजाला में डीएम के नाम है एंबुलेंस, उन्हें नहीं मालूम, कहां है-ये भी नहीं पता शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम ने कड़ा संज्ञान लिया। सीएमओ और एआरटीओ से रिकार्ड तलब किया गया। एंबुलेंस की फिटनेस कराने के निर्देश दिए थे। डीएम की फटकार के बाद सीएमओ कार्यालय से 9 नवंबर को एंबुलेंस की फिटनेस के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था।
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परिवहन विभाग ने 10 नवंबर की तिथि नियत कर एआरटीओ कार्यालय पर एंबुलेंस को मंगाया गया। जब तक चालक एंबुलेंस लेकर पहुंचा तो एआरटीओ प्रशासन अचानक छुट्टी पर चले गए थे। चालक दो बार एंबुलेंस लेकर एआरटीओ कार्यालय पहुंचा। लेकिन आरआई ने एंबुलेंस की फिटनेस करने के इंकार कर दिया था। लेकिन अब एंबुलेंस की फिटनेस हो गई है। एम परिवहन एप पर अंकित रिकार्ड के मुताबिक एंबुलेंस की फिटनेस 16 दिसंबर 2022 तक के लिए वेलिड है। जबकि उसका प्रदूषण रहित सर्टिफिकेट 16 जनवरी 2022 तक और बीमा 3 नवंबर 2023 तक मान्य है।
जिला मजिस्ट्रेट के नाम वाली एंबुलेंस की फिटनेस हो गई है। एंबुलेंस का बीमा और प्रदूषण रहित सर्टिफिकेट नहीं थे। जिसकी वजह से फिटनेस नहीं हो सकी थी। फिलहाल एंबुलेंस की फिटनेस 16 दिसंबर 2022 तक के लिए वैलिड है। - वैभव सोती, आरआई परिवहन विभाग