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जिपां अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
ब्यूरो अमर उजाला/अमरोहा।
Updated Thu, 01 Feb 2018 01:17 AM IST
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अमरोहा कलक्ट्रेट में जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव सौंपते सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
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सपा की जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू चौधरी की कुर्सी पर संकट मंडराने लगा है। जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू चौधरी के ससुर व पूर्व केबिनेट मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह के एक मंत्री से करीबी मामले बताए जाते हैं, इसके बाद भी भाजपा के कुछ नेताओं की शह पर जिला पंचायत सदस्यों ने उनके खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया है।
बुुधवार को एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे 16 सदस्यों ने जिलाधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। कुर्सी पर खतरा मंडराते ही राजनीतिक गलियारों में एकाएक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी की सरकार में पूर्व केबिनेट मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह ने कड़ी मेहनत के बाद पुत्र वधू रेनू चौधरी को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाया था। अखिलेश यादव की कैबिनेट में रहे विधायक महबूब अली ने इस ओहदे के लिए दावेदारी ठोंकी थी। उनकी पत्नी सकीना बेगम का टिकट फाइनल भी हो गया था, लेकिन ऐन वक्त पर चौधरी चंद्रपाल सिंह ने टिकट हासिल कर सियासत में भूचाल खड़ा कर दिया था। जिसके बाद विधायक महबूब अली ने हाईकमान के फैसले का सम्मान करते हुए अपने सदस्यों के साथ रेनू चौधरी के समर्थन किया।
प्रदेश में सत्ता बदलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर संकटों के बादल छा गए। अविश्वास प्रस्ताव के लिए उठापठक तेज होने केसाथ ही पूर्व केबिनेट मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह ने भाजपा नेताओं से नजदीकियां बढ़ा ली थीं। जिसके बाद मानों कि रेनू चौधरी की कुर्सी पर मंडराया खतरा शायद टल गया। लेकिन, बुधवार को इस कहानी में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब रेनू चौधरी के 16 सदस्य अविश्वास प्रस्ताव लेकर जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे। जिपं सदस्यों के बागी तेवरों के बाद डीएम ने इस संबंध में शासन को रिपोर्ट भेज दी है।
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बुुधवार को एकत्र होकर कलक्ट्रेट पहुंचे 16 सदस्यों ने जिलाधिकारी को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। कुर्सी पर खतरा मंडराते ही राजनीतिक गलियारों में एकाएक हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी की सरकार में पूर्व केबिनेट मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह ने कड़ी मेहनत के बाद पुत्र वधू रेनू चौधरी को जिला पंचायत अध्यक्ष बनाया था। अखिलेश यादव की कैबिनेट में रहे विधायक महबूब अली ने इस ओहदे के लिए दावेदारी ठोंकी थी। उनकी पत्नी सकीना बेगम का टिकट फाइनल भी हो गया था, लेकिन ऐन वक्त पर चौधरी चंद्रपाल सिंह ने टिकट हासिल कर सियासत में भूचाल खड़ा कर दिया था। जिसके बाद विधायक महबूब अली ने हाईकमान के फैसले का सम्मान करते हुए अपने सदस्यों के साथ रेनू चौधरी के समर्थन किया।
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प्रदेश में सत्ता बदलते ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर संकटों के बादल छा गए। अविश्वास प्रस्ताव के लिए उठापठक तेज होने केसाथ ही पूर्व केबिनेट मंत्री चौधरी चंद्रपाल सिंह ने भाजपा नेताओं से नजदीकियां बढ़ा ली थीं। जिसके बाद मानों कि रेनू चौधरी की कुर्सी पर मंडराया खतरा शायद टल गया। लेकिन, बुधवार को इस कहानी में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब रेनू चौधरी के 16 सदस्य अविश्वास प्रस्ताव लेकर जिलाधिकारी से मिलने पहुंचे। जिपं सदस्यों के बागी तेवरों के बाद डीएम ने इस संबंध में शासन को रिपोर्ट भेज दी है।
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