{"_id":"60de1d818ebc3e4cda3dca1d","slug":"nine-year-old-kamil-was-murdered-by-a-close-cousin-along-with-his-partner-jpnagar-news-mbd3942497193","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसा ने साथी के साथ मिलकर की थी कामिल की हत्या","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसा ने साथी के साथ मिलकर की थी कामिल की हत्या
विज्ञापन
अमरोहा। नगर कोतवाली पुलिस ने पांच महीने बाद कामिल हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है। अवैध संबंधों के शक में साढ़ू से बदला लेने के लिए मौसा ने अपने साथी के साथ मिलकर कामिल की हत्या की थी। मासूम की हत्या कर आत्मग्लानि झेल रहा मुख्य आरोपी मौसा आत्महत्या कर चुका है। पुलिस ने उसके साथी हो गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
अपर पुलिस अधीक्षक अजय प्रताप सिंह ने घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी की शाम को नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कटकुई निवासी बारबर शाकिर सलमानी का नौ वर्षीय बेटा कामिल घर के बाहर से लापता हो गया था। परिजनों ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस और परिजन उसकी तलाश में जुटे थे। लेकिन की 29 जनवरी की सुबह घर से दो किलोमीटर दूर नौगांवा सादात रोड किनारे कामिल का शव पड़ा मिला था। उसके गले में कपड़ा लिपटा हुआ था। हत्यारोपियों ने उसके सिर पर ईंट से कई वार किए गए थे। शव मिलने के बाद मुकदमे में हत्या की धाराओं की बढ़ोतरी की गई थी।
विवेचना के दौरान सत्तार निवासी शाहपुर अब्दुल वारी थाना कांठ जनपद मुरादाबाद और शानू उर्फ आसिफ उर्फ असलम निवासी जोई थाना डिडौली मूल निवासी ग्राम उकसी रायपुर थाना अमरोहा देहात के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने गुरुवार की दोपहर मोहल्ला कुरैशी चौपाल के पास शानू उर्फ आसिफ उर्फ असलम को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से बाइक बरामद हुई है। एएसपी के मुताबिक घटना वाले दिन सत्तार और शानू मृतक कामिल को धार्मिक स्थल पर घुमाने के बहाने लेकर गए थे। लेकिन उन्होंने नौगांवा सादात रोड पर ले जाकर कामिल की ईंट से सिर कुचलकर हत्या कर दी थी। सत्तार मृतक कामिल का सगा मौसा था। सत्तार को शक था कि उसकी पत्नी के संबंध मृतक कामिल के पिता से थे। जिसका बदला लेने के लिए उसने इस घटना को अंजाम दिया था। लेकिन सत्तार आत्मग्लानि में आत्महत्या कर चुका हैं।
विज्ञापन
रुपयों की जरूरत के लिए हत्या में शामिल हुआ था शानू
अमरोहा। पुलिस के अनुसार शानू गैर समुदाय की युवती को झांसा देकर कोर्ट मैरिज करने की फिराक में था। इसके लिए शानू को रुपयों की जरूरत थी। इसी बीच उसकी मुलाकात सत्तार से हुई। सत्तार ने शानू को 50 हजार रुपये देकर हत्या की पटकथा लिखी थी। इसके बाद शानू मोहल्ला कटकुई में मृतक कामिल के घर के पास किराए पर रहने लगा था। हत्याकांड का अंजाम देने के दो दिन पहले ही शानू के किराए के कमरे को खाली कर दिया था।
इसलिए सत्तार रखता था कामिल के पिता से रंजिश
अमरोहा। इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने बताया कि हत्यारोपी सत्तार और मृतक कामिल का पिता शाकिर दोनों बारबर (नाई) का काम करते थे। शाकिर ने अपनी साली की शादी सत्तार के साथ कराई थी। लेकिन शादी के चार महीने बाद ही सत्तार की पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया था। तभी से सत्तार को शक था कि उसकी पत्नी के संबंध शाकिर के साथ है। इस बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। एक-दूसरे के घर आना जाना बंद था। तभी से सत्तार अपने साढ़ू शाकिर से रंजिश रखता था। लेकिन कामिल की हत्या करने के करीब पांच महीने पहले से सत्तार ने शाकिर के घर आना शुरू कर दिया था। सत्तार जब भी घर आता था, तो बच्चों के लिए खाने-पीने की चीजें लेकर आता था। जिसके चलते कामित अपने मौसा के बेहद करीब आ गया था। साढ़ू से बदला लेने के लिए सत्तार ने अपने साथी शानू के साथ मिलकर कामिल की हत्या कर दी थी। संवाद
विज्ञापन
अपर पुलिस अधीक्षक अजय प्रताप सिंह ने घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी की शाम को नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कटकुई निवासी बारबर शाकिर सलमानी का नौ वर्षीय बेटा कामिल घर के बाहर से लापता हो गया था। परिजनों ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण की एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस और परिजन उसकी तलाश में जुटे थे। लेकिन की 29 जनवरी की सुबह घर से दो किलोमीटर दूर नौगांवा सादात रोड किनारे कामिल का शव पड़ा मिला था। उसके गले में कपड़ा लिपटा हुआ था। हत्यारोपियों ने उसके सिर पर ईंट से कई वार किए गए थे। शव मिलने के बाद मुकदमे में हत्या की धाराओं की बढ़ोतरी की गई थी।
विज्ञापन
विवेचना के दौरान सत्तार निवासी शाहपुर अब्दुल वारी थाना कांठ जनपद मुरादाबाद और शानू उर्फ आसिफ उर्फ असलम निवासी जोई थाना डिडौली मूल निवासी ग्राम उकसी रायपुर थाना अमरोहा देहात के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने गुरुवार की दोपहर मोहल्ला कुरैशी चौपाल के पास शानू उर्फ आसिफ उर्फ असलम को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से बाइक बरामद हुई है। एएसपी के मुताबिक घटना वाले दिन सत्तार और शानू मृतक कामिल को धार्मिक स्थल पर घुमाने के बहाने लेकर गए थे। लेकिन उन्होंने नौगांवा सादात रोड पर ले जाकर कामिल की ईंट से सिर कुचलकर हत्या कर दी थी। सत्तार मृतक कामिल का सगा मौसा था। सत्तार को शक था कि उसकी पत्नी के संबंध मृतक कामिल के पिता से थे। जिसका बदला लेने के लिए उसने इस घटना को अंजाम दिया था। लेकिन सत्तार आत्मग्लानि में आत्महत्या कर चुका हैं।
विज्ञापन
रुपयों की जरूरत के लिए हत्या में शामिल हुआ था शानू
अमरोहा। पुलिस के अनुसार शानू गैर समुदाय की युवती को झांसा देकर कोर्ट मैरिज करने की फिराक में था। इसके लिए शानू को रुपयों की जरूरत थी। इसी बीच उसकी मुलाकात सत्तार से हुई। सत्तार ने शानू को 50 हजार रुपये देकर हत्या की पटकथा लिखी थी। इसके बाद शानू मोहल्ला कटकुई में मृतक कामिल के घर के पास किराए पर रहने लगा था। हत्याकांड का अंजाम देने के दो दिन पहले ही शानू के किराए के कमरे को खाली कर दिया था।
इसलिए सत्तार रखता था कामिल के पिता से रंजिश
अमरोहा। इंस्पेक्टर आरपी शर्मा ने बताया कि हत्यारोपी सत्तार और मृतक कामिल का पिता शाकिर दोनों बारबर (नाई) का काम करते थे। शाकिर ने अपनी साली की शादी सत्तार के साथ कराई थी। लेकिन शादी के चार महीने बाद ही सत्तार की पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया था। तभी से सत्तार को शक था कि उसकी पत्नी के संबंध शाकिर के साथ है। इस बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद की स्थिति पैदा हो गई थी। एक-दूसरे के घर आना जाना बंद था। तभी से सत्तार अपने साढ़ू शाकिर से रंजिश रखता था। लेकिन कामिल की हत्या करने के करीब पांच महीने पहले से सत्तार ने शाकिर के घर आना शुरू कर दिया था। सत्तार जब भी घर आता था, तो बच्चों के लिए खाने-पीने की चीजें लेकर आता था। जिसके चलते कामित अपने मौसा के बेहद करीब आ गया था। साढ़ू से बदला लेने के लिए सत्तार ने अपने साथी शानू के साथ मिलकर कामिल की हत्या कर दी थी। संवाद