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मुस्लिमों को भांपने में हाथी को भूली पब्लिक
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Thu, 16 Feb 2017 12:59 PM IST
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EVM
विधानसभा चुनाव को घोषणा के साथ ही मचे चुनावी शोर गुल में जिले की तीन विधानसभी सीटों पर पब्लिक का ध्यान हाथी से हटा रहा। मुस्लिमों को भांपने में पब्लिक हाथी को भूली रही। यही कारण रहा कि हाथी की चाल यहां मंद देखी गई। जातीय समीकरण के कारण अकेले अमरोहा बसपा की हाथी चिंघाड़ती रही। इससे यहां कड़े मुकाबले का आसार बने हैं।
चुनावी बिगुल बजने के साथ ही सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशी दमखम के साथ मैदान में उतर आए थे। पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व ने भी उनका पूरा साथ दिया। समय-समय पर जिले में दस्तक देकर अपने सिपहसालारों की खूब हौसला अफजाई की और उनके पक्ष में हवा बनाने की कोशिश की।
सपा की ओर से कैबिनेटमंत्री आजम खां के आलावा स्वयं मुख्यमंत्री ने जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में जनसभा कर पार्टी प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने का प्रयास किया। भाजपा की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, संजीव बालियान के अलावा महंत आदित्य नाथ ने भी पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में हवा बनाई।
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यही हाल रालोद और एआईएमआईए का रहा। छोटे चौधरी के आवाला पार्टी महासचिव जयंत चौधरी ने पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में जनसभा के आलावा रोड शो तक किए। असदुद्दीन ओवैसी ने भी कई जनसभाएं कीं। इन सबके बीच बसपा शीर्ष नेतृत्व की ओर से काई बड़ी जनसभा और कोई बड़ी घोषणा या बयानबाजी न होने से जिले में हाथी की चाल मंद सी दिखी।
चुनावी शोरगुल शांत पड़ी बसपा से पब्लिक का ध्यान भी हटा रहा। यही कारण रहा कि जिले की हसनपुर, नौगावां सादात और धनौरा सीट पर हाथी की चाल कुछ मंद सी दिखी। सिर्फ अमरोहा में पहले से बने जातीय समीकरण की वजह से हाथी अपनी चिंघाड़ दर्ज कराता नजर आया। इसी कारण इस सीट पर लड़ाई भी कड़ी मानी जा रही है।
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चुनावी बिगुल बजने के साथ ही सभी राजनीतिक दलों के प्रत्याशी दमखम के साथ मैदान में उतर आए थे। पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व ने भी उनका पूरा साथ दिया। समय-समय पर जिले में दस्तक देकर अपने सिपहसालारों की खूब हौसला अफजाई की और उनके पक्ष में हवा बनाने की कोशिश की।
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सपा की ओर से कैबिनेटमंत्री आजम खां के आलावा स्वयं मुख्यमंत्री ने जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों में जनसभा कर पार्टी प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने का प्रयास किया। भाजपा की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य, संजीव बालियान के अलावा महंत आदित्य नाथ ने भी पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में हवा बनाई।
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यही हाल रालोद और एआईएमआईए का रहा। छोटे चौधरी के आवाला पार्टी महासचिव जयंत चौधरी ने पार्टी प्रत्याशी के पक्ष में जनसभा के आलावा रोड शो तक किए। असदुद्दीन ओवैसी ने भी कई जनसभाएं कीं। इन सबके बीच बसपा शीर्ष नेतृत्व की ओर से काई बड़ी जनसभा और कोई बड़ी घोषणा या बयानबाजी न होने से जिले में हाथी की चाल मंद सी दिखी।
चुनावी शोरगुल शांत पड़ी बसपा से पब्लिक का ध्यान भी हटा रहा। यही कारण रहा कि जिले की हसनपुर, नौगावां सादात और धनौरा सीट पर हाथी की चाल कुछ मंद सी दिखी। सिर्फ अमरोहा में पहले से बने जातीय समीकरण की वजह से हाथी अपनी चिंघाड़ दर्ज कराता नजर आया। इसी कारण इस सीट पर लड़ाई भी कड़ी मानी जा रही है।