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Amroha News: मध्य गंगा नहर जैसा खेल रोकने की तैयारी, भूमि अधिग्रहण पर प्रशासन की नजर
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मंडी धनौरा। मध्य गंगा नहर निर्माण के दौरान हुए भूमि मुआवजा घोटाले से सबक लेते हुए तहसील प्रशासन इस बार गंगा एक्सप्रेसवे के लिए अधिगृहीत होने वाली जमीनों के मामले में सतर्क है। करीब 45 दिन पहले एसडीएम ने धारा-80 के तहत होने वाली कार्रवाई पर रोक लगा दी है। जिन किसानों की जमीन अधिग्रहण के दायरे में है, उनकी गतिविधियों पर भी प्रशासन नजर रख रहा है।
करीब 13 वर्ष पहले मध्य गंगा नहर निर्माण के लिए कई गांवों की भूमि अधिगृहीत की गई थी। उस समय कृषि, रिहायशी, औद्योगिक और व्यवसायिक श्रेणी के आधार पर मुआवजा तय हुआ था। आरोप है कि कुछ किसानों ने राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से कृषि भूमि को आबादी की श्रेणी में दर्ज कराकर रातों-रात कच्चे निर्माण दिखाए और कई गुना अधिक मुआवजा प्राप्त कर लिया। शिकायत के बाद तत्कालीन एसडीएम और कई लेखपाल जांच के दायरे में आए थे। शासन स्तर की जांच में दो लेखपालों पर कार्रवाई हुई, जबकि तत्कालीन एसडीएम राजनीतिक प्रभाव के चलते बच गए।
इसी मामले को देखते हुए प्रशासन इस बार गंगा एक्सप्रेसवे भूमि अधिग्रहण में किसी भी अनियमितता को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरत रहा है।
सूत्रों के अनुसार अधिग्रहण क्षेत्र की जमीनों से जुड़े मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप गुप्ता का कहना है कि अधिगृहीत गाटा संख्या अभी लॉक नहीं है और क्षेत्र की भूमि की खरीद-फरोख्त जारी है। वहीं, सब रजिस्ट्रार कार्यालय के एक लिपिक ने भी ऐसे किसी आदेश की जानकारी होने से इन्कार किया है।
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एसडीएम शैलेष कुमार दुबे का कहना है अधिगृहीत की जाने वाली भूमि की खरीद फरोख्त की प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है।
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करीब 13 वर्ष पहले मध्य गंगा नहर निर्माण के लिए कई गांवों की भूमि अधिगृहीत की गई थी। उस समय कृषि, रिहायशी, औद्योगिक और व्यवसायिक श्रेणी के आधार पर मुआवजा तय हुआ था। आरोप है कि कुछ किसानों ने राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से कृषि भूमि को आबादी की श्रेणी में दर्ज कराकर रातों-रात कच्चे निर्माण दिखाए और कई गुना अधिक मुआवजा प्राप्त कर लिया। शिकायत के बाद तत्कालीन एसडीएम और कई लेखपाल जांच के दायरे में आए थे। शासन स्तर की जांच में दो लेखपालों पर कार्रवाई हुई, जबकि तत्कालीन एसडीएम राजनीतिक प्रभाव के चलते बच गए।
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इसी मामले को देखते हुए प्रशासन इस बार गंगा एक्सप्रेसवे भूमि अधिग्रहण में किसी भी अनियमितता को रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरत रहा है।
सूत्रों के अनुसार अधिग्रहण क्षेत्र की जमीनों से जुड़े मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। हालांकि, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप गुप्ता का कहना है कि अधिगृहीत गाटा संख्या अभी लॉक नहीं है और क्षेत्र की भूमि की खरीद-फरोख्त जारी है। वहीं, सब रजिस्ट्रार कार्यालय के एक लिपिक ने भी ऐसे किसी आदेश की जानकारी होने से इन्कार किया है।
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एसडीएम शैलेष कुमार दुबे का कहना है अधिगृहीत की जाने वाली भूमि की खरीद फरोख्त की प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है।