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पांचवें दिन हुई मां स्कंदमाता की आराधना
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मां भगवती के पांचवें स्वरूप में स्कंदमाता की पूजा अर्चना की गई। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा है। श्रद्धालुओं ने माता की उपासना कर परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कमाना की। माता के जयकारों से मंदिर गूंज उठे। आज छठवें नवरात्रे पर माता कात्यायनी की पूजा की जाएगी।
चैत्र नवरात्र के चलते मां मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप में मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की। नवरात्र के चलते शहर का वातावरण भक्तिमय हो गया है। महिलाएं, युवती, बच्चे और बुजुर्गों ने भी नवरात्र व्रत रखा हुआ है। बुधवार कोसुबह-सवेरे देवी मंदिरों में पूजा अर्चना करने पहुंचे। कुछ भक्तों ने घर में रहकर विधिविधान के साथ माता रानी की पूजा अर्चना की। परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की गई। पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि गुरुवार को नवरात्र पर्व का छठा दिन है। इस दिन फलदायिनी मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाती है। मां कात्यायनी की भक्ति और उपासना द्वारा मनुष्य को बड़ी सरलता से अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति हो जाती है। वह इस लोक में स्थित रहकर भी अलौकिक तेज और प्रभाव से युक्त हो जाता है।
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चैत्र नवरात्र के चलते मां मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप में मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की। नवरात्र के चलते शहर का वातावरण भक्तिमय हो गया है। महिलाएं, युवती, बच्चे और बुजुर्गों ने भी नवरात्र व्रत रखा हुआ है। बुधवार कोसुबह-सवेरे देवी मंदिरों में पूजा अर्चना करने पहुंचे। कुछ भक्तों ने घर में रहकर विधिविधान के साथ माता रानी की पूजा अर्चना की। परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की गई। पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि गुरुवार को नवरात्र पर्व का छठा दिन है। इस दिन फलदायिनी मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाती है। मां कात्यायनी की भक्ति और उपासना द्वारा मनुष्य को बड़ी सरलता से अर्थ, धर्म, काम, मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति हो जाती है। वह इस लोक में स्थित रहकर भी अलौकिक तेज और प्रभाव से युक्त हो जाता है।
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