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Amroha News: साढ़े चार हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन बाढ़ से प्रभावित
Tue, 23 Sep 2025 02:50 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 23 Sep 2025 02:50 AM IST
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अमरोहा। मैदानों के साथ पहाड़ी इलाकों पर हुई बारिश ने अन्नदाता को मुसीबत में डाल दिया गया है। बारिश से आई बाढ़ ने फसलों को बर्बाद कर दिया। इसके कारण गन्ने, धान व दूसरी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित क्षेत्रों के तहत राजस्व व कृषि विभाग ने इसके लिए सर्वे का काम भी लगभग पूरा कर लिया है। इसके बाद पीड़ित किसानों को मुआवजे दिए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जिले में मंडी धनौरा, गजरौला और हसनपुर क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांवों में एक माह से भी अधिक समय तक बाढ़ की दुश्वारी बनी रही थी। लगातार जलस्तर बने रहने से सामान्य जनजीवन भी अस्त व्यस्त हो गया था। किसान फसल बीमा व बिना बीमा के फसलों के नुकसान के लिए कृषि विभाग व राजस्व विभाग ने सर्वे का कार्य कराया था।
कृषि उपनिदेशक डॉ. रामप्रवेश के अनुसार बाढ़ के कारण 492 किसान प्रभावित पाए गए हैं। जिनकी फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। उनको बीमा कंपनी की और से धनराशि दिलाए जाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा राजस्व विभाग के अनुसार 4580 हेक्टेयर जमीन बाढ़ से प्रभावित हुई है। जिनको कृषि निवेश अनुदान के तहत सहायता राशि दी जाएगी। आपदा विशेषज्ञ पवन शुक्ला ने बताया कि सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है।
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जिले में मंडी धनौरा, गजरौला और हसनपुर क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांवों में एक माह से भी अधिक समय तक बाढ़ की दुश्वारी बनी रही थी। लगातार जलस्तर बने रहने से सामान्य जनजीवन भी अस्त व्यस्त हो गया था। किसान फसल बीमा व बिना बीमा के फसलों के नुकसान के लिए कृषि विभाग व राजस्व विभाग ने सर्वे का कार्य कराया था।
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कृषि उपनिदेशक डॉ. रामप्रवेश के अनुसार बाढ़ के कारण 492 किसान प्रभावित पाए गए हैं। जिनकी फसलों को बहुत नुकसान हुआ है। उनको बीमा कंपनी की और से धनराशि दिलाए जाने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा राजस्व विभाग के अनुसार 4580 हेक्टेयर जमीन बाढ़ से प्रभावित हुई है। जिनको कृषि निवेश अनुदान के तहत सहायता राशि दी जाएगी। आपदा विशेषज्ञ पवन शुक्ला ने बताया कि सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है।
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