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मोहम्मद साहब के आमद की खुशियां छाईं
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धनौरा में ईद मिलादुन्नबी के मौके पर तकरीर करते हुए कारी मोहब्बत अली
- फोटो : DHANAURA
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अमरोहा। पैगंबर मोहम्मद साहब की विलादत मंगलवार को सादगी के साथ मनाई गई। मुस्लिम घरों में खुशियों का माहौल रहा। लोगों ने मिलाद का आयोजन कराया। मोहम्मद साहब की शान में दुरूद और सलाम पेश किए गए। मस्जिदों में फज्र की नमाज के बाद से जलसा ए सीरत शुरू हुआ, जिसमें उलमा ने उनकी जिंदगी पर प्रकाश डाला। मोहम्मद साहब के बताए रास्ते पर चलने की अपील की। शहर और देहात के इलाकों में मोहम्मद साहब की शान में नात कलाम गूंजती रही। इससे माहौल में खुशिया छा गईं।
शहर के मोहल्ला कुरैशी स्थित फूलबाग के शेख सरवरी चिश्ती मस्जिद में नातिया कलाम हुआ। मौलाना दिलशाद ने सारे आलम पर रहमत बरसने लगी जब नबी की विलादत का साल आ गया... सुनाया। कारी यामीन ने कहा कि मोहम्मद साहब ने दुनिया में अमन और सुकून को बढ़ावा दिया है। बेटियों की पैदाईश को रहमत बताया है। बेटियों और बहनों को उनका हक दिलाया है। इस दौरान हाफिज साकिब, मौलाना इकबाल, मौलाना इमरान आदि रहे।
इस्लामी परचम के साथ मोहल्लों में घूमे बच्चे
अमरोहा। शहर के विभिन्न मोहल्लों में उत्साही बच्चों ने इस्लामी परचम के साथ घूमें। मोहम्मद साहब की शान में रास्ते में कलाम पढ़ते चल रहे थे। कई मोहल्ले के बच्चे गुल्लू के नीम और बसावनगंज की सड़कों से गुजरे।
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गरीबों को खिलाया खाना
अमरोहा। मोहम्मद साहब के दुनिया में आमद की खुशियों को लोगों ने गरीबों के साथ साझा किया। मुस्लिम घरों में लजीज पकवान बनाए गए थे। कोरमा, बिरयानी, नहारी, जरदा आदि पकवान बांटे गए।
लगातार दूसरे साल नहीं निकला जुलूस ए मोहम्मदी
अमरोहा। कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते लगातार दूसरे साल जुलूस ए मोहम्मदी नहीं निकाला गया। शहर में मुस्लिम कमेटी की ओर से जुलूस ए मोहम्मदी निकाला जाता है, लेकिन इस साल भी नहीं निकल सका।
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शहर के मोहल्ला कुरैशी स्थित फूलबाग के शेख सरवरी चिश्ती मस्जिद में नातिया कलाम हुआ। मौलाना दिलशाद ने सारे आलम पर रहमत बरसने लगी जब नबी की विलादत का साल आ गया... सुनाया। कारी यामीन ने कहा कि मोहम्मद साहब ने दुनिया में अमन और सुकून को बढ़ावा दिया है। बेटियों की पैदाईश को रहमत बताया है। बेटियों और बहनों को उनका हक दिलाया है। इस दौरान हाफिज साकिब, मौलाना इकबाल, मौलाना इमरान आदि रहे।
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इस्लामी परचम के साथ मोहल्लों में घूमे बच्चे
अमरोहा। शहर के विभिन्न मोहल्लों में उत्साही बच्चों ने इस्लामी परचम के साथ घूमें। मोहम्मद साहब की शान में रास्ते में कलाम पढ़ते चल रहे थे। कई मोहल्ले के बच्चे गुल्लू के नीम और बसावनगंज की सड़कों से गुजरे।
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गरीबों को खिलाया खाना
अमरोहा। मोहम्मद साहब के दुनिया में आमद की खुशियों को लोगों ने गरीबों के साथ साझा किया। मुस्लिम घरों में लजीज पकवान बनाए गए थे। कोरमा, बिरयानी, नहारी, जरदा आदि पकवान बांटे गए।
लगातार दूसरे साल नहीं निकला जुलूस ए मोहम्मदी
अमरोहा। कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते लगातार दूसरे साल जुलूस ए मोहम्मदी नहीं निकाला गया। शहर में मुस्लिम कमेटी की ओर से जुलूस ए मोहम्मदी निकाला जाता है, लेकिन इस साल भी नहीं निकल सका।