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चार शिशुओं की मौत में लापरवाही के चलते चिकित्साधीक्षक को हटाया
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 11 घंटे के भीतर 4 शिशुओं की मौत के मामले में लापरवाही के चलते सीएमओ ने चिकित्साधीक्षक को हटा दिया है। जबकि एएनएम को निलंबित करते हुए रहरा सीएचसी में अटैच कर दिया है। इसके अलावा उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया है।
क्षेत्र के गांव फतेहपुर खादर निवासी देवेंद्र ने की पत्नी पूनम ने 11 जुलाई की शाम 5 बजे प्रसव के शिशु को को जन्म दिया था। चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे की जन्म से पहले ही मौत हो चुकी थी। गांव अगरौला कला निवासी सर्वेश की पत्नी बीना ने 11 जुलाई की शाम 7:30 बजे प्रसव के दौरान शिशु को को जन्म दिया था। इसके बाद गंभीर हालत में उसे रेफर कर दिया था। रास्ते में उसकी मौत हो गई थी। गांव सुतारी निवासी ओमवीर की पत्नी सविता ने सुबह 6 बजे शिशु को जन्म दिया था। लेकिन वह भी जीवित नहीं रह सका। गांव झोंटना निवासी बंटी की पत्नी रिंकी ने सुबह करीब 3 बजे प्रसव के दौरान शिशु को जन्म दिया था। यह भी जन्म से पहले ही मृत हो चुका था। 11 घंटे के भीतर अस्पताल में चार शिशुओं की मौत की हो गई थी। मामले में जांच के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.राजीव सिंघल द्वारा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.डीके सिंह समेत दो सदस्यीय टीम से जांच कराई थी। सीएमओ डॉ.राजीव सिंघल ने बताया कि 4 बच्चों की मौत के मामले में प्रथम दृष्टतया जांच में लापरवाही के चलते चिकित्साधीक्षक, स्टाफ नर्स और एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके बाद लापरवाही के चलते एनएसम को निलंबित करते हुए रहरा सीएचसी में अटैच कर दिया है। जबकि ट्रांसफर हो चुके चिकित्सा अधीक्षक डॉ.अमित बरू को हटाकर ईएमओ डा. मुदित गौतम को चिकित्साधीक्षक बनाया है।
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क्षेत्र के गांव फतेहपुर खादर निवासी देवेंद्र ने की पत्नी पूनम ने 11 जुलाई की शाम 5 बजे प्रसव के शिशु को को जन्म दिया था। चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे की जन्म से पहले ही मौत हो चुकी थी। गांव अगरौला कला निवासी सर्वेश की पत्नी बीना ने 11 जुलाई की शाम 7:30 बजे प्रसव के दौरान शिशु को को जन्म दिया था। इसके बाद गंभीर हालत में उसे रेफर कर दिया था। रास्ते में उसकी मौत हो गई थी। गांव सुतारी निवासी ओमवीर की पत्नी सविता ने सुबह 6 बजे शिशु को जन्म दिया था। लेकिन वह भी जीवित नहीं रह सका। गांव झोंटना निवासी बंटी की पत्नी रिंकी ने सुबह करीब 3 बजे प्रसव के दौरान शिशु को जन्म दिया था। यह भी जन्म से पहले ही मृत हो चुका था। 11 घंटे के भीतर अस्पताल में चार शिशुओं की मौत की हो गई थी। मामले में जांच के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.राजीव सिंघल द्वारा अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.डीके सिंह समेत दो सदस्यीय टीम से जांच कराई थी। सीएमओ डॉ.राजीव सिंघल ने बताया कि 4 बच्चों की मौत के मामले में प्रथम दृष्टतया जांच में लापरवाही के चलते चिकित्साधीक्षक, स्टाफ नर्स और एएनएम से स्पष्टीकरण मांगा गया था। इसके बाद लापरवाही के चलते एनएसम को निलंबित करते हुए रहरा सीएचसी में अटैच कर दिया है। जबकि ट्रांसफर हो चुके चिकित्सा अधीक्षक डॉ.अमित बरू को हटाकर ईएमओ डा. मुदित गौतम को चिकित्साधीक्षक बनाया है।
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