UP: सामूहिक विवाह में विवाहित ने युवती संग लिए फेरे, तीन बच्चे और पत्नी मौजूद... खुलासा हुआ तो उपहार लिया वापस
गजरौला में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा सामने आया है। जहां शादीशुदा तीन बच्चों के पिता की शादी एक युवती से करा दी गई। शिकायत मिलने पर सीडीओ की जांच में मामला सही पाया गया, जिसके बाद आरोपी, युवती और सत्यापन करने वाली पंचायत सचिव के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के आयोजन में फर्जीवाड़ा सामने आया है। गजरौला में आयोजित कार्यक्रम में पत्नी के जीवित रहते शादीशुदा व्यक्ति के साथ युवती के फेरे करा दिए। मामला उजागर होने पर सीडीओ ने प्रकरण की जांच कराई। मामला सही पाए जाने पर सत्यापन करने वाली सचिव के निलंबन की संस्तुति की गई है।
इस फजीवाड़े में शामिल युवती और शादीशुदा व्यक्ति कपिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। वहीं, शादी के दौरान वर-वधू के रूप में दिए गए उपहार को वापस ले लिया गया है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के आयोजन में फर्जीवाड़े का ताजा मामला गजरौला का है। यहां दूल्हा नहीं पहुंचा तो एक युवती की शादी शादीशुदा तीन बच्चों के पिता के साथ करा दी गई।
योजना का लाभ लेने के लिए क्षेत्र के एक गांव निवासी किसान ने अपनी बेटी की शादी के लिए आवेदन किया था। शनिवार को योजना के तहत उसकी विवाह की रस्में भी पूरा करा दी गईं। कार्यक्रम में युवती की शादी सलेमपुर गांव निवासी कपिल के साथ करा दी गई, जबकि कपिल पहले से शादीशुदा है और परिवार में पत्नी व तीन बच्चे भी हैं।
शादी की रस्म अदायगी पूरी होने के बाद किसी ने मामले की शिकायत सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा से कर दी। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सीडीओ ने तत्काल जांच कराई। जिसमें शिकायत सही पाई गई। सीडीओ ने बताया कि युवती की शादी जिस लड़के से होनी थी, वह नहीं पहुंचा। इसके बाद उसके परिजनों ने कपिल को बैठाते हुए जानबूझकर विवाह करा दिया।
उन्होंने बताया कि युवती के बयान दर्ज करते हुए फर्जीवाड़े में शामिल आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। साथ ही सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने वाली पंचायत सचिव पल्लवी भी कार्रवाई के दायरे में आ गई हैं। मूलरूप से आगरा में तैनात पंचायत सचिव अमरोहा में संबद्ध हैं। इसलिए निलंबन की कार्रवाई की संस्तुति करते हुए डीडीओ आगरा को पत्र लिखा गया है।
परिजनों की सहमति से हुए फेरे
विभागीय जांच के अनुसार युवती ने परिजनों की सहमति से ही शादीशुदा युवक के साथ फेरे लिए। युवती व परिजनाें के अनुसार लड़के की तबीयत खराब होने के चलते वह नहीं आ सका। जिसके बाद योजना का अनुचित तरीके से लाभ लेने के लिए परिजनाें ने कपिल को बैठा दिया, लेकिन शिकायत के बाद सारी पोल खुलने से परिजनों के मंसूबे नाकाम हो गए।
मामले की शिकायत मिली थी। जिसकी तत्काल जांच कराए जाने पर शिकायत सही पाई गई है। मामले में पंचायत सचिव के निलंबन की संस्तुति की गई है। साथ ही शादी कपिल व युवती के विरुद्ध शासकीय धनराशि के आहरण, धोखाधड़ी तथा गलत तरीके से लाभ लेने के आरोप मे प्राथमिकी दर्ज कराने के आदेश जिला समाज कल्याण अधिकारी व बीडीओ को दिए गए हैं। - अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ
गलत तरीके से योजना का लाभ लेने वाली युवती से सारा सामान वापस ले लिया गया है। साथ ही योजना के तहत दी जाने वाली राशि पर भी रोक लगा दी गई है। मामले में एडीओ समाज कल्याण को मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए हैं। - पंखुरी जैन, जिला समाज कल्याण अधिकारी
पंचायत सचिव पर ये आरोप
जिला विकास अधिकारी सरिता द्विवेदी ने बताया कि सत्यापन करने वाली पंचायत सचिव पल्लवी पर योजना में जानबूझकर शिथिलता बरतने, शासकीय धनराशि का दुरुपयोग करने, उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन नहीं करने का आरोप है। जबकि पंचायत सचिव के द्वारा वेदी पर बैठे वर-वधू को सत्यापन करना चाहिए था, जो उनके द्वारा नहीं किया गया।