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हजारों बीघा सरकारी भूमि को माफिया ने किया अपने नाम

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 17 Apr 2022 12:12 AM IST
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Mafia made thousands of bighas of government land in its name
क्षेत्र के गांव गंगेश्वरी में चरागाह, खलिहान एवं तालाब की हजारों बीघा भूमि को गलत तरीके से माफिया द्वारा अपने नाम दर्ज कराने मामला सामने आया है। एसडीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए गांव में चकबंदी प्रक्रिया चलने के वजह से चकबंदी अधिकारी को निर्देशित किया है। एसडीएम का कहना है कि सरकारी जमीन किन-किन माफिया ने अपने नाम दर्ज कर रखी है। उनके नामों की सूची उपलब्ध कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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एसडीएम अनिल कुमार श्रीवास्तव ने चकबंदी अधिकारी ग्राम गंगेश्वरी से कहा है कि किसान यूनियन एवं विभिन्न संगठनों के द्वारा की गई शिकायत के आधार पर जांच कराने पर स्पष्ट हुआ है कि ग्राम गंगेश्वरी जो वर्तमान में चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत है। गांव में ग्राम समाज की भूमि, चरागाह की भूमि, खलिहान एवं तालाब आदि की भूमि वर्षों पहले गलत तरीके से विभिन्न व्यक्तियों के नाम दर्ज कर की जा चुकी है। चकबंदी लेखपाल के पास उपलब्ध पुरानी सी. एच. 45 व वर्तमान खतौनी में चरागाह की भूमि का मिलान करने पर स्थिति बहुत ही गड़बड़ मिली है।
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बताया कि तालिका में स्पष्ट है कि चरागाह की लगभग 154.11 एकड़ भूमि, खलिहान की 1.40 एकड़, तालाब की 0. 62 एकड़ भूमि सार्वजनिक उपयोगिता की भूमि के खाते से हटाकर विभिन्न खातेदारों के नाम दर्ज की जा चुकी है जबकि माननीय उच्चतम न्यायालय एवं माननीय उच्च न्यायालय द्वारा एवं शासन द्वारा भी चरागाह, खलिहान व तालाब आदि सुरक्षित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर के आदेश दिए जाते रहे हैं। एक जुलाई 1950 से प्रभावी एवं भूमि व्यवस्था अधिनियम में भी स्पष्ट है कि चरागाह की भूमि का आवंटन के जाने का कोई प्रावधान नहीं है। चरागाह, खलिहान आदि की भूमि का आवंटन नहीं हो सकता। इस भूमि पर संक्रमणीय भूमिधर का अधिकार भी प्रदत्त नहीं किया जा सकता।
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उन्होंने बताया कि माफिया प्रवृति के लोगों ने चरागाह, तालाब, खलिहान आदि की सार्वजनिक उपयोगिता की भूमि पर विधि विरुद्ध से अपना नाम दर्ज कराई है। उन्होंने चकबंदी अधिकारी को निर्देशित किया है कि ग्राम गंगेश्वरी के लेखपाल के पास उपलब्ध बंदोबस्त, खतौनी से उपरोक्त भूमि का मिलान कराकर इस संबंध में अपनी आख्या व सूची उपलब्ध कराए। बताए कि किस किसके नाम सरकारी भूमि दर्ज है। इस कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। यदि लापरवाही मिलती है तो कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

गांव गंगेश्वरी में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। शिकायत के बाद जांच कराने पर सामने आया कि यहां चरागाह, खलिहान व तालाब की हजारों बीघा भूमि को माफिया ने गलत तरीके से अपने नाम दर्ज करा रखा है। अवैध कब्जा हटवाया जाएगा।
अनिल कुमार श्रीवास्तव, एसडीएम हसनपुर
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