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दिवाली पर बाजार की तरह साइबर ठग भी तैयार, रहें खबरदार
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समय के साथ साइबर ठग भी जाल बिछाने का तरीका बदल रहे हैं। फोन कॉल या संदेश पर त्योहार से जुड़ा खास अवसर बताकर लोगों को रिझाने और फिर उनका बैंक खाता हल्का करने की साजिश रच रहे हैं। लिहाजा बैंकिंग और खरीद-फरोख्त से जुड़े हर ऑफर को तोहफे का अवसर न समझ बैठें।
दिवाली के त्योहार पर ऑफर की बहार आई हुई है। भीड़भाड़ से बचने और बड़ी छूट के चक्कर में लोग ऑनलाइन शॉपिंग को प्रमुखता दे रहे हैं। लोगों के इस मूड को भांपते हुए कंपनियां भी ग्राहकों को लुभाने के लिए तरह-तरह के ऑफर दे रही हैं। एक सामान की खरीद पर भारी भरकम छूट का ऑफर दिया जा रहे हैं तो कहीं महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स सामान खरीदने के लिए शून्य ब्याज दर पर कर्ज देने का ऑफर। ऐसे किसी भी बंफर ऑफर पर क्लिक करते समय ग्राहकों को बेहद सावधान रहना चाहिए। क्योंकि हो सकता है कि असली जैसा दिखने वाला ऑफर कोई फिशिंग लिंक हो और इस पर क्लिक करते ही आपके बैंक खाते से मेहनत की कमाई निकल जाए।
एसपी आदित्य लांग्हे ने बताया कि ग्राहकों को लूटने के लिए धोखेबाजों ने नए-नए तरीके इस्तेमाल करने शुरू कर दिए हैं। इनमें असली-नकली की पहचान करना मुश्किल हो गया है। कई बार फर्जीवाड़ा करने के लिए असली कंपनी के रूप-रंग और डिजाइन की वेबसाइट भी बना दी जाती है। इन पर क्लिक करते ही आपकी सारी गोपनीय जानकारी धोखेबाजों तक पहुंच जाती है। इसलिए किसी भी कंपनी का ऑफर स्वीकार करने से पहले कंपनी के सोशल मीडिया अकाउंट की अवश्य जांच कर लें। यदि कुछ शंका हो तो कंपनी के आसपास की शाखा या शोरूम पर जाकर ऑनलाइन बाजार के लिए दिए जा रहे ऑफर की जानकारी अवश्य लें। इससे ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजार के दामों में आ रहे अंतर और फायदे के बारे में बेहतर जानकारी भी मिल जाएगी।
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गूगल प्ले स्टोर पर भी कई फर्जी एप
पुलिस साइबर सेल के प्रभारी वरुण कुमार ने बताया कि किसी भी ऑनलाइन ऑफर के संदेश पर क्लिक करने से बचें। कंपनी के एप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करने से पहले सावधानी बरतें। गूगल प्ले स्टोर पर भी असली कंपनी के जैसे दिखते हुए कई एप उपलब्ध होते हैं। असली एप की पहचान न होने और गलत एप पर रजिस्टर करते समय आप कई गंभीर जानकारियां ठगों तक पहुंचा देते हैं। किसी कंपनी के ऑफर के बारे में पता करने के लिए उसके कस्टमर केयर पर फोन करना अच्छा विकल्प होता है।
साइबर ठगी से ऐसे बचें
. ठगी से बचने के लिए प्रतिष्ठित वेबसाइट से ही करें शॉपिंग। कैश ऑन डिलीवरी मंगाएं प्रोडक्ट।
. सस्ते उत्पाद या इनाम के लालच में भी ऑनलाइन बुकिंग करने से बचें।
. वेबसाइट की हेल्पलाइन और डिलीवरी मैन का मोबाइल नंबर जरूर लें।
. एचटीटीपीएस साइट से ही बुकिंग कर क्रेडिट या डेबिट कार्ड से करें भुगतान
ऑनलाइन खरीदे उत्पाद की पॉलिसी के बारे में जानकारी करें।
. अगर आप एक से अधिक अकाउंट्स का प्रयोग करते हैं तो सभी के लिए अलग-अलग पासवर्ड का प्रयोग करें।
. अपना पासवर्ड कभी भी अपने नाम, पता, गली नंबर, जन्म तिथि, परिवार के सदस्यों के नाम, विद्यालय के नाम या अपने वाहनों के नंबर पर न बनाएं।
. अपने इंटरनेट बैंकिंग और बैंकिग ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल कभी भी सार्वजनिक स्थान जैसे कि साइबर कैफे, ऑफिस, पार्क, सार्वजनिक मीटिंग और किसी भीड़-भीड़ वाले स्थान पर न करें।
. किसी भी प्रकार के बैंकिंग लेनदेन के लिए आप अपने पर्सनल कंप्यूटर या लैपटॉप का ही इस्तेमाल करें।
. बैंकिंग यूजर नेम, लॉगिन पासवर्ड, ट्रांजक्शन पासवर्ड, ओटीपी, गोपनीय प्रश्नों या गोपनीय उत्तर को अपने मोबाइल, नोटबुक, डायरी, लैपटॉप या किसी कागज पर न लिखें।
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दिवाली के त्योहार पर ऑफर की बहार आई हुई है। भीड़भाड़ से बचने और बड़ी छूट के चक्कर में लोग ऑनलाइन शॉपिंग को प्रमुखता दे रहे हैं। लोगों के इस मूड को भांपते हुए कंपनियां भी ग्राहकों को लुभाने के लिए तरह-तरह के ऑफर दे रही हैं। एक सामान की खरीद पर भारी भरकम छूट का ऑफर दिया जा रहे हैं तो कहीं महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स सामान खरीदने के लिए शून्य ब्याज दर पर कर्ज देने का ऑफर। ऐसे किसी भी बंफर ऑफर पर क्लिक करते समय ग्राहकों को बेहद सावधान रहना चाहिए। क्योंकि हो सकता है कि असली जैसा दिखने वाला ऑफर कोई फिशिंग लिंक हो और इस पर क्लिक करते ही आपके बैंक खाते से मेहनत की कमाई निकल जाए।
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एसपी आदित्य लांग्हे ने बताया कि ग्राहकों को लूटने के लिए धोखेबाजों ने नए-नए तरीके इस्तेमाल करने शुरू कर दिए हैं। इनमें असली-नकली की पहचान करना मुश्किल हो गया है। कई बार फर्जीवाड़ा करने के लिए असली कंपनी के रूप-रंग और डिजाइन की वेबसाइट भी बना दी जाती है। इन पर क्लिक करते ही आपकी सारी गोपनीय जानकारी धोखेबाजों तक पहुंच जाती है। इसलिए किसी भी कंपनी का ऑफर स्वीकार करने से पहले कंपनी के सोशल मीडिया अकाउंट की अवश्य जांच कर लें। यदि कुछ शंका हो तो कंपनी के आसपास की शाखा या शोरूम पर जाकर ऑनलाइन बाजार के लिए दिए जा रहे ऑफर की जानकारी अवश्य लें। इससे ऑनलाइन और ऑफलाइन बाजार के दामों में आ रहे अंतर और फायदे के बारे में बेहतर जानकारी भी मिल जाएगी।
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गूगल प्ले स्टोर पर भी कई फर्जी एप
पुलिस साइबर सेल के प्रभारी वरुण कुमार ने बताया कि किसी भी ऑनलाइन ऑफर के संदेश पर क्लिक करने से बचें। कंपनी के एप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करने से पहले सावधानी बरतें। गूगल प्ले स्टोर पर भी असली कंपनी के जैसे दिखते हुए कई एप उपलब्ध होते हैं। असली एप की पहचान न होने और गलत एप पर रजिस्टर करते समय आप कई गंभीर जानकारियां ठगों तक पहुंचा देते हैं। किसी कंपनी के ऑफर के बारे में पता करने के लिए उसके कस्टमर केयर पर फोन करना अच्छा विकल्प होता है।
साइबर ठगी से ऐसे बचें
. ठगी से बचने के लिए प्रतिष्ठित वेबसाइट से ही करें शॉपिंग। कैश ऑन डिलीवरी मंगाएं प्रोडक्ट।
. सस्ते उत्पाद या इनाम के लालच में भी ऑनलाइन बुकिंग करने से बचें।
. वेबसाइट की हेल्पलाइन और डिलीवरी मैन का मोबाइल नंबर जरूर लें।
. एचटीटीपीएस साइट से ही बुकिंग कर क्रेडिट या डेबिट कार्ड से करें भुगतान
ऑनलाइन खरीदे उत्पाद की पॉलिसी के बारे में जानकारी करें।
. अगर आप एक से अधिक अकाउंट्स का प्रयोग करते हैं तो सभी के लिए अलग-अलग पासवर्ड का प्रयोग करें।
. अपना पासवर्ड कभी भी अपने नाम, पता, गली नंबर, जन्म तिथि, परिवार के सदस्यों के नाम, विद्यालय के नाम या अपने वाहनों के नंबर पर न बनाएं।
. अपने इंटरनेट बैंकिंग और बैंकिग ट्रांजेक्शन का इस्तेमाल कभी भी सार्वजनिक स्थान जैसे कि साइबर कैफे, ऑफिस, पार्क, सार्वजनिक मीटिंग और किसी भीड़-भीड़ वाले स्थान पर न करें।
. किसी भी प्रकार के बैंकिंग लेनदेन के लिए आप अपने पर्सनल कंप्यूटर या लैपटॉप का ही इस्तेमाल करें।
. बैंकिंग यूजर नेम, लॉगिन पासवर्ड, ट्रांजक्शन पासवर्ड, ओटीपी, गोपनीय प्रश्नों या गोपनीय उत्तर को अपने मोबाइल, नोटबुक, डायरी, लैपटॉप या किसी कागज पर न लिखें।