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उपभोक्ताओं से अवैध वसूली को काटे गए थे फर्जी आरडी नोटिस
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अमरोहा। एक्सईएन द्वितीय अमरोहा के कार्यालय में बिजली चेकिंग के नाम पर उपभोक्ताओं को फर्जी आरडी नोटिस भेजकर अवैध वसूली का बड़ा खुलासा हुआ है। इसके बाद अफसरों में खलबली मची हुई है। करीब 32 उपभोक्ताओं को विभागीय पत्रांक संख्या की जगह फर्जी आरडी नोटिस थमाए गए थे। हैरत की बात यह है कि जो आरडी नोटिस उपभोक्ताओं को भेजे गए थे। वह बिजली विभाग के रिकॉर्ड में अभी तक सामने नहीं आए हैं। इन नोटिसों पर तत्कालीन एक्सईएन और दो कर्मचारियों के हस्ताक्षर मौजूद हैं। विभागीय टीम जांच कर रही है। अब जांच शुरू हुई तो तत्कालीन एक्सईएन और बाबुओं की नींद उड़ गई है।
यह कारनामा वर्ष 2018 में अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय अमरोहा कार्यालय में हुआ था। यहां पर तैनात तत्कालीन एक्सईएन ने दो टीजी-2 समेत कुछ लोगों की टीम बनाकर नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के गांवों में चेकिंग कराई थी। इसके बाद टीम ने अलग-अलग 32 उपभोक्ताओं को 25 हजार से 60 हजार रुपये तक के नोटिस दिए थे। लेकिन यह नोटिस बिजली विभाग की पत्रांक संख्या 1712 या 18 वाले नहीं थे। बल्कि अवैध वसूली के लिए आरडी खेल था। जिसका डिस्पैच रजिस्टर खंड कार्यालय में उपलब्ध नहीं हैं। इन नोटिसों को उपभोक्ताओं तक बिचौलियों ने पहुंचाया था। इतना ही नहीं उपभोक्ताओं को एफआईआर कराने की धमकी दी जाती थी। इसके बाद उपभोक्ताओं को एक्सईएन दफ्तर के निकट एक बिल्डिंग में बुलाकर मामला निपटा दिया जाता था। अब जब इसका खुलासा हुआ तो बिजली विभाग के अफसरों में खलबली मच गई है। विभागीय जांच कराई गई। जिसमें साफ हो गया कि तत्कालीन एक्सईएन, एक बाबू और दो टीजी-2 ने आरडी पत्रांक संख्या वाले नोटिस जारी किए थे। इतना ही नहीं जांच टीम के सदस्यों ने तत्कालीन एक्सईएन से नोटिसों के संबंध में बात की। सूत्रों के अनुसार अब एक्सईएन और दोनों टीजी-2 जांच टीम को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रकरण वर्ष 2018 का है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। एक या दो दिन में जांच पूरी कर अवगत कराया जाएगा। - पीपी सिंह, एक्सईएन प्रथम अमरोहा।
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यह कारनामा वर्ष 2018 में अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड द्वितीय अमरोहा कार्यालय में हुआ था। यहां पर तैनात तत्कालीन एक्सईएन ने दो टीजी-2 समेत कुछ लोगों की टीम बनाकर नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के गांवों में चेकिंग कराई थी। इसके बाद टीम ने अलग-अलग 32 उपभोक्ताओं को 25 हजार से 60 हजार रुपये तक के नोटिस दिए थे। लेकिन यह नोटिस बिजली विभाग की पत्रांक संख्या 1712 या 18 वाले नहीं थे। बल्कि अवैध वसूली के लिए आरडी खेल था। जिसका डिस्पैच रजिस्टर खंड कार्यालय में उपलब्ध नहीं हैं। इन नोटिसों को उपभोक्ताओं तक बिचौलियों ने पहुंचाया था। इतना ही नहीं उपभोक्ताओं को एफआईआर कराने की धमकी दी जाती थी। इसके बाद उपभोक्ताओं को एक्सईएन दफ्तर के निकट एक बिल्डिंग में बुलाकर मामला निपटा दिया जाता था। अब जब इसका खुलासा हुआ तो बिजली विभाग के अफसरों में खलबली मच गई है। विभागीय जांच कराई गई। जिसमें साफ हो गया कि तत्कालीन एक्सईएन, एक बाबू और दो टीजी-2 ने आरडी पत्रांक संख्या वाले नोटिस जारी किए थे। इतना ही नहीं जांच टीम के सदस्यों ने तत्कालीन एक्सईएन से नोटिसों के संबंध में बात की। सूत्रों के अनुसार अब एक्सईएन और दोनों टीजी-2 जांच टीम को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं।
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प्रकरण वर्ष 2018 का है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। एक या दो दिन में जांच पूरी कर अवगत कराया जाएगा। - पीपी सिंह, एक्सईएन प्रथम अमरोहा।