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युवक की गोली मारकर हत्या करने में दो सगे भाइयों समेत चार को उम्रकैद
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करीब दस साल पहले दिवाली से अगले दिन घर में घुसकर युवक की गोली मारकर हत्या करने के दोषी दो सगे भाइयों समेत चार लोगों को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही चारों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। चोरों दोषी आपस में चचेरे-तहेरे भाई भी हैं। सभी आरोपी जमानत पर बाहर थे, न्यायालय का फैसला आने के बाद उन्हें कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
यह घटना मंडी धनौरा थानाक्षेत्र के गांव ताजपुर लहदवर गांव की है। यहां रिटायर्ड शिक्षक रमेशचंद्र का परिवार रहता है। उनका अपने भतीजे श्याम सिंह, वीरेश और राजवीर से फसलों की सिंचाई को लेकर विवाद चल रहा था। 14 नवंबर 2012 की शाम रमेशचंद्र का बेटा सुदीश अपने घर पर मौजूद था। जबकि उसकी मां रामवती गोवर्धन पूजन की तैयारी कर रही थी। तभी श्याम सिंह का बेटा योगेश, वीरेश का बेटा राहुल और राजवीर के बेटे अरुण व वरुण घर में घुस आए और सुदीश की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक सुदीश के पिता रमेशचंद्र की तहरीर पर पुलिस ने चारों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे। यह मुकदमा जिला जज संजीव कुमार की अदालत में विचाराधीन चल रहा था।
शनिवार को न्यायालय में केस की आखिरी सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह ने हत्यारोपियों को सख्त से सख्त सजा दिए जाने की पैरवी की। मामले में सत्रह में नौ गवाहों ने न्यायालय में अपनी गवाही दी। पत्रावली का अवलोकन व साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने योगेश, राहुल, अरुण और वरुण को दोषी करार दिया।
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यह घटना मंडी धनौरा थानाक्षेत्र के गांव ताजपुर लहदवर गांव की है। यहां रिटायर्ड शिक्षक रमेशचंद्र का परिवार रहता है। उनका अपने भतीजे श्याम सिंह, वीरेश और राजवीर से फसलों की सिंचाई को लेकर विवाद चल रहा था। 14 नवंबर 2012 की शाम रमेशचंद्र का बेटा सुदीश अपने घर पर मौजूद था। जबकि उसकी मां रामवती गोवर्धन पूजन की तैयारी कर रही थी। तभी श्याम सिंह का बेटा योगेश, वीरेश का बेटा राहुल और राजवीर के बेटे अरुण व वरुण घर में घुस आए और सुदीश की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतक सुदीश के पिता रमेशचंद्र की तहरीर पर पुलिस ने चारों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज करने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे। यह मुकदमा जिला जज संजीव कुमार की अदालत में विचाराधीन चल रहा था।
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शनिवार को न्यायालय में केस की आखिरी सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता महावीर सिंह ने हत्यारोपियों को सख्त से सख्त सजा दिए जाने की पैरवी की। मामले में सत्रह में नौ गवाहों ने न्यायालय में अपनी गवाही दी। पत्रावली का अवलोकन व साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने योगेश, राहुल, अरुण और वरुण को दोषी करार दिया।
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