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युवक की गोली मारकर हत्या करने में पिता-पुत्र समेत चार को उम्र कैद
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युवक की गोली मारकर हत्या करने के मामले में न्यायालय ने पिता-पुत्र समेत चार लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही चारों दोषियों पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सभी जमानत पर बाहर थे, दोषी ठहराए जाने के बाद कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
यह घटना डिडौली कोतवाली क्षेत्र के पायती खुर्द गांव में हुई थी। यहां पर हाजी रसीद का परिवार रहता है। तीन नवंबर 2017 की सुबह करीब साढ़े सात बजे उनका बेटा 20 वर्षीय बेटा आसकार और भतीजा इरफान अली अपने घर के दरवाजे पर बैठे थे। तभी गांव का ही रहने वाला मुस्तकीम अपने बेटे शाहनवाज के साथ आ रहा था। इस दौरान आसकार ने मजाक करते हुए शाहनवाज को टीटी कह दिया था। बस इसी बात को लेकर मुस्तकीम आग बबूला हो गया और अपनी घर की छत पर चढ़कर लाइसेंस बंदूक से जान से मारने की नियत से आसकार पर फायरिंग कर दी थी। उसका बेटा शाहरुख और बाबू तमंचे से फायर कर रहे थे, जबकि मुस्तकीम का पिता करीमुल्लाह पथराव कर रहा था। इस दौरान आसकार की गोली लगने से मौके पर मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने चारों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था। फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे। यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। बुधवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल ने पैरवी की। सबूतों के आधार पर न्यायालय ने चारों को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अधिवक्ता नितिन बंसल के मुताबिक मंगलवार को चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
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यह घटना डिडौली कोतवाली क्षेत्र के पायती खुर्द गांव में हुई थी। यहां पर हाजी रसीद का परिवार रहता है। तीन नवंबर 2017 की सुबह करीब साढ़े सात बजे उनका बेटा 20 वर्षीय बेटा आसकार और भतीजा इरफान अली अपने घर के दरवाजे पर बैठे थे। तभी गांव का ही रहने वाला मुस्तकीम अपने बेटे शाहनवाज के साथ आ रहा था। इस दौरान आसकार ने मजाक करते हुए शाहनवाज को टीटी कह दिया था। बस इसी बात को लेकर मुस्तकीम आग बबूला हो गया और अपनी घर की छत पर चढ़कर लाइसेंस बंदूक से जान से मारने की नियत से आसकार पर फायरिंग कर दी थी। उसका बेटा शाहरुख और बाबू तमंचे से फायर कर रहे थे, जबकि मुस्तकीम का पिता करीमुल्लाह पथराव कर रहा था। इस दौरान आसकार की गोली लगने से मौके पर मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने चारों के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था। फिलहाल सभी आरोपी जमानत पर जेल से बाहर थे। यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की अदालत में विचाराधीन चल रहा था। बुधवार को न्यायालय ने मुकदमे में सुनवाई की। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नितिन बंसल ने पैरवी की। सबूतों के आधार पर न्यायालय ने चारों को दोषी करार दिया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अधिवक्ता नितिन बंसल के मुताबिक मंगलवार को चारों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया है।
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