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Amroha News: श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मेले में बनाए जाएंगे 17 स्नान घाट
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गजरौला। तिगरी गंगा मेले में उमड़ रहे श्रद्धालुओं के सैलाब को देख स्नान करने के लिए बनाए गए 12 घाट कम पड़ जाएंगे। जिसके चलते स्नान घाट की संख्या पांच और बढ़ाकर 17 बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। बाढ़ खंड विभाग ने 14 स्नान घाट बना दिए हैं। तीन घाट और बनाए जाएंगे।
कार्तिक पूर्णिमा पर लग रहे तिगरी गंगा मेले में इस बार 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है। गंगा तट पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं को पतित पावनी में स्नान करने के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए अब की बार 12 स्नान घाट बनाए जाने का निर्णय लिया, जबकि बीते साल लगे मेले में दस स्नान घाट बनाए गए थे। मगर मेले के लिए उमड़ रहे श्रद्धालुओं का सैलाब देख यह लग रहा है कि 12 स्नान घाट भी कम पड़ जाएंगे। स्थल बेहद तंग होने के कारण श्रद्धालुओं को स्नान करने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। इसलिए पांच और स्नान घाट बढ़ा कर 17 बनाने का निर्णय लिया गया है। जिससे श्रद्धालु परिजनों के साथ बड़े आराम से पतित पावनी में डुबकी लगा सकें।
स्नान घाट बनवा रहे बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद गहलौत का कहना है कि 14 स्नान घाट बन गए हैं। एक दो दिन में तीन और बन जाएंगे। जल में बैरिकेडिंग कर दी गई है। जिससे कोई श्रद्धालु अधिक गहराई में न जा सकें।
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दस जिलों से अधिक के श्रद्धालु लगाते हैं गंगा में डुबकी
अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बिजनौर जिलों के श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा पर पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाने आते हैं। कई दिन पहले मेले में अपने तंबू और डेरे लगा लेते हैं। चार किमी के दायरे में तंबुओं का शहर बस जाता है। पुण्य कमाने के लिए आने वाले श्रद्धालु आधी रात के बाद से ही पतित पावनी में डुबकी लगाने लगते हैं। श्रद्धालुओं द्वारा गंगा तट पर धार्मिक अनुष्ठान कराया जाता है। कोई बच्चों का मुंडन संस्कार कराता है तो किसी के द्वारा अन्य कार्य कराए जाते हैं।
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कार्तिक पूर्णिमा पर लग रहे तिगरी गंगा मेले में इस बार 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है। गंगा तट पर पहुंच रहे श्रद्धालुओं को पतित पावनी में स्नान करने के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए अब की बार 12 स्नान घाट बनाए जाने का निर्णय लिया, जबकि बीते साल लगे मेले में दस स्नान घाट बनाए गए थे। मगर मेले के लिए उमड़ रहे श्रद्धालुओं का सैलाब देख यह लग रहा है कि 12 स्नान घाट भी कम पड़ जाएंगे। स्थल बेहद तंग होने के कारण श्रद्धालुओं को स्नान करने में खासी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। इसलिए पांच और स्नान घाट बढ़ा कर 17 बनाने का निर्णय लिया गया है। जिससे श्रद्धालु परिजनों के साथ बड़े आराम से पतित पावनी में डुबकी लगा सकें।
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स्नान घाट बनवा रहे बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद गहलौत का कहना है कि 14 स्नान घाट बन गए हैं। एक दो दिन में तीन और बन जाएंगे। जल में बैरिकेडिंग कर दी गई है। जिससे कोई श्रद्धालु अधिक गहराई में न जा सकें।
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दस जिलों से अधिक के श्रद्धालु लगाते हैं गंगा में डुबकी
अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बिजनौर जिलों के श्रद्धालु कार्तिक पूर्णिमा पर पतित पावनी गंगा में डुबकी लगाने आते हैं। कई दिन पहले मेले में अपने तंबू और डेरे लगा लेते हैं। चार किमी के दायरे में तंबुओं का शहर बस जाता है। पुण्य कमाने के लिए आने वाले श्रद्धालु आधी रात के बाद से ही पतित पावनी में डुबकी लगाने लगते हैं। श्रद्धालुओं द्वारा गंगा तट पर धार्मिक अनुष्ठान कराया जाता है। कोई बच्चों का मुंडन संस्कार कराता है तो किसी के द्वारा अन्य कार्य कराए जाते हैं।