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Amroha News: करोड़ों की लागत से बने कांशीराम आवास खंडहर
Wed, 10 Sep 2025 02:58 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Wed, 10 Sep 2025 02:58 AM IST
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मंडी धनौरा में काशीराम आवास। संवाद
अमरोहा। जिले में हजारों ऐसे परिवार हैं जिनके पास रहने के लिए छत नहीं है। यह लोग इसी आस और उम्मीद के साथ हैं कि सरकार उन्हें रहने के लिए घर देगी। इसके लिए योजनाओं के तहत आवेदन भी करते हैं लेकिन उन्हें आवास मुहैया नहीं हो पाते। हालांकि, जिले में 516 आवास हैं जो बसपा शासन काल में बने थे और आज तक उन्हें आवंटित नहीं किया गया।
यह आवास खंडहर बन चुके हैं। इनकी इमारतें भूतिया की तरह दिखने लगी हैं। अपराधी और नशेड़ी प्रवृत्ति के लोगों ने इन आवासों को अपना अड्डा बना लिया है। इन आवासों पर करोड़ों रुपये खर्च हुई थे लेकिन सरकार और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की वजह से आजतक आवासों का आवंटन नहीं हो सका। आवासीय काॅलोनी में बिजली और पानी की आपूर्ति का काम अभी अधूरा है। गरीब लोग आवास के लिए भटक रहे हैं लेकिन कांशीराम आवासों का दरवाजा अभी उनके लिए नहीं खोला गया है।
बहुजन समाज पार्टी की सरकार के 2007 से 2012 तक जिले की अमरोहा, गजरौला, हसनपुर, धनौरा, बछरायूं और उझारी नगर निकायों में गरीबों के लिए आवास मुहैया कराने के उद्देश्य से कांशीराम आवासीय काॅलोनी का निर्माण कराया गया था। इनमें 2016 आवासों का निर्माण कराया गया जिनमें से 1500 आवास तो आवंटित कर दिए गए लेकिन 516 आवास आज तक आवंटित नहीं हो पाए है। इसके तहत अमरोहा में 444 बनाए गए।
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साथ ही हसनपुर एसडीएम कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर कांशीराम आवासीय कॉलोनी बनाई थी। काॅलोनी में 84 फ्लैट बने हुए हैं जबकि रामपुर भूड़ गांव के नजदीक भी कांशीराम कॉलोनी में आवास बनाए गए थे। इनमें 156 फ्लैट बने हैं। हसनपुर में कुल 516 आवास बने थे। इसके अलावा बछरायूं में 444, मंडी धनौरा में 156, गजरौला में 312 व उझारी में 144 आवास बने थे लेकिन गजरौला में 60, हसनपुर 240, धनौरा में 96 और बछरायूं में 120 आवासों को आज तक आवंटित नहीं हो सका है। इन फ्लेटों के दरवाजे, खिड़कियां व शीशे भी चढ़ाए गए थे। रंगाई-पुताई का कार्य भी पूरा किया गया लेकिन 2012 में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार आई तो इन आवासों को आवंटित नहीं कराया जा सका।
आवास आवंटन की प्रक्रिया शुरू जरूर हुई थी लेकिन उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसके बाद वर्ष 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी। लोगों को उम्मीद थी कि इस सरकार में आवासों का आवंटन हो जाएगा लेकिन इस सरकार में भी आवासों के आवंटन के संबंध में कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। वर्ष 2022 में प्रदेश के अंदर फिर से भाजपा की सरकार बनी लेकिन सरकार बनने के करीब तीन साल बाद भी आवासों का आवंटन नहीं हो सका है। जिससे जरूरतमंद लोगों को पक्के घरों के लिए भटकना पड़ रहा है।
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नौगांवा सादात और जोया में नहीं कराया गया एक भी आवास का निर्माण
बसपा शासन काल में भी जोया और नौगांवा सादात क्षेत्र को काशीराम कॉलोनी से वंचित रखा गया। इन दोनों नगर पालिका क्षेत्र में ऐसे लोगों की कमी नहीं है जिन्हें आवास की जरूरत न हो लेकिन इन दोनों नगर पालिका क्षेत्र में कांशीराम कॉलोनी का निर्माण ही नहीं कराया गया।
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किस नगर पालिका क्षेत्र में कितने आवास बने
निकाय-- -- -- -- -- -- -आवासों की संख्या
अमरोहा-- -- -- -- -- -- -- - 444
गजरौला-- -- -- -- -- -- -- -- 312
हसनपुर-- -- -- -- -- -- -- -- 516
धनौरा-- -- -- -- -- -- -- -- -- -156
बछरायूं-- -- -- -- -- -- -- -- -444
उझारी-- -- -- -- -- -- -- -- -- 144
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कांशीराम आवास योजना के तहत बनाए गए लगभग सभी आवासों का आवंटन कर दिया गया था। बाकी बचे आवासों का निर्माण व फिनिशिंग का कार्य पूरा न होने के कारण आवंटन नहीं हो सका होगा। कार्य पूरा होने के बाद आवंटन कराया जाएगा। - ब्रजपाल सिंह, डिप्टी कलक्टर/ प्रभारी, डूडा
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यह आवास खंडहर बन चुके हैं। इनकी इमारतें भूतिया की तरह दिखने लगी हैं। अपराधी और नशेड़ी प्रवृत्ति के लोगों ने इन आवासों को अपना अड्डा बना लिया है। इन आवासों पर करोड़ों रुपये खर्च हुई थे लेकिन सरकार और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की वजह से आजतक आवासों का आवंटन नहीं हो सका। आवासीय काॅलोनी में बिजली और पानी की आपूर्ति का काम अभी अधूरा है। गरीब लोग आवास के लिए भटक रहे हैं लेकिन कांशीराम आवासों का दरवाजा अभी उनके लिए नहीं खोला गया है।
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बहुजन समाज पार्टी की सरकार के 2007 से 2012 तक जिले की अमरोहा, गजरौला, हसनपुर, धनौरा, बछरायूं और उझारी नगर निकायों में गरीबों के लिए आवास मुहैया कराने के उद्देश्य से कांशीराम आवासीय काॅलोनी का निर्माण कराया गया था। इनमें 2016 आवासों का निर्माण कराया गया जिनमें से 1500 आवास तो आवंटित कर दिए गए लेकिन 516 आवास आज तक आवंटित नहीं हो पाए है। इसके तहत अमरोहा में 444 बनाए गए।
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साथ ही हसनपुर एसडीएम कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर कांशीराम आवासीय कॉलोनी बनाई थी। काॅलोनी में 84 फ्लैट बने हुए हैं जबकि रामपुर भूड़ गांव के नजदीक भी कांशीराम कॉलोनी में आवास बनाए गए थे। इनमें 156 फ्लैट बने हैं। हसनपुर में कुल 516 आवास बने थे। इसके अलावा बछरायूं में 444, मंडी धनौरा में 156, गजरौला में 312 व उझारी में 144 आवास बने थे लेकिन गजरौला में 60, हसनपुर 240, धनौरा में 96 और बछरायूं में 120 आवासों को आज तक आवंटित नहीं हो सका है। इन फ्लेटों के दरवाजे, खिड़कियां व शीशे भी चढ़ाए गए थे। रंगाई-पुताई का कार्य भी पूरा किया गया लेकिन 2012 में प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार आई तो इन आवासों को आवंटित नहीं कराया जा सका।
आवास आवंटन की प्रक्रिया शुरू जरूर हुई थी लेकिन उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसके बाद वर्ष 2017 में प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी। लोगों को उम्मीद थी कि इस सरकार में आवासों का आवंटन हो जाएगा लेकिन इस सरकार में भी आवासों के आवंटन के संबंध में कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की गई। वर्ष 2022 में प्रदेश के अंदर फिर से भाजपा की सरकार बनी लेकिन सरकार बनने के करीब तीन साल बाद भी आवासों का आवंटन नहीं हो सका है। जिससे जरूरतमंद लोगों को पक्के घरों के लिए भटकना पड़ रहा है।
नौगांवा सादात और जोया में नहीं कराया गया एक भी आवास का निर्माण
बसपा शासन काल में भी जोया और नौगांवा सादात क्षेत्र को काशीराम कॉलोनी से वंचित रखा गया। इन दोनों नगर पालिका क्षेत्र में ऐसे लोगों की कमी नहीं है जिन्हें आवास की जरूरत न हो लेकिन इन दोनों नगर पालिका क्षेत्र में कांशीराम कॉलोनी का निर्माण ही नहीं कराया गया।
किस नगर पालिका क्षेत्र में कितने आवास बने
निकाय
अमरोहा
गजरौला
हसनपुर
धनौरा
बछरायूं
उझारी
कांशीराम आवास योजना के तहत बनाए गए लगभग सभी आवासों का आवंटन कर दिया गया था। बाकी बचे आवासों का निर्माण व फिनिशिंग का कार्य पूरा न होने के कारण आवंटन नहीं हो सका होगा। कार्य पूरा होने के बाद आवंटन कराया जाएगा। - ब्रजपाल सिंह, डिप्टी कलक्टर/ प्रभारी, डूडा