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Amroha News: ठंडी पड़ी सीएमओ कार्यालय में भ्रष्टाचार के आरोप की जांच
Thu, 10 Jul 2025 02:11 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 10 Jul 2025 02:11 AM IST
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अमरोहा। सीएमओ कार्यालय में फैले भ्रष्टाचार की जांच ठंडी पड़ गई है। जांच कमेटी ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले भाजपा नेता को साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए कहा है लेकिन उन्होंने साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए। भाजपा नेता का आरोप है कि सीएमओ फैसले का दबाव बना रहे हैं। वह लगातार पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सिफारिश कर रहे हैं। उन्हीं के दबाव के चलते साक्ष्य जांच कमेटी को नहीं दिए गए लेकिन वह जल्दी ही साक्ष्य उपलब्ध कराएंगे। साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सबके सामने लाएंगे। बड़ी बात यह है कि गजरौला मंडी धनौरा व अन्य क्षेत्रों में अवैध अल्ट्रासाउंड और झोलाछाप पर अंकुश नहीं लग सका है।
बीते तीन मई को सीएमओ डाॅ. सत्यपाल सिंह ने टीम के साथ हसनपुर में रहरा अड्डे पर गंगा अल्टासाउंड सेंटर पर चेकिंग के दौरान डॉक्टर नहीं होने का हवाला देते हुए सेंटर को बंद दिया था। भाजपा नेता पिंटू भाटी सीएमओ के साथ नोकझोंक हुई थी। इस दौरान हंगामा भी हुआ था। भाजपा नेता की मांग पर सीएमओ ने हसनपुर के पांच अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जांच करते हुए गड़बड़ी पाए जाने पर उन्हें सीज कर दिया था।
मामले में सीएमओ ने सरकारी कार्य में बाधा डालने व अभद्रता करने के आरोप में भाजपा नेता पिंटू भाटी समेत कई लोगों पर केस दर्ज कराया था। इसके बाद भाजपा नेता ने गजरौला में प्रेसवार्ता कर सीएमओ कार्यालय में भ्रष्टाचार का बोलबाला होने का आरोप लगाया था। जिसमें सीएमओ कार्यालय के ही एक कर्मचारी पर हर माह वसूली करने का आरोप लगाया था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया था। डीएम निधि गुप्ता वत्स ने सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा के नेतृत्व में तीन सदस्य कमेटी गठित की थी।
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कर्मचारियों को बचा गए सीएमओ
भाजपा नेता पिंटू भाटी ने सीएमओ कार्यालय में तनाव जिस कर्मचारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। डीएम निधि गुप्ता वत्स ने उसके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे लेकिन सीएमओ उसे बचा गए। उसे पटल से हटकर आरोपी कर्मचारियों को दूसरे जगह भेज दिया है जबकि गोपनीय तरीके से पीसीपीएनडीटी और झोलाछाप का सभी काम वही कर्मचारी देख रहा है।
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यह लगाए थे आरोप
भाजपा नेता पिंटू भाटी ने प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया कि जिले में 140 सेंटरों में से कम से कम 120 सेंटर अवैध हैं और 54 सेंटर पंजीकृत हैं जो ऑनलाइन दिखाई देते हैं। बाकी सब ऑफलाइन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सेंटर से 30 से 40 हजार प्रति महीने उगाही होती है जो एक से पांच तारीख तक सारा कलेक्शन सीएमओ के ऑफिस में होता है। यहां की जनता त्रस्त है, यहां के लोग परेशान हैं। यहां भ्रष्टाचारी इन्होंने फैला रखी है। आरोप लगाया था कि ढाई से तीन करोड़ रुपये प्रति माह यहां घोटाला होता है। उन्होंने आरोप लगाया था कि कि रहरा सीएचसी में सीएमओ के एक रिश्तेदार ने एक व्यक्ति से 2.17 लाख रुपये नौकरी दिलाने के नाम पर लिए और उसको फर्जी सर्टिफिकेट दिया था।
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एक दिसंबर 2024 को कलक्ट्रेट में जिला विकास समन्वय निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक हुई थी। इसी दाैरान मंडी धनौरा विधायक राजीव तरारा ने सीएमओ पर कार्य में लापरवाही बरतने समेत अन्य आरोप लगाए थे। आरोप था कि सीएमओ की उनकी मनमानी से मरीज बेहाल हैं और सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की प्रगति पर नाराजगी जताई थी। कहा था कि सीएमओ लापरवाह हो गए हैं। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों का बुरा हाल है। वह बिना वजह राजनीति करते हैं। उनके खिलाफ भी राजनीतिक षड्यंत्र कर चुके हैं। हालांकि सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने भी अपनी सफाई में हर निर्देश का पालन करने की बात कही थी।
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शिकायतकर्ता से भ्रष्टाचार से संबंधित साक्ष्य मांगे गए हैं, लेकिन उनके द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। जिसके चलते जांच पूरी नहीं हो सकी। साक्ष्य मिलते ही सत्यता के आधार पर जांच पूरी कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। -अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ
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मुझे जांच कमेटी ने भ्रष्टाचार से संबंधित साक्ष्य मांगे थे, लेकिन सीएमओ मुझ पर फैसले का दबाव बना रहे हैं। वह लगातार पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सिफारिश कर रहे हैं। लेकिन, उनके द्वारा कोई भी कार्य ठीक से नहीं किया जा रहा है। वह अपनी सभी साक्ष्य जांच कमेटी को सौंपेंगे। जल्द ही प्रेस कांफ्रेंस करके साक्ष्यों को सबके सामने लाएंगे।-पिंटू भाटी, भाजपा नेता
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बीते तीन मई को सीएमओ डाॅ. सत्यपाल सिंह ने टीम के साथ हसनपुर में रहरा अड्डे पर गंगा अल्टासाउंड सेंटर पर चेकिंग के दौरान डॉक्टर नहीं होने का हवाला देते हुए सेंटर को बंद दिया था। भाजपा नेता पिंटू भाटी सीएमओ के साथ नोकझोंक हुई थी। इस दौरान हंगामा भी हुआ था। भाजपा नेता की मांग पर सीएमओ ने हसनपुर के पांच अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर जांच करते हुए गड़बड़ी पाए जाने पर उन्हें सीज कर दिया था।
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मामले में सीएमओ ने सरकारी कार्य में बाधा डालने व अभद्रता करने के आरोप में भाजपा नेता पिंटू भाटी समेत कई लोगों पर केस दर्ज कराया था। इसके बाद भाजपा नेता ने गजरौला में प्रेसवार्ता कर सीएमओ कार्यालय में भ्रष्टाचार का बोलबाला होने का आरोप लगाया था। जिसमें सीएमओ कार्यालय के ही एक कर्मचारी पर हर माह वसूली करने का आरोप लगाया था। इसका वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लिया था। डीएम निधि गुप्ता वत्स ने सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा के नेतृत्व में तीन सदस्य कमेटी गठित की थी।
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कर्मचारियों को बचा गए सीएमओ
भाजपा नेता पिंटू भाटी ने सीएमओ कार्यालय में तनाव जिस कर्मचारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। डीएम निधि गुप्ता वत्स ने उसके खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे लेकिन सीएमओ उसे बचा गए। उसे पटल से हटकर आरोपी कर्मचारियों को दूसरे जगह भेज दिया है जबकि गोपनीय तरीके से पीसीपीएनडीटी और झोलाछाप का सभी काम वही कर्मचारी देख रहा है।
यह लगाए थे आरोप
भाजपा नेता पिंटू भाटी ने प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया कि जिले में 140 सेंटरों में से कम से कम 120 सेंटर अवैध हैं और 54 सेंटर पंजीकृत हैं जो ऑनलाइन दिखाई देते हैं। बाकी सब ऑफलाइन हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक सेंटर से 30 से 40 हजार प्रति महीने उगाही होती है जो एक से पांच तारीख तक सारा कलेक्शन सीएमओ के ऑफिस में होता है। यहां की जनता त्रस्त है, यहां के लोग परेशान हैं। यहां भ्रष्टाचारी इन्होंने फैला रखी है। आरोप लगाया था कि ढाई से तीन करोड़ रुपये प्रति माह यहां घोटाला होता है। उन्होंने आरोप लगाया था कि कि रहरा सीएचसी में सीएमओ के एक रिश्तेदार ने एक व्यक्ति से 2.17 लाख रुपये नौकरी दिलाने के नाम पर लिए और उसको फर्जी सर्टिफिकेट दिया था।
एक दिसंबर 2024 को कलक्ट्रेट में जिला विकास समन्वय निगरानी समिति यानी दिशा की बैठक हुई थी। इसी दाैरान मंडी धनौरा विधायक राजीव तरारा ने सीएमओ पर कार्य में लापरवाही बरतने समेत अन्य आरोप लगाए थे। आरोप था कि सीएमओ की उनकी मनमानी से मरीज बेहाल हैं और सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की प्रगति पर नाराजगी जताई थी। कहा था कि सीएमओ लापरवाह हो गए हैं। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों का बुरा हाल है। वह बिना वजह राजनीति करते हैं। उनके खिलाफ भी राजनीतिक षड्यंत्र कर चुके हैं। हालांकि सीएमओ डॉ. एसपी सिंह ने भी अपनी सफाई में हर निर्देश का पालन करने की बात कही थी।
शिकायतकर्ता से भ्रष्टाचार से संबंधित साक्ष्य मांगे गए हैं, लेकिन उनके द्वारा साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। जिसके चलते जांच पूरी नहीं हो सकी। साक्ष्य मिलते ही सत्यता के आधार पर जांच पूरी कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। -अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ
मुझे जांच कमेटी ने भ्रष्टाचार से संबंधित साक्ष्य मांगे थे, लेकिन सीएमओ मुझ पर फैसले का दबाव बना रहे हैं। वह लगातार पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से सिफारिश कर रहे हैं। लेकिन, उनके द्वारा कोई भी कार्य ठीक से नहीं किया जा रहा है। वह अपनी सभी साक्ष्य जांच कमेटी को सौंपेंगे। जल्द ही प्रेस कांफ्रेंस करके साक्ष्यों को सबके सामने लाएंगे।-पिंटू भाटी, भाजपा नेता