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Amroha News: अमरोहा में 200 संदिग्ध बैंक खातों और 173 मोबाइल नंबरों की जांच, 15 प्राथमिकी दर्ज
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अमरोहा। ऑपरेशन साइबर वज्र (सीवाई वज्र) अभियान के तहत अमरोहा पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 200 संदिग्ध बैंक खातों और 173 संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच की। अभियान के दौरान 362 संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई। जांच के आधार पर जिले में 15 प्राथमिकी दर्ज की गईं हैं। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
एसपी लखन सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान कई साइबर ठगी गिरोहों का खुलासा हुआ। पहले मामले में सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से वर्क फ्रॉम होम तथा पेंसिल पैकिंग जैसे काम का झांसा देकर लोगों से तीन से चार हजार रुपये पंजीकरण शुल्क के नाम पर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ। मध्य प्रदेश के सतना और महाराष्ट्र से मिली शिकायतों के आधार पर गजरौला पुलिस ने ग्राम पपसरा खादर निवासी आशुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि गिरोह के तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
दूसरे मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते के माध्यम से निवेश के नाम पर साइबर ठगी का खुलासा हुआ। मध्य प्रदेश, हरियाणा और जौनपुर से मिली शिकायतों में करीब 69 लाख रुपये की ठगी सामने आई। जांच में अमरोहा नगर निवासी नौशाद बाबर अंसारी के खाते में दिसंबर 2025 के दौरान साइबर ठगी से जुड़े 9.17 लाख रुपये आने की पुष्टि होने पर उसके खिलाफ अमरोहा नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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तीसरे मामले में यूको बैंक के खाते के जरिए खुद को पुलिस अधिकारी बताकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पता चला। बेंगलुरु, मुंबई, उदयपुर और लखनऊ से प्राप्त शिकायतों में करीब नौ करोड़ रुपये की ठगी सामने आई। जांच में अमरोहा देहात क्षेत्र के दरियापुर निवासी मोहम्मद दानिश के खाते में 4.50 लाख रुपये की संदिग्ध धनराशि मिलने पर उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
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साइबर ठगी से बचने के लिए ये करें
एसपी लखन सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऑनलाइन निवेश, वर्क फ्रॉम होम, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लोन या किसी भी आकर्षक ऑफर के झांसे में न आएं। साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
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एसपी लखन सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान कई साइबर ठगी गिरोहों का खुलासा हुआ। पहले मामले में सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से वर्क फ्रॉम होम तथा पेंसिल पैकिंग जैसे काम का झांसा देकर लोगों से तीन से चार हजार रुपये पंजीकरण शुल्क के नाम पर ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ। मध्य प्रदेश के सतना और महाराष्ट्र से मिली शिकायतों के आधार पर गजरौला पुलिस ने ग्राम पपसरा खादर निवासी आशुद्दीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि गिरोह के तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
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दूसरे मामले में बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते के माध्यम से निवेश के नाम पर साइबर ठगी का खुलासा हुआ। मध्य प्रदेश, हरियाणा और जौनपुर से मिली शिकायतों में करीब 69 लाख रुपये की ठगी सामने आई। जांच में अमरोहा नगर निवासी नौशाद बाबर अंसारी के खाते में दिसंबर 2025 के दौरान साइबर ठगी से जुड़े 9.17 लाख रुपये आने की पुष्टि होने पर उसके खिलाफ अमरोहा नगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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तीसरे मामले में यूको बैंक के खाते के जरिए खुद को पुलिस अधिकारी बताकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पता चला। बेंगलुरु, मुंबई, उदयपुर और लखनऊ से प्राप्त शिकायतों में करीब नौ करोड़ रुपये की ठगी सामने आई। जांच में अमरोहा देहात क्षेत्र के दरियापुर निवासी मोहम्मद दानिश के खाते में 4.50 लाख रुपये की संदिग्ध धनराशि मिलने पर उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।
साइबर ठगी से बचने के लिए ये करें
एसपी लखन सिंह ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऑनलाइन निवेश, वर्क फ्रॉम होम, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी लोन या किसी भी आकर्षक ऑफर के झांसे में न आएं। साइबर ठगी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।