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Amroha News: महेशरा में तालाब के बजाय सड़क पर भरा पानी बना परेशानी का सबब
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गजरौला। तालाब की बजाय सड़क पर भरा पानी लोगों की परेशानी का सबब बना है। पानी के कारण तक अर्थी कंधों पर ले जाने में दिक्कत आने पर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रख लेते हैं। पैदल लोग बराबर के खेत से गुजरते हैं। नगर आने-जाने के लिए कई किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है।
ब्लॉक की महेशरा ग्राम पंचायत में डाकखाना और बैंक है। गांव में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 10-12 गांव के लोग दवाई लेने आते हैं। परिषदीय विद्यालयों के अलावा चार इंटर कॉलेज हैं। जिनमें आस पास के गांवों के सैकड़ों छात्र-छात्रा पढ़ने आते हैं। गांव में नगर की तरफ आने-जाने और कई गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग जल मग्न है। घरों सेे निकलने वाला जो पानी तालाब में जाना चाहिए, वह सड़क पर भरा है। जिसने गांव के लोगों को परेशानी में डाल दिया है। महेशरा के ग्राम प्रधान श्यौनाथ सिंह का कहना है कि जल भराव से निजात दिलाने के लिए लोक निर्माण विभाग से नाला स्वीकृत हो गया है। कुछ ही दिनों में दिक्कत खत्म हो जाएगी।
मुख्य मार्ग की सड़क पर पानी भरा हो जाने के कारण पैदल लोग उनके खेत से गुजरते हैं। खेत का काफी हिस्सा प्रभावित होता है। उसमें फसल पैदा
नहीं होती-
जगवती, निवासी महेशरा
पानी ने रास्ता बंद कर दिया है। इस कारण बाइक और कार सवार इस रास्ते से नहीं निकलते। वह अन्य मार्गों से कई किमी का चक्कर लगाने को मजबूर हैं-
राजवीर सैनी, महेशरा
सबसे अधिक दिक्कत किसी के निधन पर होती है। पानी के कारण गांव से बाहर तक अर्थी कंधों पर नहीं निकाल सकतेे। पानी के कारण ट्रैक्टर ट्रॉली पर रख लेते हैं-
राजेंद्र सिंह, निवासी महेशरा
कई गांवों का रास्ता पानी ने बंद कर दिया है। खेत-खलिहानों को आने जाने में भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में दिक्कत और बढ़ जाती है-
सुमन जाटव, महेशरा
जल भराव के कारण गांव के लोग नारकीय जिंदगी जीने को मजबूर हैं। जन प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अफसरों से गुहार लगाने के बाद भी निजात नहीं मिल रही है-
सोनू कुमार, महेशरा
उनके गांव से गजरौला की दूरी करीब 8 किमी है, लेकिन मुख्य मार्ग पर पानी भरा हो जाने के कारण चार किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है-
जावेद सैफी, महेशरा
जल भराव के कारण सूखे में तो खेतों के रास्ते से पैदल लोग निकल जाते हैं, लेकिन बारिश हो जाने पर खेतों का रास्ता भी बंद हो जाता है। तब और अधिक दिक्कत आती है-
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नजाकत सैफी, महेशरा
मुख्य मार्ग के पानी में ही बिजली के खंभे खड़े हैं। बुग्गी निकालते समय खंभों में करंट आने का डर बना रहता है। जिससे हादसे की आशंका रहती है-
राजपाल सिंह, महेशरा
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ब्लॉक की महेशरा ग्राम पंचायत में डाकखाना और बैंक है। गांव में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 10-12 गांव के लोग दवाई लेने आते हैं। परिषदीय विद्यालयों के अलावा चार इंटर कॉलेज हैं। जिनमें आस पास के गांवों के सैकड़ों छात्र-छात्रा पढ़ने आते हैं। गांव में नगर की तरफ आने-जाने और कई गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग जल मग्न है। घरों सेे निकलने वाला जो पानी तालाब में जाना चाहिए, वह सड़क पर भरा है। जिसने गांव के लोगों को परेशानी में डाल दिया है। महेशरा के ग्राम प्रधान श्यौनाथ सिंह का कहना है कि जल भराव से निजात दिलाने के लिए लोक निर्माण विभाग से नाला स्वीकृत हो गया है। कुछ ही दिनों में दिक्कत खत्म हो जाएगी।
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मुख्य मार्ग की सड़क पर पानी भरा हो जाने के कारण पैदल लोग उनके खेत से गुजरते हैं। खेत का काफी हिस्सा प्रभावित होता है। उसमें फसल पैदा
नहीं होती-
जगवती, निवासी महेशरा
पानी ने रास्ता बंद कर दिया है। इस कारण बाइक और कार सवार इस रास्ते से नहीं निकलते। वह अन्य मार्गों से कई किमी का चक्कर लगाने को मजबूर हैं-
राजवीर सैनी, महेशरा
सबसे अधिक दिक्कत किसी के निधन पर होती है। पानी के कारण गांव से बाहर तक अर्थी कंधों पर नहीं निकाल सकतेे। पानी के कारण ट्रैक्टर ट्रॉली पर रख लेते हैं-
राजेंद्र सिंह, निवासी महेशरा
कई गांवों का रास्ता पानी ने बंद कर दिया है। खेत-खलिहानों को आने जाने में भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात में दिक्कत और बढ़ जाती है-
सुमन जाटव, महेशरा
जल भराव के कारण गांव के लोग नारकीय जिंदगी जीने को मजबूर हैं। जन प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अफसरों से गुहार लगाने के बाद भी निजात नहीं मिल रही है-
सोनू कुमार, महेशरा
उनके गांव से गजरौला की दूरी करीब 8 किमी है, लेकिन मुख्य मार्ग पर पानी भरा हो जाने के कारण चार किमी का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है-
जावेद सैफी, महेशरा
जल भराव के कारण सूखे में तो खेतों के रास्ते से पैदल लोग निकल जाते हैं, लेकिन बारिश हो जाने पर खेतों का रास्ता भी बंद हो जाता है। तब और अधिक दिक्कत आती है-
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नजाकत सैफी, महेशरा
मुख्य मार्ग के पानी में ही बिजली के खंभे खड़े हैं। बुग्गी निकालते समय खंभों में करंट आने का डर बना रहता है। जिससे हादसे की आशंका रहती है-
राजपाल सिंह, महेशरा