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Amroha News: अमरोहा में सड़कों का नहीं, गड्ढों का हो रहा विकास
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पतेई खालसा से नूरी मुबारकपुर की सड़क पर जलभराव व कींचड़। संवाद
डिडौली। जिले में विकास की पहचान सड़कों से होती है लेकिन अमरोहा का विकास ही गड्ढे में है। हर साल करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे हैं। गांव से गांव को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों पर जलभराव व कीचड़ फैला हुआ है। इन सड़कों पर वाहन लेकर चलना तो दूर पैदल निकलना भी मुश्किल है।
जोया ब्लाॅक क्षेत्र के दस से ज्यादा गांव ऐसे हैं जिनकी मुख्य सड़कें बदहाल हैं। इन सड़कों पर लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यह स्थिति तब है जब लगातार गांव के लोग सड़कों को बनवाने की मांग करते हैं। देखने से लगता है कि शासन से मिल रहा पैसा विकास कार्यों में नहीं बल्कि जेब भरने के काम आ रहा है।
सोमवार को विकास खंड जोया के गांवों को जोड़ने वाले मुख्य मार्गाें की पड़ताल की गई तो ज्यादातर रास्तों का बुरा हाल निकला। पतेई खालसा से खैय्या का रास्ते पर हर समय पानी भरा रहता है। दूसरा रास्ता पतेई खालसा से नूरी को जाने वाला रास्ता कीचड़ से भरा पाया गया। मुबारकपुर नूरी से मंसूरपुर के मुख्य मार्ग की स्थिति भी बेहद खराब मिली। घुटनों तक सड़क पर भरे गंदे पानी में बच्चे गिर जाते हैं। इन गांवों में कोई बीमार हो जाए तो एंबुलेंस के निकलने को भी रास्ता नहीं है।
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गांव अशरफपुर फैजगंज से शहबाजपुर रोड पर भी यही हाल मिला। कमालपुर जैद, भवालपुर, ढकिया चमन, निलीखेड़ी, पूरनपुर गांवों के मुख्य मार्गाें की स्थिति भी दयनीय है। यह बदहाल सड़कें ग्राम पंचायत, जिला पंचायत, पीडब्ल्यूडी व अन्य विभागों की फाइलों में सड़क चकाचक हैं। ग्रामीणों की इस समस्या को लेकर जिम्मेदारों की आंखों पर अनदेखी का पर्दा पड़ा हुआ है।
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गांव के रास्ते पर कीचड़ एवं गंदगी और बदबूदार पानी है, जिससे ग्रामीणों को होकर गुजरना पड़ता है। इसकी शिकायत हम अनेक बार कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। इस सड़क का निर्माण होना बहुत जरूरी है। दर्जनों गांव के लोग इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं।
- अकरम, मुबारकपुर नूरी
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नूरी से शाहबाजपुर एवं अन्य मनोटा मार्ग को जाने वाला मुख्य रास्ता है। स्कूली बच्चे पढ़ने के लिए जाते हैं। मुख्य रास्ता होने के कारण सभी को इसी से होकर गुजरना पड़ता है। पता नहीं चलता कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क है। जिम्मेदार सुनने को तैयार नहीं है।
-उसमान अली, मुबारकपुर नूरी
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फैजगंज से शाहबाजपुर मार्ग पर पूरे गांव का पानी एकत्र है। गंदा पानी है, ग्रामीण जिसमें निकलने को मजबूर हैं। तालाबों पर ग्रामीणों का अवैध कब्जा है। इसी के चलते सड़कों पर पानी भरा हुआ है।
- मुख्त्यार, अशरफपुर फैजगंज
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भवालपुर से सैदपुर को जाने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण गड्ढे हो गए हैं, जिनमें पानी गंदा भरा हुआ है। अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। कह देते हैं कि यह सड़क पीडब्ल्यूडी की है, पीडब्ल्यूडी वाले कह देते हैं कि ग्राम पंचायत की है।
-रहीशन निवासी, भवालपुर
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खरखोदा आजम को जाने वाले मुख्य मार्ग पर जलभराव है। निकलने में ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। इसकी शिकायत हम अनेक बार कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है।
- मुकेश कुमार, पतेई खालसा
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गांव में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी गई थीं। लेकिन, संबंधित एजेंसियों ने सड़कों की मरम्मत नहीं कराई है, जिस वजह से दिक्कत आ रही है। अगर सड़कों पर जलभराव और कीचड़ है तो जांच कराई जाएगी। संबंधित की जिम्मेदारी तय होगी।
- अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ
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जोया ब्लाॅक क्षेत्र के दस से ज्यादा गांव ऐसे हैं जिनकी मुख्य सड़कें बदहाल हैं। इन सड़कों पर लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यह स्थिति तब है जब लगातार गांव के लोग सड़कों को बनवाने की मांग करते हैं। देखने से लगता है कि शासन से मिल रहा पैसा विकास कार्यों में नहीं बल्कि जेब भरने के काम आ रहा है।
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सोमवार को विकास खंड जोया के गांवों को जोड़ने वाले मुख्य मार्गाें की पड़ताल की गई तो ज्यादातर रास्तों का बुरा हाल निकला। पतेई खालसा से खैय्या का रास्ते पर हर समय पानी भरा रहता है। दूसरा रास्ता पतेई खालसा से नूरी को जाने वाला रास्ता कीचड़ से भरा पाया गया। मुबारकपुर नूरी से मंसूरपुर के मुख्य मार्ग की स्थिति भी बेहद खराब मिली। घुटनों तक सड़क पर भरे गंदे पानी में बच्चे गिर जाते हैं। इन गांवों में कोई बीमार हो जाए तो एंबुलेंस के निकलने को भी रास्ता नहीं है।
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गांव अशरफपुर फैजगंज से शहबाजपुर रोड पर भी यही हाल मिला। कमालपुर जैद, भवालपुर, ढकिया चमन, निलीखेड़ी, पूरनपुर गांवों के मुख्य मार्गाें की स्थिति भी दयनीय है। यह बदहाल सड़कें ग्राम पंचायत, जिला पंचायत, पीडब्ल्यूडी व अन्य विभागों की फाइलों में सड़क चकाचक हैं। ग्रामीणों की इस समस्या को लेकर जिम्मेदारों की आंखों पर अनदेखी का पर्दा पड़ा हुआ है।
गांव के रास्ते पर कीचड़ एवं गंदगी और बदबूदार पानी है, जिससे ग्रामीणों को होकर गुजरना पड़ता है। इसकी शिकायत हम अनेक बार कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। इस सड़क का निर्माण होना बहुत जरूरी है। दर्जनों गांव के लोग इसी रास्ते से होकर गुजरते हैं।
- अकरम, मुबारकपुर नूरी
नूरी से शाहबाजपुर एवं अन्य मनोटा मार्ग को जाने वाला मुख्य रास्ता है। स्कूली बच्चे पढ़ने के लिए जाते हैं। मुख्य रास्ता होने के कारण सभी को इसी से होकर गुजरना पड़ता है। पता नहीं चलता कि सड़क में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क है। जिम्मेदार सुनने को तैयार नहीं है।
-उसमान अली, मुबारकपुर नूरी
फैजगंज से शाहबाजपुर मार्ग पर पूरे गांव का पानी एकत्र है। गंदा पानी है, ग्रामीण जिसमें निकलने को मजबूर हैं। तालाबों पर ग्रामीणों का अवैध कब्जा है। इसी के चलते सड़कों पर पानी भरा हुआ है।
- मुख्त्यार, अशरफपुर फैजगंज
भवालपुर से सैदपुर को जाने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण गड्ढे हो गए हैं, जिनमें पानी गंदा भरा हुआ है। अधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं। कह देते हैं कि यह सड़क पीडब्ल्यूडी की है, पीडब्ल्यूडी वाले कह देते हैं कि ग्राम पंचायत की है।
-रहीशन निवासी, भवालपुर
खरखोदा आजम को जाने वाले मुख्य मार्ग पर जलभराव है। निकलने में ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। इसकी शिकायत हम अनेक बार कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है।
- मुकेश कुमार, पतेई खालसा
गांव में जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी गई थीं। लेकिन, संबंधित एजेंसियों ने सड़कों की मरम्मत नहीं कराई है, जिस वजह से दिक्कत आ रही है। अगर सड़कों पर जलभराव और कीचड़ है तो जांच कराई जाएगी। संबंधित की जिम्मेदारी तय होगी।
- अश्वनी कुमार मिश्रा, सीडीओ

पतेई खालसा से नूरी मुबारकपुर की सड़क पर जलभराव व कींचड़। संवाद