{"_id":"64725849534a23884505e9a4","slug":"husbands-quit-drinking-families-saved-frome-breakup-jpnagar-news-c-15-1-157745-2023-05-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: पतियों ने छोड़ी शराब, टूटने से बच गए 43 परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: पतियों ने छोड़ी शराब, टूटने से बच गए 43 परिवार
Sun, 28 May 2023 12:52 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sun, 28 May 2023 12:52 AM IST
विज्ञापन
अमरोहा। शराब पीकर महिलाओं के साथ हिंसा आम बात हो गई है। ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं। कई परिवार ऐसे भी हैं जहां शराब के कारण पति-पत्नी के रिश्तों में खटास आ गई। महिलाएं अपने मायके में रहने लगीं। लेकिन नारी उत्थान केंद्र की पहल पर ऐसे 43 परिवारों को जोड़ा है जो शराब पीने के कारण टूटने की कगार पर पहुंच गए थे। करीब 130 शिकायतों में से 43 मामलों में पति-पत्नी के रिश्तों के बीच शराब जहर घोल रही थी। जब पति ने शराब छोड़ने की कसम खाई तो ये परिवार टूटने से बच गए। नाराज पति-पत्नी एक साथ रहने लगे।अमरोहा पुलिस ऑफिस में नारी उत्थान केंद्र है। घरेलू महिला उत्पीड़न से संबंधित जितने भी प्रार्थना पत्र पुलिस ऑफिस में आते हैं उन्हें एसपी के द्वारा नारी उत्थान केंद्र भेजा जाता है।
नारी उत्थान केंद्र प्रभारी अलका चौधरी के मुताबिक पिछले महीने में करीब 120 प्रार्थना पत्र आए। इनमें से अधिकांश मामले पति पत्नी के बीच छोटे-छोटे विवाद को लेकर थे। जबकि 43 मामले ऐसे थे जिनमें पति शराब पीकर महिला के साथ मारपीट करता था। जिस कारण पत्नी और पति के बीच मनमुटाव रहता था और महिला अपने मायके में रहती थीं। सभी मामलों में दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की गई। जिसमें पीड़ित महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि यदि पति शराब नहीं पिएगा तो वह उसके साथ रहने को तैयार है। लिहाजा पुलिस ने भी अपना सख्त रवैया अपनाया। पुलिस का रुख देखकर पतियों ने भी शराब छोड़ने की कसम खा ली। जिसके बाद 43 परिवारों का घर टूटने से बच लिया गया। इसके बाद नारी उत्थान केंद्र से ही पति-पत्नी खुशी-खुशी अपने घर चले गए।
रजबपुर थानाक्षेत्र के गांव की रहने वाली युवती की शादी बिजनौर जनपद के रहने वाले गांव निवासी युवक के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के एक साल बाद से पति ने परेशान करना शुरू कर दिया। रोजाना शराब पीकर घर आता था और विरोध करने पर मारपीट करता था। फिलहाल पीड़िता अपने मायके में पिता के घर रहती थी। लेकिन नारी उत्थान केंद्र के द्वारा परिवार को एक कर दिया गया। जिसके बाद विवाहिता खुश है।
विज्ञापन
आदमपुर थानाक्षेत्र के एक गांव में रहने वाले किसान की बेटी की शादी डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव निवासी युवक के साथ हुई थी। महिला पर एक बेटा एक बेटी भी है। रोजमर्रा की मजदूरी करने वाला युवक रोजाना शराब पीकर घर आता था। विवाहिता जब इसका विरोध करती थी तो उसके साथ मारपीट करता था। पति के उत्पीड़न से तंग आकर विवाहिता अपने मायके चली गई और नारी उत्थान केंद्र में शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। लेकिन अब समझौता होने के बाद दोनों एक साथ रह रहे हैं।
महिला उत्पीड़न संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। घरेलू हिंसा से जुड़े जो भी प्रार्थना पत्र आते हैं उन्हें नारी उत्थान केंद्र भेजा जाता है। जिससे दोनों पक्षों को सुनकर समझौता कराया जा सके और उनका घर दोबारा बस सके। पिछले एक महीने में 43 परिवारों को टूटने से बचाया गया है। अधिकांश महिलाओं की शिकायत प्रति के शराब पीने को लेकर थी। पति के शराब छोड़ने के बाद सभी पीड़ित महिलाएं सकुशल घर रह रही हैं।-आदित्य लांग्हे, एसपी
विज्ञापन
नारी उत्थान केंद्र प्रभारी अलका चौधरी के मुताबिक पिछले महीने में करीब 120 प्रार्थना पत्र आए। इनमें से अधिकांश मामले पति पत्नी के बीच छोटे-छोटे विवाद को लेकर थे। जबकि 43 मामले ऐसे थे जिनमें पति शराब पीकर महिला के साथ मारपीट करता था। जिस कारण पत्नी और पति के बीच मनमुटाव रहता था और महिला अपने मायके में रहती थीं। सभी मामलों में दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की गई। जिसमें पीड़ित महिलाओं ने स्पष्ट कहा कि यदि पति शराब नहीं पिएगा तो वह उसके साथ रहने को तैयार है। लिहाजा पुलिस ने भी अपना सख्त रवैया अपनाया। पुलिस का रुख देखकर पतियों ने भी शराब छोड़ने की कसम खा ली। जिसके बाद 43 परिवारों का घर टूटने से बच लिया गया। इसके बाद नारी उत्थान केंद्र से ही पति-पत्नी खुशी-खुशी अपने घर चले गए।
विज्ञापन
रजबपुर थानाक्षेत्र के गांव की रहने वाली युवती की शादी बिजनौर जनपद के रहने वाले गांव निवासी युवक के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के एक साल बाद से पति ने परेशान करना शुरू कर दिया। रोजाना शराब पीकर घर आता था और विरोध करने पर मारपीट करता था। फिलहाल पीड़िता अपने मायके में पिता के घर रहती थी। लेकिन नारी उत्थान केंद्र के द्वारा परिवार को एक कर दिया गया। जिसके बाद विवाहिता खुश है।
विज्ञापन
आदमपुर थानाक्षेत्र के एक गांव में रहने वाले किसान की बेटी की शादी डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव निवासी युवक के साथ हुई थी। महिला पर एक बेटा एक बेटी भी है। रोजमर्रा की मजदूरी करने वाला युवक रोजाना शराब पीकर घर आता था। विवाहिता जब इसका विरोध करती थी तो उसके साथ मारपीट करता था। पति के उत्पीड़न से तंग आकर विवाहिता अपने मायके चली गई और नारी उत्थान केंद्र में शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। लेकिन अब समझौता होने के बाद दोनों एक साथ रह रहे हैं।
महिला उत्पीड़न संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। घरेलू हिंसा से जुड़े जो भी प्रार्थना पत्र आते हैं उन्हें नारी उत्थान केंद्र भेजा जाता है। जिससे दोनों पक्षों को सुनकर समझौता कराया जा सके और उनका घर दोबारा बस सके। पिछले एक महीने में 43 परिवारों को टूटने से बचाया गया है। अधिकांश महिलाओं की शिकायत प्रति के शराब पीने को लेकर थी। पति के शराब छोड़ने के बाद सभी पीड़ित महिलाएं सकुशल घर रह रही हैं।-आदित्य लांग्हे, एसपी