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अमरोहा में घायलों की संख्या देख अस्पताल प्रशासन के हाथ-पैर फूले
ब्यूरो/अमर उजाला,अमरोहा।
Updated Sat, 22 Sep 2018 01:57 AM IST
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अमरोहा जिला अस्पताल में भर्ती घायल बच्चे।
- फोटो : amar ujala
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डिडौली थाना क्षेत्र के जोया-संभल मार्ग स्थित पलौला गांव में टायर फटने के बाद ओवरलोड बस अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा होते ही बस में मौजूद सभी 80 सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। सवारियों की चीख पुकार से पलौला अड्डे पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में ग्रामीण घटनास्थल की और दौड़ पड़े और राहत कार्य में लग गए। हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस और जनपद भर की 13 एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। ग्रामीणों की मदद से घायलों को जोया सीएचसी और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
घायलों की भारी तादात देखकर अस्पताल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। उपचार के लिए इमरजेंसी के अलावा अन्य स्टाफ को भी बुला लिया गया। दुर्घटना में छात्र सहित पांच लोगों की मौत हो गई। डीएम और एसपी ने अस्पताल में घायलों का हालचाल जाना। डॉक्टरों को बेहतर उपचार करने के दिशा निर्देश दिए। वहीं किसी प्रकार की लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की हिदायत दी। शुक्रवार को अमरोहा से जोया होकर संभल के लिए फर्राटा भर रही ओवरलोड बस जैसे ही डिडौली थाना क्षेत्र के गांव पलौला पहुंची तभी बस का अगला टायर फटने से बस अनियंत्रित हो गई और पलौला गांव के अड्डे पर बने टीन शेड और कीकड़ के पेड़ के बीच जाकर पलट गई। बस में करीब 80 से अधिक सवारियां थीं। हादसा होते ही सवारियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे का दर्दनाक मंजर देख पलौला और आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े। पहले बस के ऊपर गिरे कीकड़ के पेड़ को काटकर हटाया और बस का आधा हिस्सा काटकर घायलों को बस से बाहर निकाला।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही 108 और102 एंबुलेंस के जिला कोआर्डिनेटर दीपक भी 13 एंबुलेंसों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। एक के बाद एक घायलों को एंबुलेंस के जरिए जोया सीएचसी और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों की भीड़ को देखकर अस्पताल प्रशासन के होश उड़ गए। आनन फानन में इमरजेंसी के अलावा अन्य स्टाफ को भी घायलों के उपचार के लिए लगाया। अस्पताल आंकड़ों के मुताबिक जोया सीएचसी और जिला अस्पताल में करीब 80 घायलों को उपचार के लिए भर्ती कराए गए थे। इसमें से गंभीर रूप से घायल 25 लोगों को मुरादाबाद और मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया है। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद डीएम हेमंत कुमार और एसपी डा. विपिन ताडा ने घायलों का हालचाल जाना। यहां मौजूद सीएमओ रमेश चंद शर्मा व अन्य स्टाफ को घायलों को बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए। डीएम ने अस्पताल स्टाफ को दो टूक चेतावनी दी, घायलों के उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उधर, लगातार घायलों की संख्या बढ़ता देख अस्पताल प्रशासन के हाथपांव फूलते रहे।
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घायलों की भारी तादात देखकर अस्पताल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। उपचार के लिए इमरजेंसी के अलावा अन्य स्टाफ को भी बुला लिया गया। दुर्घटना में छात्र सहित पांच लोगों की मौत हो गई। डीएम और एसपी ने अस्पताल में घायलों का हालचाल जाना। डॉक्टरों को बेहतर उपचार करने के दिशा निर्देश दिए। वहीं किसी प्रकार की लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की हिदायत दी। शुक्रवार को अमरोहा से जोया होकर संभल के लिए फर्राटा भर रही ओवरलोड बस जैसे ही डिडौली थाना क्षेत्र के गांव पलौला पहुंची तभी बस का अगला टायर फटने से बस अनियंत्रित हो गई और पलौला गांव के अड्डे पर बने टीन शेड और कीकड़ के पेड़ के बीच जाकर पलट गई। बस में करीब 80 से अधिक सवारियां थीं। हादसा होते ही सवारियों में चीख-पुकार मच गई। हादसे का दर्दनाक मंजर देख पलौला और आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े। पहले बस के ऊपर गिरे कीकड़ के पेड़ को काटकर हटाया और बस का आधा हिस्सा काटकर घायलों को बस से बाहर निकाला।
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दुर्घटना की सूचना मिलते ही 108 और102 एंबुलेंस के जिला कोआर्डिनेटर दीपक भी 13 एंबुलेंसों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गए। एक के बाद एक घायलों को एंबुलेंस के जरिए जोया सीएचसी और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों की भीड़ को देखकर अस्पताल प्रशासन के होश उड़ गए। आनन फानन में इमरजेंसी के अलावा अन्य स्टाफ को भी घायलों के उपचार के लिए लगाया। अस्पताल आंकड़ों के मुताबिक जोया सीएचसी और जिला अस्पताल में करीब 80 घायलों को उपचार के लिए भर्ती कराए गए थे। इसमें से गंभीर रूप से घायल 25 लोगों को मुरादाबाद और मेरठ के लिए रेफर कर दिया गया है। घटनास्थल का मुआयना करने के बाद डीएम हेमंत कुमार और एसपी डा. विपिन ताडा ने घायलों का हालचाल जाना। यहां मौजूद सीएमओ रमेश चंद शर्मा व अन्य स्टाफ को घायलों को बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए। डीएम ने अस्पताल स्टाफ को दो टूक चेतावनी दी, घायलों के उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उधर, लगातार घायलों की संख्या बढ़ता देख अस्पताल प्रशासन के हाथपांव फूलते रहे।
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