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कृषि कानूनों के विरोध में हाईवे रहा जाम, वाहनों की लगी लंबी कतार, प्रशासन के छूटे पसीने
Sat, 06 Feb 2021 05:03 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, अमरोहा
अमर उजाला ब्यूरो, अमरोहा
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Sat, 06 Feb 2021 05:03 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
नए कृषि कानूनों को वापस कराने को लेकर भाकियू असली के कार्यकर्ताओं ने रजबपुर और धनौरा में चक्का जाम किया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के नेतृत्व में किसानों ने हाईवे जाम किया। हाईवे पर किसानों के आते ही वाहनों की लंबी कतार लग गई। राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसानों को समझाने में पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के पसीने छूट गए।
हालांकि अधिकारियों की लगातार मिन्नतों पर किसान 15 मिनट में ही हाईवे से हट गए। जबकि धनौरा में पूरे तीन घंटे सड़क पर किसानों का कब्जा रहा। जिसे लेकर कई बार किसान और अधिकारियों के बीच नोकझोंक हुई। दोनों स्थानों का जाम खुलने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। चक्का जाम के दौरान सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा।
किसानों ने किया चक्का जाम
उधर संभल में भी कृषि कानूनों के विरोध में तीन स्थानों पर किसान सड़कों पर उतर आए। नारेबाजी करते हुए जाम लगाया। पुलिस और प्रशासन पहले से सतर्क था। किसान नेताओं की घेराबंदी कर ली गई थी। इसलिए पूरे तीन घंटे तक जाम नहीं लग सका। तीनों स्थानों पर आधा-आधा घंटे तक जाम रहा।
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एसडीएम को ज्ञापन देकर सड़क से हटे किसान
संभल-गवां मार्ग पर नारंगपुर में भाकियू असली के आह्वन पर किसान सड़क पर उतर आए। दोपहर 1.37 मिनट से 1.43 मिनट तक जाम लगाया। वाहनों की एक किलोमीटर लंबी कतार लग गई। संभल के एसडीएम और सीओ ने ज्ञापन लेकर किसानों का जाम खुलवाया। मुरादाबाद-आगरा हाइवे पर धनारी थाने के पास किसानों ने दोपहर 12.30 से करीब एक बजे तक आधा घंटे जाम लगाया। गुन्नौर के एसडीएम को ज्ञापन देकर किसान सड़क से हटे।
पुलिस ने खुलवाया जाम
पवांसा-दिलगौरा मार्ग पर किरारी गांव में 12.45 बजे से 1.30 बजे तक किसान सड़क पर रहे। धरना देकर प्रदर्शन किया। पवांसा के चौकी इंचार्ज ने आंदोलनकारियों से वार्ता की और जाम खुलवाया। संभल हसनपुर मार्ग पर गैलुआ में सड़क किनारे निजी परिसर में सुबह से ही किसान एकत्र होने लगे। परिसर के बाहर एडीएम, एएसपी, सीओ, एसडीएम, नखासा थाने की पुलिस और पीएसी के साथ थे।
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हालांकि अधिकारियों की लगातार मिन्नतों पर किसान 15 मिनट में ही हाईवे से हट गए। जबकि धनौरा में पूरे तीन घंटे सड़क पर किसानों का कब्जा रहा। जिसे लेकर कई बार किसान और अधिकारियों के बीच नोकझोंक हुई। दोनों स्थानों का जाम खुलने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। चक्का जाम के दौरान सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा।
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किसानों ने किया चक्का जाम
उधर संभल में भी कृषि कानूनों के विरोध में तीन स्थानों पर किसान सड़कों पर उतर आए। नारेबाजी करते हुए जाम लगाया। पुलिस और प्रशासन पहले से सतर्क था। किसान नेताओं की घेराबंदी कर ली गई थी। इसलिए पूरे तीन घंटे तक जाम नहीं लग सका। तीनों स्थानों पर आधा-आधा घंटे तक जाम रहा।
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एसडीएम को ज्ञापन देकर सड़क से हटे किसान
संभल-गवां मार्ग पर नारंगपुर में भाकियू असली के आह्वन पर किसान सड़क पर उतर आए। दोपहर 1.37 मिनट से 1.43 मिनट तक जाम लगाया। वाहनों की एक किलोमीटर लंबी कतार लग गई। संभल के एसडीएम और सीओ ने ज्ञापन लेकर किसानों का जाम खुलवाया। मुरादाबाद-आगरा हाइवे पर धनारी थाने के पास किसानों ने दोपहर 12.30 से करीब एक बजे तक आधा घंटे जाम लगाया। गुन्नौर के एसडीएम को ज्ञापन देकर किसान सड़क से हटे।
पुलिस ने खुलवाया जाम
पवांसा-दिलगौरा मार्ग पर किरारी गांव में 12.45 बजे से 1.30 बजे तक किसान सड़क पर रहे। धरना देकर प्रदर्शन किया। पवांसा के चौकी इंचार्ज ने आंदोलनकारियों से वार्ता की और जाम खुलवाया। संभल हसनपुर मार्ग पर गैलुआ में सड़क किनारे निजी परिसर में सुबह से ही किसान एकत्र होने लगे। परिसर के बाहर एडीएम, एएसपी, सीओ, एसडीएम, नखासा थाने की पुलिस और पीएसी के साथ थे।