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Amroha News: सेहत पर भारी पड़ रही गर्मी, डायरिया-बुखार के 26 मरीज भर्ती
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अमरोहा। गर्मी के चलते डायरिया-बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। जिला अस्पताल और सीएचसी में रोजाना उल्टी दस्त के मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। रविवार को भर्ती भी डायरिया-बुखार के 26 मरीज भर्ती किए गए हैं। जबकि दस मरीजों का पहले से इलाज चल रहा था।
सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में अधिकांश डायरिया रोग से ग्रस्त मरीज पहुंच रहे हैं। प्राइवेट नर्सिंग होम भी डायरिया पीड़ितों से अटे पड़े हैं। चिकित्सक गर्मी में खान-पान को इसके लिए दोषी मान रहे हैं। लेकिन, शहर की नियमित साफ सफाई नहीं होना भी डायरिया रोग का प्रमुख कारण है। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने बताया कि गर्मी में कीटाणु तेजी से फैलते हैं। गंदगी पर बैठी मक्खी के पैरों व पंखों पर ये कीटाणु आसान से चिपक जाते हैं और खाने-पीने की वस्तुओं पर बैठकर बीमारी को जन्म देते हैं। लिहाजा कटे सड़े फल, रात का रखा और तेज मसालों से बने खाने से परहेज करें।
टाइफाइड-बुखार से पीड़ित मरीज को तेज सिरदर्द होता है। बुखार 104 डिग्री तक पहुंच जाता है। शरीर दर्द के साथ ही जी मिचलाना लगता है, पेट दर्द के साथ ही दस्त व कब्ज की भी शिकायत रहती है। भूख नहीं लगती है और पेट भरा महसूस होता है। ऐसे में मरीज को तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। डॉ. चरन सिंह ने बताया कि रविवार को अवकाश होने के बाद भी डायरिया के आठ और डायरिया के 15 मरीज भर्ती किए गए हैं। सभी की सेहत में सुधार है।
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सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में अधिकांश डायरिया रोग से ग्रस्त मरीज पहुंच रहे हैं। प्राइवेट नर्सिंग होम भी डायरिया पीड़ितों से अटे पड़े हैं। चिकित्सक गर्मी में खान-पान को इसके लिए दोषी मान रहे हैं। लेकिन, शहर की नियमित साफ सफाई नहीं होना भी डायरिया रोग का प्रमुख कारण है। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. चरन सिंह ने बताया कि गर्मी में कीटाणु तेजी से फैलते हैं। गंदगी पर बैठी मक्खी के पैरों व पंखों पर ये कीटाणु आसान से चिपक जाते हैं और खाने-पीने की वस्तुओं पर बैठकर बीमारी को जन्म देते हैं। लिहाजा कटे सड़े फल, रात का रखा और तेज मसालों से बने खाने से परहेज करें।
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टाइफाइड-बुखार से पीड़ित मरीज को तेज सिरदर्द होता है। बुखार 104 डिग्री तक पहुंच जाता है। शरीर दर्द के साथ ही जी मिचलाना लगता है, पेट दर्द के साथ ही दस्त व कब्ज की भी शिकायत रहती है। भूख नहीं लगती है और पेट भरा महसूस होता है। ऐसे में मरीज को तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। डॉ. चरन सिंह ने बताया कि रविवार को अवकाश होने के बाद भी डायरिया के आठ और डायरिया के 15 मरीज भर्ती किए गए हैं। सभी की सेहत में सुधार है।
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