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तिगरी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से झोपड़ियां-तख्त डूबे

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 23 May 2021 12:43 AM IST
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Ganges shattered by rain of mountains, huts-placards submerge in Tigri
गजरौला। पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद बिजनौर बैराज से 90 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण पहले से ही उफान पर चल रही गंगा का जलस्तर और बढ़ गया। रात ढाई बजे गंगा में पानी बढ़ने के कारण घाट से सटकर रखे पुरोहितों के तख्त पानी के बहाव में बह गए। श्मशान घाट में बने झोपड़ीनुमा ढाबे पानी में डूब गए। अचानक ऐसा होने से वहां सो रहे लोगों में अफरातफरी और चीख-पुकार मच गई। उन्होंने कड़ी मशक्कत कर अपना सामान बहने से बचाया। हालांकि सामान भीग जाने से उन्हें काफी क्षति पहुंची है। वहीं तिगरी के ग्रामीण रात भर बंधे पर रहकर गंगा का विकराल स्वरूप देखते रहे।
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गंगाधाम तिगरी में रहने वाले पंडित गंगासरन शर्मा और ऋषभ शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से गंगा का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है और गंगा तेजी से कटान भी कर रही है। ऐसे में शुक्रवार की रात लगभग ढाई बजे गंगा का जलस्तर अचानक से और बढ़ गया। पानी की तेज लहरों से स्नान घाट के किनारे रखे पंडित मनोज शर्मा और पंडित राधेलाल के साथ ही कई और पंडितों के तख्त बह गए। वहीं घाट से काफी दूरी पर बने अस्थायी अंत्येष्टि स्थल के पास झोपड़ियों में बने ढाबों में पानी भर गया। वहां सो रहे लोगों में अफरातफरी मच गई। नंदू त्यागी, सुरेश कश्यप और निंतर ठाकुर आदि ने बताया कि उन्हें हजारों रुपये की क्षति पहुंची है। रात में अंधेरे में ही उन्होंने अपना काफी सामान डूबने से बचाया। बाढ़ खंड के जेई अनवार खां ने बताया कि तिगरी में गंगा का जलस्तर 199 गेज मीटर 50 सेंटीमीटर रिकार्ड किया गया। शुक्रवार को जलस्तर 198 गेज मीटर था।
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पानी आ जाने से अंत्येष्टि स्थल बदला
गजरौला। गंगाधाम तिगरी में गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ जाने के कारण हर ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है। किसानों की फसलें और पालेज भी गंगा के पानी की भेंट चढ़ चुकी हैं। वहीं तिगरी में जलस्तर बढ़ने की सूचना पर इंस्पेक्टर आरपी शर्मा भी मौके पर पहुंचे और बाढ़ खंड के जेई अनवार खां आदि से बात कर वहां अंत्येष्टि स्थल का स्थान बदलवा दिया। अब पहले से काफी दूरी पर आगे जाकर शवों का अंतिम संस्कार कराया जा रहा है।
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पैंटून पुल पर भी मंडराने लगा खतरा
गजरौला। पहाड़ों में हुई तेज बारिश और बिजनौर बैराज से लगातार पानी डिस्चार्ज किए जाने के कारण गंगा के साथ ही रामगंगापोषक नहर भी उफान पर है। इससे गांव चकनवाला में गुजर रही नहर पर लगे जर्जर पैंटून पुल पर भी खतरा मंडराने लगा है। बता दें कि यह पुल पहले ही काफी जीर्णशीर्ण हालत में है। इस पर लगी बल्लियों पर पड़ी मिट्टी बह जाने के कारण रिक्त स्थान बन गया है। इससे यहां दुपहिया वाहन फिसल रहे हैं और बड़े वाहन फंस रहे हैं।

ब्रजघाट में भी घाटों पर पसरा सन्नाटा
गजरौला। गंगा में अचानक ही जल स्तर बढ़ जाने के कारण ब्रजघाट में भी घाटों पर सन्नाटा पसरा है। हालांकि वहां अपने परिजनों की अस्थियां विसर्जन करने को लोग आ रहे हैं लेकिन स्नान के लिए श्रद्धालु नहीं आ रहे हैं। गंगा के तीव्र वेग में होने के कारण नावों और मोटरबोट का संचालन भी बंद है। वहीं गंगा में पहाड़ी क्षेत्र से टूटे पेड़, डालियां, पालेज के खरबूजे, तरबूज, लौकी,कद्दू आदि भी बहकर आ रहे हैं। वहीं गंगा का पानी काफी मटमैला हो गया है।
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