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Amroha News: तिगरी में 30 सेंटीमीटर कम हुआ गंगा का जल स्तर, अभी बाढ़ से राहत नहीं

Sun, 10 Aug 2025 01:50 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Sun, 10 Aug 2025 01:50 AM IST
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Ganga water level decreased by 30 cm in Tigri, no relief from flood yet
गजरौला। बिजनौर बैराज से गंगा में शनिवार सुबह 151458 और शाम को 4 बजे 1.42 लाख पानी छोड़ा गया। बावजूद इसके गंगा का जल स्तर 30 सेंटीमीटर कम हो गया, लेकिन बाढ़ के कारण जल मग्न हुए ग्रामीणों को राहत नहीं मिली। उनके सामने दुश्वारियों का अंबार है। गांवों में बाढ़ का पानी भरा है। पानी भरे खेतों से ही चारा लाने के लिए मजबूर हैं।
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शुक्रवार को गंगा का जल स्तर 201.10 मीटर दर्ज किया गया था। जो खतरे के निशान 202 मीटर से महज 90 सेंटीमीटर दूर था। शनिवार सुबह बिजनौर बैराज से गंगा में 151458 क्यूसेक और शाम को 4 बजे 1.42 लाख पानी छोड़ा गया। शाम 4 बजे तक गंगा का जल 30 सेंटीमीटर घट जाने के कारण गेज 200.80 मीटर पर पहुंच गया। यह खतरे के निशान से 1.20 मीटर दूर है, मगर इसके बावजूद बाढ़ ग्रस्त गांवों के ग्रामीणों को खास राहत नहीं है। क्योंकि गंगा किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों की गंगा तट बांध के अंदर खेतों की फसलें पानी में डूबी हुई हैं। सब्जी में तोरई, लोभिया, बैंगन के साथ ही बाजरा, ज्वार, मक्का आदि की फसलों को बाढ़ का पानी लील गया।
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निचले इलाके के खेतों में धान व गन्ने की फसल को भी बाढ़ से नुकसान हो रहा है। लठीरा, फरीदपुर एहतमाली, दारानगर, शीशों वाली, ढाकों वाली, भुड्डी वाली, टीकों वाली आदि गांवों में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण जीवनयापन के साथ ही घरेलू सामान को बाढ़ से बचाने की चिंता सता रही है। बाढ़ में बहकर आए सांप आदि जहरीले कीड़ों का प्रकाेप भी बढ़ गया है। पशुओं को बाढ़ में बह जाने से बचाना और चारे का इंतजाम करना किसी चुनौती से कम नहीं है। चारे की फसल डूब जाने के कारण पार के ग्रामीण गढ़मुक्तेश्वर और तट बांध किनारे के ग्रामीण गजरौला तक से चारा ले जा रहे हैं। खास बात यह है कि बाढ़ के कारण तट बांध के उत्तर दिशा में खेतों में ओगल आने लगा है। यह फसलाें के लिए नुकसान दायक होता है। इससे फसलें सूख जाती हैं। बाढ़ खंड विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार गंगवार का कहना है कि शनिवार सुबह से पानी का स्तर कम होने लगा। अभी और भी कम होने की संभावना है।
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