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यूक्रेन में गजरौला के युवक ने मेट्रो के बेसमेंट में छिपकर बचाई जान

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 01:11 AM IST
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Gajraula's youth saved his life by hiding in the basement of the metro in Ukraine
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद वहां लोग जहां-तहां छिपकर जान बचाने को मजबूर हैं। गजरौला निवासी मेडिकल के छात्र ने परिजनों को मोबाइल पर संदेश भेजकर यूक्रेन के दहशत भरे मंजर को बताया किया। उसने बताया कि जहां वह है, वहां आसपास के लोग सुरक्षित हैं, लेकिन युद्ध होने से दहशत हैं। वह खुद भी अन्य लोगों के साथ रात भर मेट्रो के बेसमेंट में छिपा रहा। बाहर हेलिकॉप्टर की उड़ान और बमबारी की आवाज सुनाई देती रही।
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गजरौला के सुल्तानपुर निवासी नरोत्तम सिंह का 28 वर्षीय पुत्र कैलाश यूक्रेन के खार कीव में रहकर एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। उसने शुक्रवार सुबह अपने परिजनों को मोबाइल पर संदेश भेजकर वहां के दहशत भरे मंजर को बताया किया। छात्र ने बताया कि हमला करने के लिए रूसी सेना यूक्रेन के पूर्वी क्षेत्र चेनिर्हिव, खार कीव और लुहांस्क क्षेत्रों तथा दक्षिणी क्षेत्र में समुद्र के जरिये ओडेसा और मेरियूपोल में दाखिल हुई।
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इसके बाद हमला किया। ये क्षेत्र उसके यहां से करीब 40 किमी दूर है। वह और उसके आसपास लोग सुरक्षित हैं, लेकिन गुरुवार को रूसी सेना द्वारा की गई बमबारी से सभी दहशत में है, यही कारण है कि लोग जहां-तहां छिपकर जान बचाने को मजबूर हैं, वह खुद भी अन्य लोगों के साथ एक मेट्रो स्टेशन के बेसमेंट में ही छिपा रहा। स्थानीय प्रशासन ने छिपे रहने के ही निर्देश दिए थे। साथ ही मोबाइल से वीडियो न बनाने और किसी को फोन पर न भेजने की हिदायत दी गई थी, इसके बाद भी लोगों ने परिजनों को फोन या फिर मैसेज भेज अपनी कुशलता बताई। कैलाश के बड़े भाई सुरेंद्र ने उसके हवाले से बताया कि कैलाश से जब फोन पर संपर्क नहीं हुआ तो उसने मैसेज भेजकर खुद को सुरक्षित बताया, लेकिन उसके द्वारा मैसेज में बताए गए मंजर को सुनकर पूरा परिवार दहशत में आ गया। शुक्रवार को दस बजे तक इधर से भेजे गए किसी मैसेज का जवाब नहीं दिया तो परिजन और डर गए। सवा 11 बजे के करीब वह अपने कमरे पर पहुंचा, इसके बाद उसने बात की और खुद को सुरक्षित बताया इसके बाद परिजनों की मायूसी खत्म हुई।
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