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घर पहुंचा गजरौला का सुहेल, 17 फरवरी को ही गया था यूक्रेन
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यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गया गजरौला के कटाई गांव निवासी युवक रूस के हमलों से बिगड़े के हालात के कारण दसवें दिन रविवार शाम अपने घर लौट आया। यहां आकर उसने परिजनों को यूक्रेन के हालात बताए हैं। उसने कहा कि वह रूस के हमले वाले ठिकानों से दूर और सुरक्षित होने के बावजूद भी डर गया था। हर समय यही डर रहता था कि पता नहीं कब हमला हो जाए। घर आकर आकर उसने चैन की सांस ली है।
क्षेत्र के गांव कटाई निवासी शब्बू खां का 19 वर्षीय बेटा सुहेल खां एमबीबीएस की पढ़ाई करने 17 फरवरी को यूक्रेन गया था। परिजनों के मुताबिक, वहां उसने एक मेडिकल कॉलेज में दाखिला ले लिया। इस बीच रूस द्वारा हमला करने के बाद यूक्रेन के हालात बिगड़ गए। इसके चलते एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे युवकों में बेचैनी बढ़ी तो अपने वतन को लौटने का मन बनाया। पिता शब्बू खां ने बताया कि यूक्रेन के हमले के बाद शुक्रवार को बेटे से बात हुई तो उसने बताया कि हमले वाले इलाकों से वह काफी दूर और सुरक्षित है, लेकिन हालात बिगड़ने के कारण डर लग रहा है। उसने परिजनों से घर आने की इच्छा जताई। जिस पर सभी ने बेटे से अपने घर लौट आने को कहा। रविवार दोपहर बाद वह घर लौट आया। सुहेल सुबह नौ बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा था। इसके बाद उसे रिश्तेदार कटाई गांव छोड़ गए।
सब्बू खां ने बताया कि सुहेल के साथ भारत के सैकड़ों छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। वह भी लौट आए हैं। माहौल शांत होने पर बेटा जाएगा तो उनको कोई दिक्कत नहीं है। रास्ते में थकान के कारण वह सो गया है।
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क्षेत्र के गांव कटाई निवासी शब्बू खां का 19 वर्षीय बेटा सुहेल खां एमबीबीएस की पढ़ाई करने 17 फरवरी को यूक्रेन गया था। परिजनों के मुताबिक, वहां उसने एक मेडिकल कॉलेज में दाखिला ले लिया। इस बीच रूस द्वारा हमला करने के बाद यूक्रेन के हालात बिगड़ गए। इसके चलते एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे युवकों में बेचैनी बढ़ी तो अपने वतन को लौटने का मन बनाया। पिता शब्बू खां ने बताया कि यूक्रेन के हमले के बाद शुक्रवार को बेटे से बात हुई तो उसने बताया कि हमले वाले इलाकों से वह काफी दूर और सुरक्षित है, लेकिन हालात बिगड़ने के कारण डर लग रहा है। उसने परिजनों से घर आने की इच्छा जताई। जिस पर सभी ने बेटे से अपने घर लौट आने को कहा। रविवार दोपहर बाद वह घर लौट आया। सुहेल सुबह नौ बजे दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा था। इसके बाद उसे रिश्तेदार कटाई गांव छोड़ गए।
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सब्बू खां ने बताया कि सुहेल के साथ भारत के सैकड़ों छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं। वह भी लौट आए हैं। माहौल शांत होने पर बेटा जाएगा तो उनको कोई दिक्कत नहीं है। रास्ते में थकान के कारण वह सो गया है।
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