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जिला अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मलेरिया की जांच निशुल्क: सीएमओ

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 25 Apr 2022 01:27 AM IST
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Free malaria test at all health centers including district hospital: CMO
विश्व मलेरिया दिवस पर सीएमओ डॉ संजय अग्रवाल ने कहा कि जिला स्तरीय अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएची), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर्स (एचडब्ल्यूसी) पर मलेरिया की जांच नि:शुल्क है। मादा मच्छर एनोफीलिज के काटने से मलेरिया फैलता है।
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रविवार को उन्होंने कहा कि चार से आठ घंटे के चक्र में बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, ठंड लगना, पसीना आना और मिचली व उल्टी जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत आशा कार्यकर्ता या स्वास्थ्य कर्मी से संपर्क करें। उनकी मदद से प्रशिक्षित चिकित्सक को दिखा कर उनकी सलाह पर मलेरिया की जांच कराई जानी चाहिए। मच्छरों से बचाव और लक्षण दिखने पर तुरंत जांच और इलाज मलेरिया से बचाव का बेहतर उपाय है। समय से जांच व इलाज न होने से मलेरिया जानलेवा हो सकता है। मलेरिया की दवा बीच में नहीं छोड़नी है। लक्षण समाप्त होने पर भी मलेरिया का पूरा इलाज करवाना है। जिला अस्पताल समेत स्वास्थ्य केंद्रों पर मलेरिया की जांच नि:शुल्क है। मलेरिया में परजीवी संक्रमण और लाल रक्तकोशिकाओं के नष्ट होने के कारण थकान की वजह से एनीमिया, दौरा या चेतना की हानि की स्थिति बन जाती है। सेरिब्रल मलेरिया में परजीवी रक्त के जरिये मस्तिष्क तक पहुंच जाते हैं और यह शरीर के अन्य अंगों में भी पहुंच कर हानि पहुंचाते हैं। गर्भावस्था में मलेरिया का होना गर्भवती के साथ-साथ भ्रूण और नवजात के लिए भी खतरा है। मलेरिया मादा मच्छर एनोफीलिज के काटने से होता है।
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जिला मलेरिया अधिकारी चरन सिंह यादव ने कहाकि मलेरिया का मच्छर सामान्यत: शाम और सुबह के बीच काटता है। अगर किसी स्वस्थ व्यक्ति को मलेरिया का संक्रमित मच्छर काटता है तो वह स्वयं तो संक्रमित होगा ही, दूसरे को भी संक्रमित कर सकता है। मच्छर के काटने के बाद इसका परजीवी लीवर के जरिये लाल रक्त कोशिकाओं तक पहुंचता है और संक्रमण पूरे शरीर में फैलने लगता है और यह रक्त कोशिकाओं को तोड़ने लगता है। संक्रमित रक्त कोशिकाएं हर 48 से 72 घंटे में फटती रहती हैं और जब भी फटती हैं बुखार, ठंड लगना और पसीना आने जैसे लक्षण भी सामने आते हैं। इस दौरान डॉक्टर सत्यपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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