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खुलासे के बाद महिला की विधवा पेंशन पर रोक, पाई-पाई की होगी रिकवरी
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अमरोहा। जिला प्रोबेशन विभाग की विधवा पेंशन में फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मचा है। एडीओ ने जांच पर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी है। जीवित पति को स्वर्गीय बनाकर विधवा पेंशन लेने फर्जीवाड़ा सही पाया गया। इसके बाद विभाग ने महिला की पेंशन काट दी है। अब महिला ने पाई-पाई की वसूली होगी। इसके लिए विभाग महिला को वसूली का नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
गंगेश्वरी ब्लाक क्षेत्र के ढबारसी गांव में वृद्धावस्था पेंशन के अलावा विधवा पेंशन में फर्जीवाड़ा हुआ है। जिला प्रोबेशन विभाग में वित्तीय वर्ष 2020-21 की सूची में शामिल एक महिला जीवित पति को स्वर्गीय बनाकर विधवा पेंशन लेती पाई गई है। यह महिला पंद्रह सौ रुपये देकर आठ साल पहले पेंशन की लाभार्थी बनी थी। ऐसा फर्जीवाड़ा विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों की साठगांठ से होना स्वाभाविक हैं। इसके अलावा वर्षों पहले मर चुकीं चार लाभार्थियों के खाते में पेंशन आने का खुलासा हुआ है। जबकि कई महिलाओं को जाति और उनके खाते बदलकर पेंशन दी जा रही है।
अमर उजाला ने फर्जीवाड़े का खुलासा किया तो जिला प्रशासन में खलबली मच गई। शुक्रवार को उच्चधिकारियों ने एडीओ पंचायत परमाचंद गांव भेजकर मामले की जांच कराई। यहां लाभार्थी का पति घर में सकुशल मिला। एडीओ ने महिला से बयान दर्ज किए और फोन से वीडियो बनाई। एडीओ की पूछताछ में महिला ने खुद कबूल किया था कि वह पिछले सात-आठ साल से पेंशन ले रही है। लेकिन, उसे यह नहीं पता कि उसे विधवा पेंशन मिलती है या वृद्धावस्था की। उसने पेंशन बनवाने के लिए दलाल को पहचान पत्र, बैंक की पास बुक और फोटो दिए थे। एडीओ पंचायत ने जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी। प्रकरण सही पाए जाने पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से महिला की पेंशन काट दी है। अब महिला से पाई-पाई की रिकवरी की जाएगी। इसके लिए प्रोबेशन विभाग महिला को रिकवरी का नोटिस जारी करने की तैयारी में हैं।
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एडीओ पंचायत से जीवित पति को स्वर्गीय बनाकर विधवा पेंशन लेने की जांच कराई गई थी। जो सही पाई गई है। महिला गलत तरीके से पेंशन ले रही थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर महिला की पेंशन काट दी गई है। अब महिला से शुरू से अबतक मिली पेंशन धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी। इसके लिए जल्द महिला को नोटिस जारी किया जाएगा।
- शक्तिसरन श्रीवास्तव, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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गंगेश्वरी ब्लाक क्षेत्र के ढबारसी गांव में वृद्धावस्था पेंशन के अलावा विधवा पेंशन में फर्जीवाड़ा हुआ है। जिला प्रोबेशन विभाग में वित्तीय वर्ष 2020-21 की सूची में शामिल एक महिला जीवित पति को स्वर्गीय बनाकर विधवा पेंशन लेती पाई गई है। यह महिला पंद्रह सौ रुपये देकर आठ साल पहले पेंशन की लाभार्थी बनी थी। ऐसा फर्जीवाड़ा विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों की साठगांठ से होना स्वाभाविक हैं। इसके अलावा वर्षों पहले मर चुकीं चार लाभार्थियों के खाते में पेंशन आने का खुलासा हुआ है। जबकि कई महिलाओं को जाति और उनके खाते बदलकर पेंशन दी जा रही है।
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अमर उजाला ने फर्जीवाड़े का खुलासा किया तो जिला प्रशासन में खलबली मच गई। शुक्रवार को उच्चधिकारियों ने एडीओ पंचायत परमाचंद गांव भेजकर मामले की जांच कराई। यहां लाभार्थी का पति घर में सकुशल मिला। एडीओ ने महिला से बयान दर्ज किए और फोन से वीडियो बनाई। एडीओ की पूछताछ में महिला ने खुद कबूल किया था कि वह पिछले सात-आठ साल से पेंशन ले रही है। लेकिन, उसे यह नहीं पता कि उसे विधवा पेंशन मिलती है या वृद्धावस्था की। उसने पेंशन बनवाने के लिए दलाल को पहचान पत्र, बैंक की पास बुक और फोटो दिए थे। एडीओ पंचायत ने जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी। प्रकरण सही पाए जाने पर विभाग ने तत्काल प्रभाव से महिला की पेंशन काट दी है। अब महिला से पाई-पाई की रिकवरी की जाएगी। इसके लिए प्रोबेशन विभाग महिला को रिकवरी का नोटिस जारी करने की तैयारी में हैं।
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एडीओ पंचायत से जीवित पति को स्वर्गीय बनाकर विधवा पेंशन लेने की जांच कराई गई थी। जो सही पाई गई है। महिला गलत तरीके से पेंशन ले रही थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर महिला की पेंशन काट दी गई है। अब महिला से शुरू से अबतक मिली पेंशन धनराशि की रिकवरी कराई जाएगी। इसके लिए जल्द महिला को नोटिस जारी किया जाएगा।
- शक्तिसरन श्रीवास्तव, जिला प्रोबेशन अधिकारी