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Amroha News: फर्जीवाड़ा ः सरकारी विद्यालय में दाखिला निजी स्कूलों में पढ़ रहे 9,700 विद्यार्थी
Sat, 29 Jul 2023 01:27 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sat, 29 Jul 2023 01:27 AM IST
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अमरोहा। जिले के परिषदीय स्कूलों में निजी स्कूलों में पढ़ने वाले नौ हजार 700 विद्यार्थियों का फर्जी तरीके से दाखिला करने का खुलासा हुआ है। ये खुलासा यू डायस पोर्टल पर पंजीकृत विद्यार्थियों का आधार लिंक करने पर हुआ।
सरकारी स्कूलों में फर्जी तरीके से दाखिल इन विद्यार्थियों मिड-डे-मील आदि सरकारी सुविधाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। अभी विभाग की ओर से सत्यापन प्रक्रिया जारी है। ऐसे में अभी फर्जी विद्यार्थियों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।
स्कूल चलो अभियान के तहत शिक्षक अपने स्कूल क्षेत्र के गांवों में घर-घर जाकर अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करते हैं।
साथ ही बच्चों का दाखिला परिषदीय स्कूलों में कराते हैं। अभियान के दौरान शिक्षक को अधिक से अधिक विद्यार्थियों का दाखिला अपने स्कूल में करना होता है। दाखिले कम होने पर शिक्षक की जवाबदेही तय होती है।
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साथ ही विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो जाते हैं। इसलिए शिक्षक अपनी फजीहत से बचने के लिए निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का नाम भी सूची में शामिल कर लेते हैं। ऐसे ही जिले के 1266 बेसिक स्कूलों में नौ हजार सात सौ विद्यार्थी फर्जी पाए गए हैं।
विभागीय यू डायस पोर्टल पर जब बच्चों का आधार लिंक किया गया तो नामांकन गलत पाए गए हैं। स्कूलों में बच्चों का दाखिला तो मिला लेकिन बच्चे नहीं थे।
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सरकारी स्कूलों में फर्जी तरीके से दाखिल इन विद्यार्थियों मिड-डे-मील आदि सरकारी सुविधाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। अभी विभाग की ओर से सत्यापन प्रक्रिया जारी है। ऐसे में अभी फर्जी विद्यार्थियों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।
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स्कूल चलो अभियान के तहत शिक्षक अपने स्कूल क्षेत्र के गांवों में घर-घर जाकर अभिभावकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करते हैं।
साथ ही बच्चों का दाखिला परिषदीय स्कूलों में कराते हैं। अभियान के दौरान शिक्षक को अधिक से अधिक विद्यार्थियों का दाखिला अपने स्कूल में करना होता है। दाखिले कम होने पर शिक्षक की जवाबदेही तय होती है।
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साथ ही विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो जाते हैं। इसलिए शिक्षक अपनी फजीहत से बचने के लिए निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का नाम भी सूची में शामिल कर लेते हैं। ऐसे ही जिले के 1266 बेसिक स्कूलों में नौ हजार सात सौ विद्यार्थी फर्जी पाए गए हैं।
विभागीय यू डायस पोर्टल पर जब बच्चों का आधार लिंक किया गया तो नामांकन गलत पाए गए हैं। स्कूलों में बच्चों का दाखिला तो मिला लेकिन बच्चे नहीं थे।