{"_id":"5af5fcfc4f1c1be1408b4881","slug":"four-monkey-died-in-amroha","type":"story","status":"publish","title_hn":"ढबारसी में 4 बंदरों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ढबारसी में 4 बंदरों की मौत
ब्यूरो अमर उजाला/ढबारसी।
Updated Sat, 12 May 2018 01:58 AM IST
विज्ञापन
demo
बंदरों पर आई आफत जाने का नाम नहीं ले रही है। अब फिर से ढबारसी में बंदर काल के गाल में समान लगे हैं। शुक्रवार की सुबह चार बंदरों ने दम तोड़ दिया। इनकी मौत भी कुछ ऐसी हालत में हुई जैसे कि पिछले महीने करीब डेढ़ सौ बंदरों की हो गई थी।
शुक्रवार को ढबारसी में चार बंदर मरे हुए मिले। बंदरों के मरने का यह सिलसिला करीब एक महीने बाद फिर से शुरू हो गया है। गौरतलब है कि मार्च के महीने में यहां बंदरों की मौत होनी शुरू हुई थी। उस दौरान मोहल्ला होलीवाला में रोजाना करीब दस से बारह बंदर मर रहे थे। ये बंदर बीमार होकर मरते थे। खूनी दस्त और कमजोरी में बंदरों की मौत होती रही। मामले में खूब हल्ला हुआ। डाक्टरों की टीम ने भी करीब दस दिनों तक गांव में डेरा डाल लिया था। इन्होंने लगातार बंदरों का इलाज किया। मामला बढ़ा तो भारतीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों की टीम भी दो बार ढबारसी आई। दो मरे हुए बंदर भी बरेली भेजे गए थे। वहीं दो बंदरों का पोस्टमार्टम कर बिसरा बरेली भेजा गया। जिसमें चूहे मार दवाई के सेवन से बंदरों की मौत होना सामने आया। बाद में बरेली के वैज्ञानिक के ढबारसी में बिखरे मिले नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए ले गए। इसकी रिपोर्ट में साफ हो गया था कि जहरीला नमकीन खाने से ही बंदरों की मौत हुई थी। एक महीने तक यह मामला शांत रहा लेकिन, अब फिर से बंदरों की मौत होने लगी है।
विज्ञापन
शुक्रवार को ढबारसी में चार बंदर मरे हुए मिले। बंदरों के मरने का यह सिलसिला करीब एक महीने बाद फिर से शुरू हो गया है। गौरतलब है कि मार्च के महीने में यहां बंदरों की मौत होनी शुरू हुई थी। उस दौरान मोहल्ला होलीवाला में रोजाना करीब दस से बारह बंदर मर रहे थे। ये बंदर बीमार होकर मरते थे। खूनी दस्त और कमजोरी में बंदरों की मौत होती रही। मामले में खूब हल्ला हुआ। डाक्टरों की टीम ने भी करीब दस दिनों तक गांव में डेरा डाल लिया था। इन्होंने लगातार बंदरों का इलाज किया। मामला बढ़ा तो भारतीय चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों की टीम भी दो बार ढबारसी आई। दो मरे हुए बंदर भी बरेली भेजे गए थे। वहीं दो बंदरों का पोस्टमार्टम कर बिसरा बरेली भेजा गया। जिसमें चूहे मार दवाई के सेवन से बंदरों की मौत होना सामने आया। बाद में बरेली के वैज्ञानिक के ढबारसी में बिखरे मिले नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए ले गए। इसकी रिपोर्ट में साफ हो गया था कि जहरीला नमकीन खाने से ही बंदरों की मौत हुई थी। एक महीने तक यह मामला शांत रहा लेकिन, अब फिर से बंदरों की मौत होने लगी है।
विज्ञापन