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Amroha News: मुनाफा तो दूर, लागत भी नहीं निकाल रहा टमाटर

Mon, 09 Jun 2025 02:06 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Mon, 09 Jun 2025 02:06 AM IST
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Forget about profits, tomatoes are not even recovering their costs
मंडी धनौरा (अमरोहा)।
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टमाटर की खेती कभी किसानों को मालामाल, तो कभी उन्हें कर्जे में दबा देते हैं। इस बार भी टमाटर के गिरते भाव ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। मुनाफा तो दूर, उन्हें लागत भी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में किसान टमाटर को सड़क व खेतों में ही फेंकने को मजबूर हैं। पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश से भी टमाटर की फसल को नुकसान पहुंचा है। मंडी में थोक में टमाटर छह से आठ रुपये किलो की दर से ही बिक रहा है।
जिले में बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती होती है। धनौरा क्षेत्र में 24 से भी ज्यादा गांवों में बड़े पैमाने पर टमाटर की खेती होती है। इनमें इंदरपुर, नसीरपुर, मोहनपुर, शाहबाजपुर, मंढैया, धनौरी खुर्द, कैसरा, लालापुरी, खाबड़ी, मोहम्मदपुर पटटी, मिट्ठनपुर, चुचैला, दिसौरा, डींगरा, बिहापुरी, मलकपुर, कमालपुर काजी, मुसल्लेपुर आदि गांव शामिल हैं। टमाटर की खेती करने के लिए किसान को काफी मशक्कत करनी पड़ती हैं। किसानों को इस बार टमाटर की खेती से अच्छा मुनाफे की उम्मीद थी, लेकिन बंपर पैदावार और बाहर की डिमांड न होने से टमाटर के रेट औंधे मुंह गिर गए। वहीं, टमाटर की सप्लाई जिले के बाहर व अन्य प्रदेशों में भी न होने से किसानों को ठीक दाम नहीं मिल पा रहे है।
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अप्रैल माह में टमाटर के रेट थोक में चार से छह रुपये किलो तक थे। टमाटर उत्पादकों और आढ़तियों का मानना था कि जब टमाटर की आपूर्ति दिल्ली, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश को होगी तो किसानों को टमाटर के अच्छे भाव मिलेंगे। बीते 20 दिन से टमाटर बाहर जाना शुरू हुआ है। लेकिन रेट में कोई विशेष फर्क नहीं पड़ा। बाहर से आने वाले व्यापारी किसानों के खेत से ही टमाटर खरीद रहे हैं। बढि़या क्वालिटी का टमाटर आठ रुपये किलोग्राम बिक रहा है। व्यापारियों द्वारा रिजेक्ट किया गया टमाटर मंडी में छह रुपये किलो में बिक रहा है।
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प्रति किलो पांच रुपये आती है लागत : महीपाल
गांव मोहनपुर निवासी टमाटर उत्पादक महीपाल सिंह का कहना है कि टमाटर की उत्पादन लागत ही पांच रुपये प्रति किलो है। ऐसे में किसान की मेहनत का कोई प्रतिफल नहीं मिलता है। इस बार किसान टमाटर की खेती कर पछता रहे हैं। मंडी में टमाटर लेकर पहुंचते है तो दाम भी कम मिलने पर परेशानी होती है। कई बार गर्मी में टमाटर खराब भी हो जाते है।
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गर्मी में जल्दी पक जाते है टमाटर : कमल
अमरोहा निवासी किसान कमल सिंह का कहना है कि शुरुआत से ही टमाटर के अच्छे दाम नहीं मिल सके। जब टमाटर की पैदावार अच्छी थी, तब 120 रुपये प्रति क्रेट तक बिका। हालांकि, अब खेतों में टमाटर कम हो गया तो 200 रुपये प्रति क्रेट थोक के भाव में जा रहा है। जबकि कई बार एक क्रेट के सिर्फ 150 रुपये ही मिलते है। एक क्रेट में करीब 25 किलो टमाटर होते हैं। गर्मी के कारण टमाटर के जल्दी पकने से फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा। जिससे कहीं-कहीं किसान टमाटर को फेंकने के लिए भी मजबूर भी हुए।
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20 से 25 हजार रुपये बीघा तक आती है लागत
कमल सिंह बताते हैं कि टमाटर की बहुत नाजुक खेती होती है। गर्मी की शुरुआत में फसल ठीक रहती है, लेकिन तापमान बढ़ने के साथ ही फसल झुलसने लगती है। साथ ही टमाटर जल्दी पकने लगते हैं। जिससे नुकसान की संभावना बढ़ जाती है। फसल को बचाए रखने के लिए जल्दी सिंचाई करना पड़ती है। एक बीघा खेती में करीब 20 से 25 हजार रुपये की लागत आती है। ऐसी स्थिति में लागत निकलना भी मुश्किल हो जाता है।

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गर्मी के मौसम में टमाटर की फसल को अधिक नुकसान पहुंचता है। ऐसे में खेत में नमी बनाए रखने के लिए समय-समय पर सिंचाई करते रहना चाहिए। साथ ही कीड़ों से बचाने के लिए दवा का छिड़काव भी करना चाहिए। - डॉ. राम प्रवेश, कृषि उपनिदेशक
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