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धुंध का कहर जारी, आखों में जलन, लोग परेशान 16-18-23

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2019 11:33 PM IST
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fog climet change
मरोहा में जोया रोड पर छाई धुंध। - फोटो : JPNAGAR
अमरोहा। दिवाली पर आतिशबाजी के बाद अमरोहा की हवा जहरीली हो गई है। दिवाली के चौथे दिन भी आसमान में सफेद रंग की धुंध छाई रही। आंखों में जलन हो रही है। वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है। सांस रोगियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
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दिवाली के चौथे दिन यानी बुधवार की सुबह लोगों की आंख खोली तो आसमान धुंध के आगोश में था। लोगों समझ रहे थे कि सर्दी आ गई हैं। जिसके चलते हवा में कोहरा फैला हुआ है लेकिन दिन चढ़ने के साथ लोग घर से बाहर निकले तो आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत महसूस करने लगे। दमा के पीड़ितों और बच्चों को अधिक दिक्कत महसूस हुई। जलन की वजह से दोपहिया वाहन चालकों की आंखों से आंसू निकल आए। यही हाल पैदल चलने वालों का भी रहा। कई लोगों को अस्पताल जाना पड़ गया। सुबह से शाम तक तकरीबन प्रत्येक नागरिक की जुबां पर यही सवाल रहा कि फिजा में इतनी धुंध और आंखों में जलन सी क्यों है। चिकित्सकों और पर्यावरण के जानकारों का कहना है कि दीपावली पर हुई आतिशबाजी, वाहन से निकले धुएं ने पर्यावरण को तो बिगाड़ ही दिया है। इससे लोगों की सेहत को भी खराब हो सकती है। चिकित्सकों इस धुंध को साइलेंट किलर बता रहे हैं। उनका कहना है कि लोगों के स्वास्थ्य पर इसका असर पड़ता है। वातावरण में धुंध से कैंसर तक हो सकता है। चिकित्सक सलाह देते हैं कि फेफड़े को धुंध से बचाने के लिए मास्क का प्रयोग करें ताकि सांस लेने में दिक्कत न हो। वातावरण में फैले धुंध से अस्थमा और हृदय संबंधी रोगियों को अधिक समस्या हो सकती है। साथ ही सामान्य लोगों को सूखी खांसी, बलगम, सांस लेने में सीटी की आवाज आना, दम घुटना, गला खराब होना, आंखों में जलन जैसी समस्या हो सकती है। ऐसा होने पर लोगों को चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
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दिवाली पर आतिशबाजी होने और किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाई की वजह से यह प्रदूषण फैला हुआ है। जिसकी वजह से आंखों में जलन महसूस हो रही है। हवा में छाया हुआ धुएं जैसा यह प्रदूषण है। ठंडी पड़ने के कारण यह प्रदूषण जमा हुआ है। जो चार से छह दिन तक रहता है। यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए नुकसान दायक है।
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- डॉ. रमेश चंद्र शर्मा, सीएमओ
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