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Amroha News: रोडवेज बस में उपचार मुहैया कराने वाले फर्स्ट एड बॉक्स बीमार
Sun, 05 Apr 2026 01:01 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Sun, 05 Apr 2026 01:01 AM IST
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अमरोहा। परिवहन निगम की बसों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही सामने आ रही है। बसों में उपचार मुहैया कराने के लिए फर्स्ट एड बॉक्स तो लगे हैं, लेकिन उनमें जरूरी दवाइयां और सामग्री मौजूद नहीं है।
केवल खाली डिब्बों पर फर्स्ट एड लिखा हुआ है। ऐसे में यदि यात्रा के दौरान कोई दुर्घटना हो जाए तो घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल पाना मुश्किल है, जबकि नियमों के तहत बसों में फर्स्ट एड और अग्निशमन व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
रोडवेज बसों में बहुत पहले से ही फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था है। जिससे अगर कोई मामूली घटना हो जाए तो उसे तत्काल उपचार दिया जा सके। बसों में फर्स्ट एड का डिब्बा आज भी बना है, लेकिन अधिकांश बसों में इन डिब्बों में सामग्री नहीं है। इनके अलावा बसों में अग्निशमन यंत्र तो लगे हैं लेकिन उन पर एक्सपाइरी डेट ही नहीं है।
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इससे पता ही नहीं चल रहा कि कब भरा सिलिंडर कब भरा गया और कब तक का समय है। इन सब चीजों का असर यात्रियों पर पड़ता है। क्योंकि अगर कोई दुर्घटना हो जाए तो बसों में फौरीतौर पर कोई इंतजाम नहीं है।
एक चालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिन बसों का अनुबंध है। उनके अधिकांश मालिक फर्स्ट एड की व्यवस्था ही नहीं करते है। लेकिन जो निगम की बस भी है उनमें भी कई बसों में यह बॉक्स खाली ही मिला।
एआरएम केसी गौड़ ने बताया कि अगर ऐसा किसी बस में मामला है तो उसे दिखवाया जाएगा। सभी बसों में अग्निशमन यंत्र लगे होते हैं। जिससे जरुरत पड़ने पर इनका उपयोग किया जा सके। फर्स्ट एड बॉक्स भी है। अगर दवाएं नहीं तो उसे दिखवाया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहले है। किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
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केवल खाली डिब्बों पर फर्स्ट एड लिखा हुआ है। ऐसे में यदि यात्रा के दौरान कोई दुर्घटना हो जाए तो घायलों को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल पाना मुश्किल है, जबकि नियमों के तहत बसों में फर्स्ट एड और अग्निशमन व्यवस्था अनिवार्य है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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रोडवेज बसों में बहुत पहले से ही फर्स्ट एड बॉक्स की व्यवस्था है। जिससे अगर कोई मामूली घटना हो जाए तो उसे तत्काल उपचार दिया जा सके। बसों में फर्स्ट एड का डिब्बा आज भी बना है, लेकिन अधिकांश बसों में इन डिब्बों में सामग्री नहीं है। इनके अलावा बसों में अग्निशमन यंत्र तो लगे हैं लेकिन उन पर एक्सपाइरी डेट ही नहीं है।
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इससे पता ही नहीं चल रहा कि कब भरा सिलिंडर कब भरा गया और कब तक का समय है। इन सब चीजों का असर यात्रियों पर पड़ता है। क्योंकि अगर कोई दुर्घटना हो जाए तो बसों में फौरीतौर पर कोई इंतजाम नहीं है।
एक चालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिन बसों का अनुबंध है। उनके अधिकांश मालिक फर्स्ट एड की व्यवस्था ही नहीं करते है। लेकिन जो निगम की बस भी है उनमें भी कई बसों में यह बॉक्स खाली ही मिला।
एआरएम केसी गौड़ ने बताया कि अगर ऐसा किसी बस में मामला है तो उसे दिखवाया जाएगा। सभी बसों में अग्निशमन यंत्र लगे होते हैं। जिससे जरुरत पड़ने पर इनका उपयोग किया जा सके। फर्स्ट एड बॉक्स भी है। अगर दवाएं नहीं तो उसे दिखवाया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहले है। किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।