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Amroha News: पदोन्नति व मनचाही पोस्टिंग का झांसा देकर दो लाख लेने के आरोप में तत्कालीन तहसीलदार पर प्राथमिकी
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हसनपुर (अमरोहा)। पदोन्नति और मनचाही पोस्टिंग कराने का झांसा देकर दो लाख रुपये लेने के आरोप में हसनपुर के तत्कालीन तहसीलदार सुदीप कुमार के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। सुदीप कुमार वर्तमान में गोरखपुर में डिप्टी कलेक्टर हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
हसनपुर के मोहल्ला होलीवाला निवासी मोहम्मद यूनुस उर्दू अनुवादक हैं। उनका आरोप है कि एक जनवरी 2024 को तत्कालीन तहसीलदार सुदीप कुमार ने उन्हें एसडीएम कोर्ट में अहलमद फौजदारी लिपिक के पद पर पोस्टिंग कराने का भरोसा दिया था। इसके एवज में दो लाख रुपये मांगे गए। यूनुस के मुताबिक उन्होंने रकम का इंतजाम कर अपने परिचित के माध्यम से उसी दिन रुपये पहुंचा दिए।
आरोप है कि काफी समय बीतने के बाद भी पोस्टिंग नहीं हुई। रकम वापस मांगने पर भी टालमटोल की जाती रही। इसी दौरान सुदीप कुमार का तबादला गोरखपुर हो गया। यूनुस का कहना है कि इसके बाद भी रुपये वापस नहीं किए गए और अब रकम लौटाने से इन्कार कर दिया गया। पीड़ित ने कार्रवाई के लिए 23 फरवरी को एसपी को शिकायतीपत्र दिया था। प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
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सीओ पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर रहरा थाने में सुदीप कुमार के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मुझ पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। मैंने किसी से कोई पैसा नहीं लिया है। अब तक इस संबंध में जो भी जांच हुई है उसमें सभी आरोप गलत साबित हो चुके हैं। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई रिपोर्ट की मुझे कोई जानकारी नहीं है। यदि रिपोर्ट दर्ज हुई है तो इसका नियमानुसार जवाब दिया जाएगा।
- सुदीप कुमार, पूर्व तहसीलदार हसनपुर।
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हसनपुर के मोहल्ला होलीवाला निवासी मोहम्मद यूनुस उर्दू अनुवादक हैं। उनका आरोप है कि एक जनवरी 2024 को तत्कालीन तहसीलदार सुदीप कुमार ने उन्हें एसडीएम कोर्ट में अहलमद फौजदारी लिपिक के पद पर पोस्टिंग कराने का भरोसा दिया था। इसके एवज में दो लाख रुपये मांगे गए। यूनुस के मुताबिक उन्होंने रकम का इंतजाम कर अपने परिचित के माध्यम से उसी दिन रुपये पहुंचा दिए।
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आरोप है कि काफी समय बीतने के बाद भी पोस्टिंग नहीं हुई। रकम वापस मांगने पर भी टालमटोल की जाती रही। इसी दौरान सुदीप कुमार का तबादला गोरखपुर हो गया। यूनुस का कहना है कि इसके बाद भी रुपये वापस नहीं किए गए और अब रकम लौटाने से इन्कार कर दिया गया। पीड़ित ने कार्रवाई के लिए 23 फरवरी को एसपी को शिकायतीपत्र दिया था। प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर उन्होंने न्यायालय की शरण ली।
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सीओ पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर रहरा थाने में सुदीप कुमार के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुझ पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं। मैंने किसी से कोई पैसा नहीं लिया है। अब तक इस संबंध में जो भी जांच हुई है उसमें सभी आरोप गलत साबित हो चुके हैं। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई रिपोर्ट की मुझे कोई जानकारी नहीं है। यदि रिपोर्ट दर्ज हुई है तो इसका नियमानुसार जवाब दिया जाएगा।
- सुदीप कुमार, पूर्व तहसीलदार हसनपुर।