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Amroha News: चेक बाउंस के मामले में धान कारोबारी पर 7.50 लाख रुपये का जुर्माना
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अमरोहा। चेक बाउंस के मामले में सीजेएम कोर्ट ने धान खरीदने वाले कारोबारी पर 7.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही छह महीने की सजा सुनाई है। दोषी कारोबारी को 10 हजार रुपये राज्य निधि में जमा करने होंगे।
रजबपुर थानाक्षेत्र के गांव सलारपुर खालसा गांव में किसान रफीक खां का परिवार रहता है। उनके बेटे गुलाम नबी पेशे से धान कारोबारी हैं। उन्होंने कस्बा जोया के मोहल्ला मुंशियान निवासी मोहम्मद रफी को 1730 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 421.88 क्विंटल धान बेचा था। जिसकी कीमत 7 लाख 29 हजार 852 रुपये हुई। 4 नवंबर 2022 को धान खरीदने वाले कारोबारी मोहम्मद रफी ने प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक का 7 लाख रुपये का एक चेक दिया। जबकि 29852 रुपये नगद दे दिये। जिसके बाद पीड़ित कारोबारी गुलाम नबी ने चेक को जोया स्थित एसबीआई शाखा में अपने खाते में जमा करा दिया लेकिन खाते में रुपये नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया।
मैनेजर ने रिपोर्ट लगाकर 11 नवंबर 2022 को चेक वापस कर दिया। इसके बाद पीड़ित कारोबारी गुलाम नबी ने धान खरीदने वाले मोहम्मद रफी को नोटिस भेजकर धान का भुगतान करने के लिए कहा। लेकिन नोटिस का कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद गुलाम नबी ने एनआई एक्ट के तहत कोर्ट में वाद दायर कर दिया।
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मामले की सुनवाई एसीजेएम प्रथम अभिषेक कुमार व्यास की कोर्ट में चल रही थी। वरिष्ठ अधिवक्ता मतलूब सुब्हानी के मुताबिक पत्रावली के अवलोकन और साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने मोहम्मद रफी को दोषी माना है। साथ ही 7.50 लाख जुर्माना और छह महीने जेल की सजा सुनाई है। धनराशि से दस हजार रुपये राज्य निधि में जमा करने का भी आदेश दिए हैं।
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रजबपुर थानाक्षेत्र के गांव सलारपुर खालसा गांव में किसान रफीक खां का परिवार रहता है। उनके बेटे गुलाम नबी पेशे से धान कारोबारी हैं। उन्होंने कस्बा जोया के मोहल्ला मुंशियान निवासी मोहम्मद रफी को 1730 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 421.88 क्विंटल धान बेचा था। जिसकी कीमत 7 लाख 29 हजार 852 रुपये हुई। 4 नवंबर 2022 को धान खरीदने वाले कारोबारी मोहम्मद रफी ने प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक का 7 लाख रुपये का एक चेक दिया। जबकि 29852 रुपये नगद दे दिये। जिसके बाद पीड़ित कारोबारी गुलाम नबी ने चेक को जोया स्थित एसबीआई शाखा में अपने खाते में जमा करा दिया लेकिन खाते में रुपये नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया।
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मैनेजर ने रिपोर्ट लगाकर 11 नवंबर 2022 को चेक वापस कर दिया। इसके बाद पीड़ित कारोबारी गुलाम नबी ने धान खरीदने वाले मोहम्मद रफी को नोटिस भेजकर धान का भुगतान करने के लिए कहा। लेकिन नोटिस का कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद गुलाम नबी ने एनआई एक्ट के तहत कोर्ट में वाद दायर कर दिया।
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मामले की सुनवाई एसीजेएम प्रथम अभिषेक कुमार व्यास की कोर्ट में चल रही थी। वरिष्ठ अधिवक्ता मतलूब सुब्हानी के मुताबिक पत्रावली के अवलोकन और साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने मोहम्मद रफी को दोषी माना है। साथ ही 7.50 लाख जुर्माना और छह महीने जेल की सजा सुनाई है। धनराशि से दस हजार रुपये राज्य निधि में जमा करने का भी आदेश दिए हैं।